संदीप भूतोड़िया बोले-एनआरआर के लिए सामाजिक निवेश नीति होनी चाहिए: प्रवासी राजस्थानी दिवस के लिए आए जयपुर, कहा- हम राजस्थान की संस्कृति, पर्यटन और विरासत के एम्बेसेडर – Jaipur News h3>
कोलकाता के प्रख्यात संस्कृतिविद्, लेखक एवं समाजसेवी संदीप भूतोड़िया प्रवासी राजस्थानी दिवस में शिरकत करने के लिए जयपुर आए।
कोलकाता के प्रख्यात संस्कृतिविद्, लेखक एवं समाजसेवी संदीप भूतोड़िया प्रवासी राजस्थानी दिवस में शिरकत करने के लिए जयपुर आए। उन्होंने नॉन रेजिडेंट राजस्थानी (एनआरआर) की भावनात्मक और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को मान्यता देने वाले एक फ्रेमवर्क की आवश्यकता प
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भूतोड़िया को ‘फ्रॉम रूट्स टू रूट्स:ट्रांसफॉर्मिंग द एनआरआर इंटू टूरिज्म एम्बेसेडर्स’ सत्र में संबोधित करने के लिए राजस्थान सरकार की ओर से ‘स्टेट गेस्ट’ के रूप में आमंत्रित किया गया था।
भूतोड़िया को ‘फ्रॉम रूट्स टू रूट्स:ट्रांसफॉर्मिंग द एनआरआर इंटू टूरिज्म एम्बेसेडर्स’ सत्र में संबोधित करने के लिए राजस्थान सरकार की ओर से ‘स्टेट गेस्ट’ के रूप में आमंत्रित किया गया था। उन्होंने सत्र में कहा कि एनआरआर का अपने मातृभूमि से एक गहरा भावनात्मक संबंध है और यही जुड़ाव उन्हें बार-बार खींचकर लाता है। उन्होंने आगे कहा, हम राज्य सरकार का वोट बैंक नहीं हैं। चाहे हम दुनिया के किसी भी कोने में रहते हों, हम राजस्थान की संस्कृति, पर्यटन और विरासत के एम्बेसेडर्स हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पोशाक और साफा पहनने जैसी परंपराएं आज भी विश्वभर में जीवित हैं। उन्होंने कंपनियों, संगठनों और व्यक्तियों के साथ एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि टूरिज्म डेस्क और सूचना केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके, जिनमें से कई वर्तमान में बिना कार्मिकों के चल रहे हैं।
भूतोड़िया ने कहा कि राज्य दुनिया की सबसे शानदार शूटिंग लोकेशन में से एक होने के बावजूद, यहां एक समर्पित फिल्म स्टूडियो की कमी है।
फिल्म डेस्टिनेशन के तौर पर राजस्थान की बढ़ती लोकप्रियता पर भूतोड़िया ने कहा कि राज्य दुनिया की सबसे शानदार शूटिंग लोकेशन में से एक होने के बावजूद, यहां एक समर्पित फिल्म स्टूडियो की कमी है। यहां फिल्मों की शूटिंग तो होती है, लेकिन पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए टीमों को अब भी मुंबई जैसे शहरों में जाना पड़ता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज जारी हुई नई पर्यटन नीति राजस्थान में एक समर्पित फिल्म स्टूडियो की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को पूरा करेगी।
उल्लेखनीय है कि भूतोड़िया 10 वर्ष से अधिक तक राजस्थान फाउंडेशन के कोलकाता चैप्टर के सचिव रहे हैं। वे न केवल देशभर में, बल्कि राजस्थान और जयपुर में भी सांस्कृतिक गतिविधियों के सक्रिय प्रवर्तक हैं। प्रभा खेतान फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी के रूप में, उन्होंने भारतीय कला, साहित्य और संस्कृति को भारत से बाहर यूरोप, अमेरिका और पश्चिम एशिया तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही वे भारतीय लोक कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी समर्पित हैं।
