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16 साल से फरार 25 हजार का इनामी अपराधी गिरफ्तार: खुद को डायमंड व्यवसायी बताकर 85 लाख रुपए के हीरे लेकर हुआ था फरार; माणकचौक थाने ने की कार्रवाई – Jaipur News

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16 साल से फरार 25 हजार का इनामी अपराधी गिरफ्तार:  खुद को डायमंड व्यवसायी बताकर 85 लाख रुपए के हीरे लेकर हुआ था फरार; माणकचौक थाने ने की कार्रवाई – Jaipur News

16 साल से फरार 25 हजार का इनामी अपराधी गिरफ्तार: खुद को डायमंड व्यवसायी बताकर 85 लाख रुपए के हीरे लेकर हुआ था फरार; माणकचौक थाने ने की कार्रवाई – Jaipur News

माणकचौक थाना पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी रामप्रसाद डे (49) पुत्र केतुल उर्फ बैतुल उर्फ तैतुल ​​​​​​​ को पकड़ा है, जो जिला स्तरीय टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था।

जयपुर पुलिस ने 16 साल से फरार चल रहे 25,000 रुपए के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है। माणकचौक थाना पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी रामप्रसाद डे (49) पुत्र केतुल उर्फ बैतुल उर्फ तैतुल को पकड़ा है, जो जिला स्तरीय टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल

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रामप्रसाद डे पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के नकासीपाड़ा थाना क्षेत्र के उदय चंद्रपुरा का निवासी है। मुल्जिम ने अपनी फरारी के दौरान कलकत्ता, परगना, सूरत और वीर-भूमि जैसे विभिन्न स्थानों पर पनाह ली थी।

रामप्रसाद डे के खिलाफ 26 फरवरी 2009 को माणकचौक थाने में मुकेश कुमार सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, रामप्रसाद डे ने खुद को डायमंड व्यवसायी बताकर फर्म से लगभग 85 लाख रुपए के हीरे लिए और दो-तीन दिन में भुगतान करने का वादा कर फरार हो गया था।

रामप्रसाद डे के खिलाफ अशोक नगर जयपुर दक्षिण थाने में भी एक और मामला दर्ज है, जिसमें वह वांछित था।

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इस मामले में थाना माणकचौक में मुकदमा दर्ज किया गया था। अनुसंधान के बाद मुल्जिम के फरार होने पर धारा 299 सीआरपीसी के तहत न्यायालय में चालान पेश किया गया था। रामप्रसाद डे के खिलाफ अशोक नगर जयपुर दक्षिण थाने में भी एक और मामला दर्ज है, जिसमें वह वांछित था।

डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा (IPS) ने बताया- जयपुर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत माणकचौक थाना पुलिस को स्थायी वारंटी, पीओज (उद्घोषित अपराधी) और सीआरपीसी की धाराओं के तहत लंबित अपराधियों को पकड़ने का निर्देश दिया गया था।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीरज पाठक और सहायक पुलिस आयुक्त पीयूष कविया के सुपरविजन में थानाधिकारी राकेश ख्यालिया के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम में कॉन्स्टेबल गिरधर सिंह और अन्य कर्मी शामिल थे। कॉन्स्टेबल गिरधर सिंह ने लगातार सूचनाएं संकलित कर वांछित अपराधियों पर निगरानी रखी। उन्होंने अपनी व्यवसायिक कुशलता और तकनीकी सहायता का उपयोग कर रामप्रसाद डे को गिरफ्तार किया।

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