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पंजाब के मीडिया समूह पर सरकारी एक्शन: होटल की बिजली भी काटी; विरोधी बोले- धक्केशाही, बैंस का जवाब- गैरकानूनी गतिविधियां रोकीं – Jalandhar News

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पंजाब के मीडिया समूह पर सरकारी एक्शन:  होटल की बिजली भी काटी; विरोधी बोले- धक्केशाही, बैंस का जवाब- गैरकानूनी गतिविधियां रोकीं – Jalandhar News

पंजाब के मीडिया समूह पर सरकारी एक्शन: होटल की बिजली भी काटी; विरोधी बोले- धक्केशाही, बैंस का जवाब- गैरकानूनी गतिविधियां रोकीं – Jalandhar News


पंजाब में जालंधर बेस्ड मीडिया हाउस पंजाब केसरी ग्रुप पर पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और लेबर डिपार्टमेंट ने कार्रवाई की है। मीडिया समूह से जुड़े अलग-अलग बिजनेस पर जांच के लिए टीमें पहुंचीं। PPCB और एक्साइज डिपार्टमेंट ने बस स्टैंड के पास बने होटल की बिजली सप्लाई काटकर उसके शराब पिलाने के लाइसेंस को रद्द कर दिया है। मीडिया हाउस की मैनेजमेंट का दावा है कि ये कार्रवाई टारगेट बनाकर की गई है। होटल का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है। पंजाब के दो विभागों की इस कार्रवाई के खिलाफ गवर्नर को लेटर लिखा गया है। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि AAP के नेशनल कन्वीनर के खिलाफ विरोधियों के बयानों पर खबर प्रकाशित करने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। हालांकि पंजाब सरकार ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई है। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने भी कहा कि यह कार्रवाई किसी सिर्फ गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए की गई है। 2 दिन पहले हुई कार्रवाई
मीडिया हाउस के दफ्तर में 2 दिन पहले लेबर डिपार्टमेंट ने कार्रवाई की और कर्मचारियों के लेखा-जोखा से संबंधित दस्तावेज चेक किए। इसके बाद पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम ने होटल पर कार्रवाई की। यहां नियमों का हवाला देकर बिजली का कनेक्शन कटवा दिया गया। इसके साथ ही होटल को सील करने की प्रक्रिया अपनाई गई। यही नहीं कंपनी की बठिंडा स्थिति प्रिंटिंग यूनिट में भी कार्रवाई की गई है। यहां गेट पर तैनात कर्मचारियों का कहना है कि जब टीम को अंदर जाने की वजह पूछी तो उसे पीटा गया। गेट नहीं खोला गया तो सीढ़ियां लगाकर टीम अंदर गई। एक्साइज और पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की कार्रवाई
एक्साइज विभाग का दावा है कि मीडिया समूह की होटल मैनजेमेंट ने तय शराब कोटे से ज्यादा का यूज किया है। इसके अलावा ये भी दावा किया गया है कि यहां से एक्सपायरी शराब मिली है। अभी तक विभाग की तरफ करवाई गई FIR की कॉपी सामने नहीं आई है। इसलिए दैनिक NEWS4SOCIALकिसी भी दावे की पुष्टि नहीं करता। मीडिया समूह की मैनेजमेंट का कहना है कि उनके जालंधर, लुधियाना और बठिंडा स्थित प्रिंटिंग इकाइयों पर फैक्ट्री विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने छापेमारी की। यहां लेबर लॉ और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जांच की गई। कार्रवाई को लेकर पंजाब कांग्रेस प्रधान और शिक्षा मंत्री आमने-सामने वड़िंग ने लिखा- जनता की आवाज को मत दबाइए
मीडिया हाउस पर कार्रवाई को लेकर पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया पर लिखा- जनता की आवाज को मत दबाइए। यह अत्यंत निंदनीय और आक्रोशजनक है कि पंजाब के मीडिया समूह को आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा इस तरह की खुलेआम प्रताड़ना और डराने-धमकाने का सामना करना पड़ रहा है। आशा है कि माननीय पंजाब के राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेंगे। हमें किसी भी कीमत पर अपने मीडिया संस्थानों को इस तरह की खुली धमकी और दबाव का शिकार नहीं बनने देना चाहिए। अगर मीडिया हाउस के साथ ऐसा हो सकता है तो पंजाब के आम आदमी की हालत का अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है। बैंस का जवाब- गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
राजा वड़िंग को सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने लिखा- क्या अवैध शराब जब्त करना “प्रताड़ना” है? क्या बिना उपचारित रसायनों से भूजल को जहरीला करने वाले होटल को रोकना “डराने-धमकाने” की कार्रवाई है? राजा वड़िंग, इन कार्रवाइयों का बचाव करके आप असल में यह कह रहे हैं कि ताकतवर मीडिया घरानों को कानून तोड़ने, असुरक्षित भोजन बेचने और मजदूरों का शोषण करने की खुली छूट मिलनी चाहिए। अगर यही अपराध कोई आम आदमी करता, तो उसे क़ानून का सामना करना पड़ता तो फिर एक मीडिया मुगल के साथ अलग व्यवहार क्यों? यह प्रेस पर हमला नहीं, बल्कि गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई है। मीडिया हाउस पर कार्रवाई को लेकर किसने क्या कहा.. पंजाब सरकार बोली- स्वतंत्रता की आड़ में नियम तोड़ने की छूट नहीं
न्यूज एजेंसी PTI ने पंजाब सरकार के हवाले से लिखा कि सरकार ने मीडिया हाउस की तरफ से लगाए सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक द्वेष के कारण नहीं, बल्कि कानून के गंभीर उल्लंघनों के आधार पर की गई है। सरकार के अनुसार, प्रेस की स्वतंत्रता का अर्थ यह कतई नहीं है कि किसी व्यवसायिक इकाई को आबकारी (Excise), श्रम और पर्यावरण संबंधी नियमों को तोड़ने की छूट मिल जाए। मीडिया हाउस की गवर्नर को भेजी चिट्‌ठी…

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