सरकारी अस्पतालों के गेट रात में भी खुले रहेंगे: लापरवाही पर महिला आयोग की अध्यक्ष नाराज हुईं, कठोर कार्रवाई के निर्देश – Hardoi News h3>
फैजी खान | हरदोई2 मिनट पहले
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महिला आयोग की सदस्य ने शिकायतें सुनीं।
हरदोई में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बुधवार को कलेक्ट्रेट के स्वामी विवेकानंद सभागार में महिला कल्याण और सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सरकारी अस्पतालों के रात में गेट बंद होने पर कड़ी नाराजगी जताई और उन्हें 24 घंटे खुला रखने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला उत्पीड़न के मामलों में दोषियों पर कठोर कार्रवाई के भी आदेश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान डॉ. चौहान को शिकायत मिली कि मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी अस्पतालों के गेट रात में बंद कर दिए जाते हैं, जिससे मरीजों को इलाज मिलने में भारी कठिनाई होती है। इस पर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी सरकारी अस्पताल का गेट रात में बंद नहीं किया जाएगा।
महिला आयोग की सदस्य ने शिकायतें सुनीं।
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सुरक्षा के लिए चिकित्सा अधिकारियों को 24 घंटे गार्डों की व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही, आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस विभाग की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष ने अपर पुलिस अधीक्षक और महिला थानाध्यक्ष को बालिकाओं से छेड़छाड़, मारपीट और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने ‘मिशन शक्ति’ के तहत ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
शिक्षा विभाग को स्कूलों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और उन्हें खेल-कूद व संगीत जैसी गतिविधियों से मानसिक रूप से सशक्त बनाने के निर्देश दिए गए। अन्य विभागों से भी सरकारी योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को कहा गया।
बैठक के बाद आयोजित ‘महिला जनसुनवाई’ में अध्यक्ष ने 17 शिकायतों को सुना और उनके त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को मौके पर ही आदेश दिए। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य श्रीमती एकता सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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फैजी खान | हरदोई2 मिनट पहले
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महिला आयोग की सदस्य ने शिकायतें सुनीं।
हरदोई में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बुधवार को कलेक्ट्रेट के स्वामी विवेकानंद सभागार में महिला कल्याण और सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सरकारी अस्पतालों के रात में गेट बंद होने पर कड़ी नाराजगी जताई और उन्हें 24 घंटे खुला रखने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला उत्पीड़न के मामलों में दोषियों पर कठोर कार्रवाई के भी आदेश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान डॉ. चौहान को शिकायत मिली कि मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी अस्पतालों के गेट रात में बंद कर दिए जाते हैं, जिससे मरीजों को इलाज मिलने में भारी कठिनाई होती है। इस पर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी सरकारी अस्पताल का गेट रात में बंद नहीं किया जाएगा।
महिला आयोग की सदस्य ने शिकायतें सुनीं।
सुरक्षा के लिए चिकित्सा अधिकारियों को 24 घंटे गार्डों की व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही, आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस विभाग की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष ने अपर पुलिस अधीक्षक और महिला थानाध्यक्ष को बालिकाओं से छेड़छाड़, मारपीट और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने ‘मिशन शक्ति’ के तहत ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
शिक्षा विभाग को स्कूलों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और उन्हें खेल-कूद व संगीत जैसी गतिविधियों से मानसिक रूप से सशक्त बनाने के निर्देश दिए गए। अन्य विभागों से भी सरकारी योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को कहा गया।
बैठक के बाद आयोजित ‘महिला जनसुनवाई’ में अध्यक्ष ने 17 शिकायतों को सुना और उनके त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को मौके पर ही आदेश दिए। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य श्रीमती एकता सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
