विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने के नाम पर दिल्ली के कारोबारी से 1.22 करोड़ ठगे – Patna News h3>
नेताओं और अफसरों का संबंध बता धमकी दी अगमकुआं के रहने वाले सतीश कुमार से साइबर अपराधियों ने एक लाख की ठगी कर ली। उन्होंने पुलिस को बताया कि पत्नी के पैन कार्ड के लिए आवेदन किया था। आवेदन के अगले ही दिन उनके पास पैन कार्ड की ट्रैकिंग के लिए एक मैसेज आ
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उस मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। मोबाइल पर बात करने वाले ने उनसे आधार कार्ड की जानकारी पूछ ली। उसी लिंक के माध्यम एक रुपया ट्रांसफर करने को कहा। एक रुपया ट्रांसफर करते ही उनके खाते से दो बार में एक लाख रुपए की निकासी हो गई। सतीश के बयान पर साइबर थाने की पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। मीठापुर के रहने वाले उदय कुमार के खाते से एक लाख की निकासी हो गई। उनके खाते से निकासी होती रही, लेकिन मैसेज नहीं आया। इसी तरह पोस्टल पार्क के पास इंदिरा नगर के रहने वाले सौरव कुमार के खाते से 44 हजार रुपए की निकासी हो गई। दोनों ही मामले साइबर थाना में दर्ज किए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पैन कार्ड के लिए आवेदन किया, शातिर ने एक लाख की ठगी की बिहार के दो जालसाजों ने बिहार विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी से टिकट दिलाने का झांसा देकर दिल्ली में कारोबार करने वाले आदर्श राज से 1 करोड़ 22 लाख 25 हजार की ठगी कर ली। मधेपुरा के शेखपुरा गांव का सिकंदर कुमार और लखीसराय के बड़हिया का शैलेश वत्स दो साल से उनसे ठगी कर रहा था। टिकट नहीं मिलने पर जब रकम वापस मांगी तो दोनों ने जान से मारने की धमकी दी। तब आदर्श ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दोनों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। आदर्श नोएडा के सेक्टर-41 में रहते हैं। वे सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाने के उटेसरा गांव के रहने वाले हैं। वर्ष 2025 में उनके भाई विकास राज ने सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। इधर, केस दर्ज होने के बाद दोनों ने दिल्ली छोड़ दिया। दिल्ली पुलिस उनका सुराग लगाने में जुटी है।
ट्रस्ट के नाम पर रकम ली, लग्जरी गाड़ियां खरीदीं : दोनों ने दिल्ली के अशोक रोड में पंचम धाम न्यास नामक संस्था खोल रखी थी। आदर्श ने बताया कि दोनों ने राजनीतिक लाभ दिलाने का झांसा देने समेत अन्य तरह का बहाना बनाकर कई लोगों से ठगी की है। दो साल से मुझे ठग रहे थे। उन्हें चेक के माध्यम से रकम दी थी। आदर्श ने बताया कि मुझसे ठगी गई रकम से दोनों ने फॉर्च्यूनर खरीद ली। सिकंदर इस संस्था से जुड़ा है, जबकि शैलेश अपने को इसका जनरल सेक्रेटरी और ट्रेजरर बताता है।
आदर्श ने बताया कि शैलेश ने अपनी राजनीतिक पहचान का हवाला देते हुए धनराशि के बदले में राजनीतिक पद दिलाने का वादा किया था। जब रकम वापस मांगी तो इनकार कर दिया। फिर जान से मारने की धमकी दी। राजनीतिक और उच्च अधिकारियों से संपर्क होने का भय दिखाया।
