फ्लाइट किराया 5 गुना बढ़ा,फिर भी उड़ान का कंफर्म नहीं: MP में इंडिगो की 65 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल, पैसेंजर लगातार हो रहे परेशान – Bhopal News h3>
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में जारी संकट के कारण मध्यप्रदेश में हजारों यात्री फंस गए हैं। इंदौर, भोपाल और जबलपुर मिलाकर 65 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं।
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यात्रियों को 4-5 गुना अधिक किराया देना पड़ रहा है, फिर भी यह भरोसा नहीं कि नई टिकट से सफर हो ही जाएगा। भोपाल एयरपोर्ट पर हज ग्रुप के 41 यात्रियों को रोक दिया गया, होटल और ट्रांसपोर्ट पहले से बुक, रोज प्रति यात्री 5–6 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है।
किसी का टिकट 6 हजार से बढ़कर 35 हजार तक पहुंच गया, किसी को रातभर एयरपोर्ट पर रुकना पड़ा…यात्रियों का आरोप है कि “एयरलाइन कोई ओनरशिप नहीं ले रही, बस कहती है फ्लाइट कैंसिल है, रिफंड ले लो।
हज यात्री बोले- सारी बुकिंग कन्फर्म, नुकसान हमारा
अयाज हसन, अल-बिलाल टूर्स एंड ट्रैवल्स ऑपरेट करते हैं। वह भोपाल एयरपोर्ट पर बेहद परेशान नजर आए। उनके मुताबिक, 6 दिसंबर को उन्हें अपने 41 यात्रियों के साथ अहमदाबाद पहुंचना था, जहां से जेद्दा की फ्लाइट पकड़नी थी। होटल, ट्रांसपोर्ट और गाइड-सबकी बुकिंग महीनों पहले से हो चुकी है। एयरपोर्ट पहुंचने पर पता चला कि भोपाल से सभी उड़ानें संचालन में ही नहीं हैं।
वे बोले, “हम इसलिए जल्दी आ गए कि यात्रियों को रोक सकें, ताकि वे बेवजह एयरपोर्ट आकर परेशान न हों। हमारे हर यात्री का रोज 5–6 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है, क्योंकि जेद्दा में होटल और गाड़ियों का एडवांस पेमेंट हो गया है। अराइवल न होने पर सारा पैसा कट जाएगा।”
अयाज की सबसे बड़ी चिंता यह है कि किसी अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं, “हमें नहीं पता कि उड़ानें कब शुरू होंगी। 600 किलोमीटर दूर अहमदाबाद तक इतने लोगों को कैसे पहुंचाएं? कोई योजना ही नहीं हैं।
अयाज हसन अल-बिलाल टूर्स एंड ट्रैवल्स ऑपरेट करते हैं।
’35 हजार की टिकट… फिर भी नहीं पता उड़ पाऊंगा या नहीं’
यात्री आशीष बताते है, सुबह इंडिगो से कैंसिलेशन मैसेज आया। दो घंटे बाद दूसरा मैसेज—“We cannot wait to welcome you… please check-in again.” ऑनलाइन चेक-इन करने की कोशिश की तो लिखा आया कि एयरपोर्ट आएं। एयरपोर्ट पहुंचे तो कहा- फ्लाइट कैंसिल है, संदेश ऑटो-जनरेटेड था।
आशीष कहते है, “मुझे इंदौर से गोवा के रास्ते जाना पड़ रहा है। टिकट 35,000 रुपए की मिली, जबकि सामान्य किराया 5–6 हजार होता है। महंगी टिकट लेकर भी कोई गारंटी नहीं कि फ्लाइट उड़ ही जाएगी। सब किस्मत के भरोसे सफर कर रहे हैं।”
एक अन्य यात्री सागर बहुत गुस्से में दिखें। उन्हें अपने सवालों के जवाब नहीं मिल रहे थे।
वेबसाइट पर ‘ऑन-टाइम’, एयरपोर्ट पर-‘मत बुक करो’
यात्री सागर बेहद नाराज दिखे। उन्होंने बताया, वेबसाइट पर फ्लाइट ऑन-टाइम दिख रही है। टिकट बुक करने जाओ तो 9 हजार की मिलती है। लेकिन काउंटर पर कहते हैं- ‘सर, मत बुक कीजिए… कल भी कैंसिल हो जाएगी।’ अगर उड़ान कैंसिल है तो साइट पर ऑन-टाइम क्यों दिखा रहे हैं? क्या यह धोखा नहीं?”
सागर का कहना था कि एयरलाइन सिर्फ रिफंड की बात करती है- “लेकिन होटल, टैक्सी, खाने-रहने का नुकसान कौन देगा? हम 24–48 घंटे फंस जाते हैं और कहते हैं यह आपकी जिम्मेदारी है, हमारी नहीं।”
ना ट्रेन, ना बस… हर तरफ महंगा किराया
यात्री शैलेश कुमार ने बताया, “एयरलाइन ने अचानक कहा कि आपकी उड़ान अगले 2–3 दिनों तक भी कन्फर्म नहीं है। अब हम जाएं तो जाएं कहां? रेल टिकट में हर जगह ‘रिग्रेट’, बसों का किराया भी दोगुना हो गया है। होटल में रुकें तो खर्च बढ़ता है, घर जाएं तो कोई साधन नहीं। हम पूरी तरह फंस गए हैं।”
