मल्टीलेवल पार्किंग-लॉयर्स चैंबर निर्माण में देरी को लेकर याचिका दायर: सीएम ने 6 माह पहले किया था भूमिपूजन, जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब – Jabalpur News h3>
जबलपुर हाईकोर्ट के सामने वकीलों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग और आधुनिक लॉयर्स चैंबर के निर्माण को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को नोटिस देकर 27 नवंबर त
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याचिकाकर्ता की ओर से वकील दिनेश उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि आए दिन हाईकोर्ट के चारों तरफ घंटों जाम लगता है। इसके चलते न सिर्फ वकील बल्कि आमजन भी परेशान होते हैं। यदि मल्टीलेवल पार्किंग बन जाती है तो जाम से निजात भी मिल जाएगी। याचिका में मांग की गई है कि जल्द से जल्द मल्टीलेवल पार्किंग तैयार की जाए।
सीएम ने 6 माह पहले किया था भूमिपूजन
करीब 117 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक लॉयर्स चैंबर और मल्टीलेवल पार्किंग के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 मई 2025 को भूमिपूजन किया था। इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके माहेश्वरी, जस्टिस एसी शर्मा, जस्टिस सूर्यकांत शर्मा और मध्यप्रदेश के तत्कालीन चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत मौजूद थे।
वकीलों की असुविधा को देखते हुए राज्य सरकार ने दावा किया था कि जल्द से जल्द मल्टीलेवल पार्किंग और चैंबर तैयार कर दिए जाएंगे, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ। इसे लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
आधुनिक लॉयर्स चैंबर और मल्टीलेवल पार्किंग के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 मई 2025 को भूमिपूजन किया था।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन ने निर्माण कार्य में देरी को लेकर लगातार शिकायतें कीं। राज्य सरकार को पत्र भी लिखे। इस पर शासन ने जवाब दिया कि 5 मई 2025 को वित्त की सैद्धांतिक अनुमति प्राप्त हो चुकी है, केवल व्यावहारिक रूप से वित्त विभाग से अनुमोदन प्राप्त नहीं हुआ है, जिस कारण से निर्माण शुरू नहीं हो पाया।
हाईकोर्ट के चारों तरफ घंटों जाम लगता है। इसके चलते न सिर्फ वकील बल्कि आमजन भी परेशान होते हैं।
हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि जब सैद्धांतिक रूप से 6 माह पहले अनुमति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका भूमिपूजन भी कर दिया है। इसके बाद भी वित्तीय स्वीकृति न देना न सिर्फ गलत है बल्कि बेवजह इस मामले को लटकाया जा रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह मामला जनहित से जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट के सामने रोज जाम लगता है जिसके चलते लोग परेशान होते हैं।
राज्य सरकार चाहती तो धीरे, धीरे निर्माण कार्य शुरू भी कर सकती थी।
वकील दिनेश उपाध्याय ने बताया कि करीब 117 करोड़ रुपए की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग और लॉयर्स चैंबर्स बनने हैं। राज्य सरकार चाहती तो धीरे, धीरे निर्माण कार्य शुरू भी कर सकती पर बहुत ही दुख की बात है कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट जस्टिस के सामने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूमिपूजन किया और आज तक उसका कार्य भी शुरू नहीं हो पाया।





