किरोड़ीलाल बोले- डोटासरा कर रहे गलत बयानबाजी: किसानों पर लाठीचार्ज और खाद की कमी के आरोपों पर दिया जवाब; कहा- प्रदेश में उर्वरकों की समुचित व्यवस्था – Jaipur News h3>
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के किसानों पर लाठीचार्ज और खाद की कमी के आरोपों का खंडन किया है। शुक्रवार को पंत कृषि भवन में मीडिया से बातचीत में डॉ. मीणा ने कहा कि राज्य में उर्वरकों की समुचित व्यवस्था,
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डॉ. मीणा ने डोटासरा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज, लंबी कतारें और कड़ाके की ठंड में परेशानी जैसी घटनाएं पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार के तहत कानून-व्यवस्था बिगड़ने या किसानों के साथ अत्याचार का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड की रिपोर्ट के अनुसार खाद मिल रहा है, जिससे उर्वरकों का समान और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
डॉ. मीणा ने डोटासरा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज, लंबी कतारें और कड़ाके की ठंड में परेशानी जैसी घटनाएं पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार के तहत कानून-व्यवस्था बिगड़ने या किसानों के साथ अत्याचार का कोई मामला सामने नहीं आया है।
कृषि मंत्री बोले- कालाबाजारी या अनियमितता को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार उर्वरकों के वितरण में किसी भी तरह की कालाबाजारी या अनियमितता को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है। कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों व ब्लॉकों को चिन्हित कर प्रदेशभर में प्राथमिकता के साथ पूर्ण पारदर्शिता से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है।
उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी पूरे प्रदेश में सतर्कता से काम कर रहे हैं। खाद के अवैध भंडारण, कालाबाजारी और यूरिया डायवर्जन के मामलों में व्यापक कार्रवाई की गई है। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने बताया कि अवैध भंडारण और यूरिया डायवर्जन के कुल 30 एफ.आई.आर. दर्ज की गई हैं। इनमें श्रीगंगानगर में 2, टोंक में 2, अलवर में 4, पाली में 2, कोटपुतली में 1, नागौर में 5, सीकर में 1, भरतपुर में 2, डूंगरपुर में 1, दौसा में 2, जैसलमेर में 1, करौली में 1 और जालौर जिले में 1 प्रकरण शामिल है।
किरोड़ीलाल ने बताए उपलब्धता के आंकड़े
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर केंद्र सरकार के समन्वय स्थापित कर प्रदेश की मांग अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति करवाई जा रही है। राज्य के किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु रबी 2025 में अक्टूबर से दिसम्बर तक भारत सरकार द्वारा आवंटित 11 लाख 34 हजार मैट्रिक टन यूरिया के विरुद्ध दिनांक 01 अक्टूबर को उपलब्ध स्टॉक सहित अब तक 10 लाख 50 हजार मैट्रिक टन की उपलब्धता की जा चुकी है जो 92.59 प्रतिशत है और 25 हजार मैट्रिक टन यूरिया परिवहन में है। दिसम्बर में लगभग 3 लाख मैट्रिक टन यूरिया की आवक संभावित है।
रबी 2025 में अक्टूबर से दिसम्बर तक भारत सरकार द्वारा आवंटित 2 लाख 68 हजार मैट्रिक टन डीएपी के विरुद्ध दिनांक 01 अक्टूबर को उपलब्ध स्टॉक सहित अब तक 3 लाख 50 हजार मैट्रिक टन की उपलब्धता की जा चुकी है एवं 10 हजार मैट्रिक टन डीएपी परिवहन में है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1 लाख 67 हजार मैट्रिक टन यूरिया, 66 हजार मैट्रिक टन डीएपी, 61 हजार मैट्रिक टन एनपीके और 1 लाख 43 हजार मैट्रिक टन एसएसपी उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है। वर्तमान में गत वर्ष की तुलना में फस्फेटिक उर्वरकों का स्टक 79 हजार मैट्रिक टन अधिक है।
निगरानी के लिए 61 चैक पोस्ट स्थापित किए
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य के सीमावर्ती जिलों से उर्वरकों के अन्य राज्यों में परिगमन रोकने हेतु विभागीय कार्मिक और आवश्यकतानुसार पुलिस के सहयोग से 61 चैक पोस्ट स्थापित की गई है, जिनके द्वारा नियमित निगरानी जारी है।
अब तक उर्वरक सहित अन्य आदानों में विक्रेताओं/विनिर्माताओं द्वारा नियमों का उल्ल्घंन किये जाने पर 89 एफ.आई.आर. पुलिस थानों में दोषियों के विरूद्ध दर्ज करवाई गई है और साथ ही 97 लाईसेंस निलंबन/निरस्त किये गये हैं। विभाग द्वारा सभी जिलों में कन्ट्रोल रूम स्थापित कर सतत निगरानी की जा रही है।
