अमेरिका इंडिया ट्रेड डील पर जाखड़ बोले: कांग्रेस में सीएम कुर्सी दौड़ में पिछड़े नेताओं के बयान आए, सीएम वीजा रद्द होने से सदमे में – Chandigarh News h3>
पंजाब बीजेपी के प्रधान सुनील जाखड़ ने अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील पर संतुष्टि जताई है। उन्होंने साफ किया है कि इसमें देश और पंजाब के किसानों का पूरा ख्याल रखा गया है। वहीं, इस बहाने उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की तरफ से कल से इस संबंध में अच्छा या बुरा कोई बयान नहीं आया है। सीएम अपने वीजा के चक्कर में लगे हैं। वह वीजा कैंसिल होने से सदमे में हैं। जबकि कांग्रेस में मुख्यमंत्री कुर्सी की रेस में जो थोड़े पीछे समझे जा रहे हैं, उन्होंने एक-दो बयान जरूर दिए हैं। वहीं, उन्होंने दो आईएएस अधिकारियों के सस्पेंड होने पर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में गृहमंत्री को संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आयरन फ्रेम फॉर डेमोक्रेसी है। मैं पहले हिंदुस्तानी फिर किसान बीजेपी प्रधान ने कहा कि इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील में पंजाब के किसान, मजदूर व इंडस्ट्री को ध्यान में रखकर समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए भारत सरकार को बधाई देना बनता है। हमारे लिए कई तरह के संशय थे, लेकिन भारत सरकार ने जिस तरह मसले को हल किया, विपक्ष के नेताओं को तारीफ करनी चाहिए थी। बहुत सारे खतरे दूर हुए हैं। जाखड़ ने कहा, “मैं पहले हिंदुस्तानी, फिर पंजाबी हूं और उसके बाद किसान हूं।” अमेरिका जिस तरह की सब्सिडी किसानों को देता है, उस वजह से हमारे किसानों में डर था, लेकिन हर चीज पर सरकार ने पहरा दिया। इसके बावजूद विपक्ष का कोई बयान नहीं आया। सीएम का भी कोई बयान नहीं आया। शायद वह अपने वीजा के चक्कर में हैं। कांग्रेस की सारी लीडरशिप चुप है। एक-आधा आवाज उठाता है, वह भी वही हैं जो ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ की रेस में खुद को पिछड़ा हुआ महसूस करते हैं। उनके एक-दो बयान आए हैं, जबकि सीएम या आम आदमी पार्टी का कोई बयान नहीं आया है। सीएम कल से वीजा रद्द होने से सदमें में है। IAS को सस्पेंड करने का केंद्र संज्ञान ले जाखड़ ने सवाल उठाया कि कल रात दो आईएएस अफसरों को सस्पेंड किया गया है। किस काम के लिए उन्हें सस्पेंड किया गया है? क्या इसलिए कि वे सरकार की मनमानी लेनदेन में एग्री नहीं थे? ब्यूरोक्रेसी आयरन फ्रेम ऑफ डेमोक्रेसी है। टेलीफोन तो आंगनवाड़ी वर्करों को ले रहे थे, लेकिन लेनदेन की सौदेबाजी पर हामी न भरने से यह सब कुछ हुआ। केंद्र सरकार को इस मामले में स्टैंड लेना चाहिए। यह चीज बहुत ही दुखद है। इस आयरन फ्रेम को आम आदमी पार्टी की करप्शन वाली जंग नहीं लगनी चाहिए। वे लोग, जो डेढ़-डेढ़ या दो साल की सजा काटकर यहां आए हैं, वे तय करेंगे हमारे इस स्टील फ्रेम का फ्यूचर—यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं गृहमंत्री से मांग करता हूं कि इन अफसरों की एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल फाइल मंगवाई जाए। चीफ सेक्रेटरी और चीफ मिनिस्टर को जिम्मेदार ठहराया जाए। वहीं, उन्होंने कहा कि सरकार तो बाहर वाले चला रहे हैं, सीएम तो बस चेहरा हैं। संसद में क्यों नहीं उठाएं सवाल जाखड़ ने कहा कि पंजाब के सांसदों पर भी सवाल उठता है। उन्होंने कहा कि संसद के अंदर उन्होंने पंजाब का कोई मुद्दा नहीं उठाया। संसद की बैठकों में सिर्फ बैठे रहे। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि गैंगस्टरों ने ऑपरेशन प्रहार के बाद पुलिस अधिकारियों के बाहर बैठे बच्चों को धमकियां दीं, इसके बाद अधिकारियों ने डीजीपी से मीटिंग की- इस पर जाखड़ ने कहा कि उनके ध्यान में इस तरह का मामला आया है। अगर यह सच है, तो फिर पंजाब में क्या हालात हैं? क्या फिर केजरीवाल के पास अधिकार है कि इस तरह पंजाब की सरकार चलाए?
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