जोधपुर में रात 10:17 बजे तेज धमाके से दहशत: घबराकर घरों से बाहर निकल आए दर्जनभर गांवों के लोग; विस्फोट जैसी आवाज सुनाई दी – Jodhpur News h3>
तेज धमाके की आवाज सुनकर घरों के बाहर घूम रहे पशु भी दहशत में आ गए। सांगरिया गणेश नगर में एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में भी धमाके जैसी आवाज सुनाई दी।
जोधपुर में बुधवार रात 10:17 बजे जोरदार धमाके की आवाज से कई गांव के लोग में दहशत में आ गए। धमाके की आवाज से मकानों के दरवाजे-खिड़कियां कंपकपाने लगी, टीन शेड हिलने लगे, जिससे घबराकर लोग घरों से बाहर की तरफ भागे।
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उधर विवेक विहार, बासनी, बोरानाडा और कुड़ी भगतासनी थानों समेत पुलिस कंट्रोल रूम में लोगों के फोन आने लगे। पुलिस के अनुसार यह फाइटर जेट के सोनिक बूम की आवाज थी, यह तब उत्पन्न होती है जब कोई लड़ाकू विमान ध्वनि की गति से तेज उड़ान भरता है और साउंड बैरियर को तोड़ता है।
इन इलाकों में सुनाई दी धमाके की आवाज
तेज धमाके की आवाज सुनकर घरों के बाहर घूम रहे पशु भी एकबारगी दहशत में आ गए। सांगरिया गणेश नगर में एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में भी धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इसी तरह, सांगरिया, विवेक विहार, नंदवान, सालावास, धींगाणा, फिटकासनी, लूणी, गुढ़ा विश्नोइयां, तनावड़ा, कुड़ी भगतासनी, बोरानाडा, पाल गांव, बासनी, राजपुरिया और पाबुपुरा कुम्हारान सहित आसपास के तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा गांवों में यह तेज आवाज सुनाई दी।
इन इलाकों में तेज धमाके की आवाज के साथ-साथ टीन शेड और दरवाजे थर्राने लगे। शुरुआत में किसी को भूकंप का अंदेशा हुआ तो किसी को लगा कि कहीं कोई बड़ा विस्फोट हुआ है, लेकिन बाद में स्थिति स्पष्ट हुई।
तनावडा क्षेत्र में धमाके की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हुईं एक्टिव
धमाके की आवाज के बाद पुलिस के साथ तमाम सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां भी एक्टिव हो गईं। लोग लगातार थानों और पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके जानकारी ले रहे थे कि आखिर इतनी तेज आवाज किस चीज की थी। विवेक विहार थानाधिकारी दिलीप खदाव ने बताया कि गश्त के दौरान उन्होंने भी यह आवाज सुनी थी। बाद में छानबीन में पता चला कि यह कोई भूकंप या विस्फोट नहीं, बल्कि फाइटर जेट की आवाजाही से उत्पन्न सोनिक बूम की वजह से ऐसा हुआ होगा। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
11 नवंबर को भी हुआ था ऐसा
इससे पहले भी 11 नवंबर की रात 8 बजे के आसपास जोधपुर के मंडोर सहित आसपास के इलाकों में इसी तरह जोरदार धमाके की आवाज से दहशत फैल गई थी। उस समय भी लोग घरों से बाहर निकल आए थे और कुछ समझ नहीं पाए थे कि आखिर हुआ क्या है। बाद में पता चला था कि वह भी फाइटर जेट के सोनिक बूम की आवाज थी।
जब भी कोई फाइटर जेट आवाज की स्पीड से भी ज्यादा तेज रफ्तार से चलता है, तब साउंड बैरियर टूटने की आवाज (सोनिक बूम) होती है। इससे ऐसा लगता है जैसे कहीं कोई बड़ा धमाका हुआ हो। इमेज सोर्स-AI
सोनिक बूम क्या होता है, कैसे बनती है?
जब कोई फाइटर जेट सुपरसोनिक स्पीड (ध्वनि की गति से तेज) में उड़ान भरता है तो वह हवा के अणुओं को इतनी तेजी से धकेलता है कि एक शक्तिशाली प्रेशर वेव बनती है। हवा में ध्वनि की गति लगभग 1,225-1,238 किलोमीटर प्रति घंटा (या 332 मीटर प्रति सेकेंड) होती है। जब विमान इससे तेज चलता है, तो दबाव में अचानक परिवर्तन होता है, जो सोनिक बूम साउंड उत्पन्न करता है।
सोनिक बूम के प्रभाव
सोनिक बूम बड़ी मात्रा में ध्वनि ऊर्जा उत्पन्न करता है। जब फाइटर जेट कम ऊंचाई पर सुपरसोनिक गति से उड़ते हैं तो इसकी तीव्रता और बढ़ जाती है, जिससे:
- खिड़कियों और कांच के बर्तनों के शीशे टूट सकते हैं
- घरों के दरवाजे-खिड़कियां कंपकंपा जाती हैं
- ऊंचे भवनों को नुकसान हो सकता है
- कानों में पीड़ा और कर्ण पटल को क्षति पहुंच सकती है
- मनुष्यों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है
सोनिक बूम केवल उसी समय सुनाई देता है जब विमान आपके ऊपर से गुजरता है, न कि सभी दिशाओं में। विमान के आने से पहले कोई आवाज नहीं सुनाई देती क्योंकि विमान ध्वनि से तेज चल रहा होता है, लेकिन गुजरने के बाद अचानक तेज धमाका सुनाई देता है। यह N-wave के रूप में होता है जिसमें दो धमाके होते हैं – एक जब दबाव बढ़ता है और दूसरा जब दबाव सामान्य होता है।
कॉमर्शियल फ्लाइट्स जैसे बोइंग और एयरबस सब सोनिक गति (मैक 0.78 से 0.85) से उड़ते हैं इसलिए वे सोनिक बूम नहीं बनाते।
