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दुबई में ‘कैद’ हुई गोल्डन जुबली की खुशियां: अनूपशहर के प्रबंधक दंपती 7 दिन बाद भारत लौटे, होटल में फंसे थे – Anupshahr News

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दुबई में ‘कैद’ हुई गोल्डन जुबली की खुशियां:  अनूपशहर के प्रबंधक दंपती 7 दिन बाद भारत लौटे, होटल में फंसे थे – Anupshahr News

दुबई में ‘कैद’ हुई गोल्डन जुबली की खुशियां: अनूपशहर के प्रबंधक दंपती 7 दिन बाद भारत लौटे, होटल में फंसे थे – Anupshahr News


शादी की 50वीं सालगिरह को यादगार बनाने का सपना सात समंदर पार दुबई की गलियों में किसी डरावने अनुभव में बदल जाएगा,ऐसा अनूपशहर के बिरौली गांव निवासी प्रेमपाल सिंह ने कभी सोचा भी नहीं था। विद्यालय प्रबंधक प्रेमपाल सिंह अपनी पत्नी आशा सिंह के साथ अपनी ‘गोल्डन जुबली’ मनाने दुबई गए थे,लेकिन वहां बिगड़े हालातों और एयरपोर्ट बंद होने के कारण वे वहां फंस गए। करीब एक सप्ताह के मानसिक तनाव और अनिश्चितता के बाद कल शाम यह दंपती सुरक्षित दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा,तब जाकर परिजनों ने राहत की सांस ली। 26 फरवरी को था जश्न, 27 से शुरू हुआ संकट ​प्रेमपाल सिंह और आशा सिंह 25 फरवरी की रात को पूरे उत्साह के साथ दुबई पहुंचे थे।26 फरवरी को उन्होंने अपनी शादी की 50वीं सालगिरह बेहद धूमधाम से मनाई। पहले से तय कार्यक्रमों के अनुसार उन्होंने दुबई के दर्शनीय स्थलों की सैर की और खुशियां बांटीं।उनकी वापसी 1 मार्च को तय थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। 27 फरवरी से वहां अचानक हालात बिगड़ने लगे। देखते ही देखते दुबई प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया और पर्यटकों को होटलों में ही रुकने की सख्त हिदायत दी गई। ​एयरपोर्ट बंद, दूतावास से नहीं हुआ संपर्क ​28 फरवरी और 1 मार्च का दिन भारी तनाव में बीता। एयरपोर्ट बंद कर दिया गया और सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं। प्रेमपाल सिंह ने बताया कि 2 मार्च तक स्थिति ‘डिप्रेशन’ जैसी हो गई थी। भारत कब लौट पाएंगे,इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा था। भारतीय दूतावास से भी संपर्क नहीं हो पा रहा था। होटल के कमरों में कैद इस दंपती की हिम्मत जवाब देने लगी थी। केवल फोन पर घर मौजूद बच्चों से बात कर वे खुद को ढांढस बंधा रहे थे। ​ होटल वालों की मनमानी और फिर मिली राहत ​पीड़ित दंपती के अनुसार,दुबई प्रशासन ने घोषणा की थी कि पर्यटकों से रुकने और खाने का चार्ज न लिया जाए, लेकिन होटल प्रबंधन ने संवेदनहीनता दिखाई। उन्होंने केवल 30 प्रतिशत की छूट दी और बाकी भुगतान वसूला। भारी अनिश्चितता के बीच 4 मार्च को अचानक फ्लाइट की सूचना मिली, जिसके बाद उनकी जान में जान आई। घर पहुंचकर जताएंगे ईश्वर का आभार
​5 मार्च (कल) शाम जब यह बुजुर्ग दंपती दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा, तो उनकी आंखों में आंसू थे। प्रेमपाल सिंह ने बताया कि वह 50वीं सालगिरह की खुशियां तो काफूर हो गईं, लेकिन सुरक्षित घर लौटना किसी पुनर्जन्म से कम नहीं है। अब परिवार के साथ मिलकर वे भगवान का आभार जताने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की योजना बना रहे हैं।

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