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32 दिन से लापता रितेश,मजिस्ट्रेट महादेव में होगा लॉयल्टी टेस्ट: माता-पिता समेत दादा-नाना खाएंगे कसम- बच्चे के लापता हाेने में उनका हाथ नहीं – Gwalior News

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32 दिन से लापता रितेश,मजिस्ट्रेट महादेव में होगा लॉयल्टी टेस्ट:  माता-पिता समेत दादा-नाना खाएंगे कसम- बच्चे के लापता हाेने में उनका हाथ नहीं – Gwalior News

32 दिन से लापता रितेश,मजिस्ट्रेट महादेव में होगा लॉयल्टी टेस्ट: माता-पिता समेत दादा-नाना खाएंगे कसम- बच्चे के लापता हाेने में उनका हाथ नहीं – Gwalior News

ग्वालियर के मोहनपुर गांव से संदिग्ध हालात में लापता तीन साल के रितेश पाल का 32 दिन बाद भी कोई पता नहीं चला है। एक महीने की जांच के बाद भी पुलिस वहीं खड़ी है, जहां से शुरू हुई थी। 500 से ज्यादा जवान-अफसर जंगल में उतारे गए, ड्रोन सर्चिंग करवाई गई, रिश्

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अब पुलिस मामले को धार्मिक एंगल से देखने लगी है और गिरगांव वाले महादेव (मजिस्ट्रेट महादेव) के दरबार में पहुंच गई है। मंगलवार दोपहर को रितेश के दादा और ननिहाल दोनों पक्ष महादेव के सामने ‘धरम उठाएंगे’ यानी कसम खाएंगे कि बच्चा उनके पास नहीं है। पुलिस इसे दोनों परिवारों का लॉयल्टी टेस्ट मान रही है।

गिरगांव वाले महादेव को मजिस्ट्रेट महादेव के नाम से जाना जाता है।

पहले दिन दोनों पक्षों ने कसम खाने से किया था इनकार

24 नवंबर को मुरार थाना पुलिस दोनों परिवारों को महाराजपुरा स्थित गिरगांव वाले महादेव (मजिस्ट्रेट महादेव) की अदालत ले गई थी।महादेव के सामने केस रजिस्टर्ड भी हो गया, लेकिन दोनों पक्षों ने बहाना बनाकर ‘धरम’ (कसम) नहीं उठाई। मान्यता है कि यहां झूठी कसम खाने वाले को नुकसान होता है, इसलिए दोनों परिवार पीछे हट गए।

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दोनों परिवारों के बीच उलझी पुलिस, अब भगवान का सहारा

पुलिस ने जंगलों में सर्चिंग, सीडीआर और सर्विलांस, रिश्तेदारों से पूछताछ, मां–बाप और अन्य सदस्यों से कठोर पूछताछ सब कर लिया है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला । पुलिस को पूरा शक है कि बच्चा दोनों परिवारों या उनके करीबियों के बीच छिपा हुआ है। दोनों परिवार धार्मिक स्वभाव वाले हैं, इसी वजह से अब पुलिस ने भावनात्मक दबाव का एंगल अपनाया है।

समस्या का समाधान नहीं होने पर लोग मंदिर में रजिस्टर्ड कराते हैं शिकायत।

आज होगा फैसला: महादेव की अदालत में फिर तारीख

महादेव की अदालत ने दोनों परिवारों को 7 दिन का समय दिया था। आज 2 दिसंबर को फिर सुनवाई है और इस बार दोनों पक्षों को कसम खानी होगी कि, बच्चा उनके पास नहीं है और उनसे जुड़ी कोई जानकारी नहीं छुपा रहे।

कसम कुछ रुपए रखकर उठाई जाती है और मान्यता है कि झूठ बोलने पर 7 दिन में नुकसान होता है।

परिजनों पर बच्चे को गायब करने का संदेह

पुलिस को संदेह बच्चे की मां सपना पाल, मामी ज्योति पाल सहित कुछ रिश्तेदारों पर है। कई बार पूछताछ और दबाव बनाने के बावजूद कोई तथ्य सामने नहीं आया है। इससे परिजन भी आहत हैं।सपना और ज्योति का कहना है, हम खुद पीड़ित हैं, 32 दिन से बच्चा नहीं मिला। पुलिस रिश्तेदारों को उठा रही है, महिला अधिकारी धमकाती हैं कि बच्चा कहां छुपा रखा है बता दो।

महाराज ने गिरगांव वाले महादेव मंदिर में बच्चे का केस रजिस्टर्ड कर लिया है।

विवाद के चलते बच्चे की मां मायके में थी

सपना पाल की शादी दलवीर सिंह से हुई थी। विवाद के कारण सपना 6 महीने से मायके मोहनपुर में रह रही थी। बड़ा बेटा पिता के पास है, छोटा बेटा रितेश मां के साथ था। 1 नवंबर को दोपहर में रितेश घर के आंगन में खेल रहा था। आधे घंटे बाद सपना ने देखा कि बेटा गायब है। तलाश के बाद शाम को मुरार थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया लेकिन 32 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं।

बेटे रितेश के इंतजार में मां मोबाइल पर उसकी तस्वीरें देखती रहती है।

पुलिस बोली- दोनों पक्षों के बयानों में विरोधाभास

एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया- बच्चा 32 दिन से लापता है, कई एंगल पर जांच चल रही है। दोनों पक्षों के बयानों में विरोधाभास है, इसलिए उन पर संदेह है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत हमने कई बच्चों को मिलाया है, यह केस भी जल्द खुल जाएगा।

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