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सऊदी-अरब से आए शव को मॉर्च्युरी में रखने से इनकार: डेडबॉडी को लेकर एम्स में रातभर बैठे रहे परिजन, सुबह दूसरे हॉस्पिटल लेकर गए – Jodhpur News

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सऊदी-अरब से आए शव को मॉर्च्युरी में रखने से इनकार:  डेडबॉडी को लेकर एम्स में रातभर बैठे रहे परिजन, सुबह दूसरे हॉस्पिटल लेकर गए – Jodhpur News

सऊदी-अरब से आए शव को मॉर्च्युरी में रखने से इनकार: डेडबॉडी को लेकर एम्स में रातभर बैठे रहे परिजन, सुबह दूसरे हॉस्पिटल लेकर गए – Jodhpur News

बालोतरा जिले के गिड़ा निवासी रमेश कुमार मेघवाल की सऊदी अरब में में मौत होने के बाद गुरुवार को उनका शव भारत लाया गया। रमेश के परिजन उसका जोधपुर एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाना चाहते थे, इसलिए डेडबॉडी को जोधपुर एम्स ले आए। यहां पहुंचने पर जोधपुर एम्स प्रशा

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रमेश के भाई गैनाराम के मुताबिक वे गुरुवार पूरी रात जोधपुर एम्स हॉस्पिटल में अपने छोटे भाई रमेश कुमार मेघवाल की डेडबॉडी को लेकर बैठा रहा और एम्स प्रशासन से अपने छोटे भाई के शव को मॉर्च्युरी में रखने की गुहार लगाता रहा लेकिन एम्स प्रशासन का दिल नहीं पसीजा।

रमेश ने बताया- पहले एम्स प्रशासन ने परिजनों से पुलिस की ओर से डेडबॉडी को मॉर्च्युरी में रखने के लिये संबंधित थानाधिकारी का एम्स के नाम पत्र मंगवाने को कहा। जब गिड़ा थानाधिकारी का पत्र भी एम्स प्रशासन को भेज दिया गया उसके बाद भी जोधपुर एम्स प्रशासन ने डेडबॉडी मॉर्च्युरी में रखने से मना कर दिया।

पुलिस अधिकारी पहुंचे, एम्स प्रशासन ने नहीं सुनी

एम्स संस्थान पुलिस चौकी पर रात्रि को तैनात ने कॉन्स्टेबल हंसराज ने भी एम्स प्रशासन को गिड़ा थानाधिकारी की ओर से डेडबॉडी मॉर्चरी में रखने के लिए एम्स प्रशासन के नाम लिखा पत्र दिखाते हुये कहा कि आपको डेड बॉडी को मॉर्च्युरी में रखना चाहिये। इसके बाद कमिश्नेरट मुख्यालय एडीसीपी सुनील कुमार पंवार और बासनी थानाधिकारी एम्स संस्थान पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर्स को मॉर्च्युरी में बॉडी रखवाने को कहा। लेकिन एम्स के डॉक्टर ने तर्क दिया कि यह भारत सरकार का संस्थान है और पीड़ित राज्य सरकार के अधीन शहर के किसी दूसरे हॉस्पिटल या संबंधित जगह पर बॉडी ले जाकर पॉस्टर्माटम करवा सकते हैं।

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रमेश के परिजन एम्बुलेंस में डेडबॉडी लेकर रातभर इंतजार करते रहे।

रातभर किया इंतजार

इस दौरान बॉडी को विदेश से लाने मेंं मदद करने वाले राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक चर्मेश शर्मा ने भी एम्स प्रशासन के इस रवैये का विरोध भी जताया और कहा कि क्षेत्र के आधार पर एम्स में चिकित्सा या किसी सुविधा में भेदभाव नहीं किया जा सकता है। लेकिन एम्स प्रशासन पर कोई असर नहीं हुआ। रमेश कुमार के परिजनों ने एम्स प्रशासन से बॉडी रखने का अनुरोध किया लेकिन प्रशासन नहीं माना। इसके बाद रमेश के परिजन शुक्रवार सुबह बॉडी को एम्बुलेंस में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बालोतरा रवाना हुये।

वहीं , एम्स के प्रवक्ता डॉ. जीवनराम ने कहा कि संस्थान में इलाज के दौरान किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसकी ही बॉडी यहां मॉर्च्युरी में रखी जाती है। दूसरी जगह से आई बॉडी को यहां मॉर्च्युरी में नहीं रखते हैं।

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