नालंदा जिले के सरकारी स्कूलों में एआई ट्रेनिंग: 15 से 19 दिसंबर तक चलेगा कार्यक्रम, छात्रों के लिए 45 मिनट का होगा सेशन – Nalanda News h3>
सरकारी स्कूलों में होगा प्रशिक्षण
बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम 15 से 19 दिसंबर तक ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा।
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पांच दिवसीय प्रशिक्षण की रूपरेखा
केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी) और राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की विशेषज्ञ टीमों की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिदिन दोपहर साढ़े बारह से सवा एक बजे तक 45 मिनट का सत्र होगा। इसमें 20 मिनट सैद्धांतिक ज्ञान और 25 मिनट व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, जिसमें रोजमर्रा की जिंदगी में एआई के उपयोग से संबंधित तथ्यों पर विशेष बल दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूलभूत अवधारणाओं से लेकर स्कूली शिक्षा में इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों तक की व्यापक समझ विकसित की जाएगी। छात्रों को एआई उपकरणों और प्रथाओं से परिचित कराया जाएगा, साथ ही डेटा साक्षरता और विश्लेषण कौशल विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम में नैतिक पहलुओं, डाटा गोपनीयता और एआई के जिम्मेदार उपयोग पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का भी अवसर होगा।
यूट्यूब लाइव के माध्यम से मिलेगा प्रशिक्षण
यूट्यूब लाइव के माध्यम से प्रशिक्षण
कार्यक्रम को सुगम और सुलभ बनाने के लिए यूट्यूब लाइव का उपयोग किया जाएगा। विशेषज्ञों के नेतृत्व में विशेष रूप से तैयार किए गए पाठ्यक्रम और प्रदर्शनों के माध्यम से छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। वास्तविक जीवन के उदाहरणों का उपयोग करते हुए एआई अनुप्रयोगों को समझाया जाएगा, जिससे छात्रों को इस तकनीक की व्यावहारिक उपयोगिता का बोध हो सके।
शिक्षा में क्रांति का माध्यम
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज विश्वभर में शिक्षा, उद्योग और दैनिक जीवन को तेजी से रूपांतरित कर रही है। छात्रों के लिए यह न केवल सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने का माध्यम है, बल्कि रचनात्मकता को बढ़ावा देने, वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने और भविष्य के करियर के लिए तैयार होने का सशक्त साधन भी है।
यह प्रशिक्षण विविध शिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने वाले समावेशी और आकर्षक वातावरण निर्माण में सहायक होगा। एआई को एक शक्तिशाली सहायक के रूप में विकसित करके, यह पहल सभी छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाले और समान शिक्षण अवसरों तक पहुंच प्रदान करने में मददगार साबित होगी।
पांच प्रमुख उद्देश्य
इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के पांच प्रमुख उद्देश्य निर्धारित किए गए हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूलभूत अवधारणाओं का परिचय देना, वास्तविक समस्याओं को हल करने के लिए रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना, डेटा साक्षरता और विश्लेषण कौशल विकसित करना, एआई के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना, तथा एआई अनुप्रयोगों के साथ रचनात्मक समस्या-समाधान को प्रोत्साहित करना।
प्रमाणपत्र और संदर्भ सामग्री
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, छात्रों को संदर्भ सामग्रियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे भविष्य में भी इस विषय का अध्ययन जारी रख सकें।
इच्छुक छात्र https://forms.gle/GPgkevor5PZF2iVz6 लिंक पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं।
