Advertising
Home Top stories लुधियाना कांग्रेस में फिर बढ़ी गुटबाजी: आशु के हलके में पवन...
Advertising
<

लुधियाना कांग्रेस में फिर बढ़ी गुटबाजी: आशु के हलके में पवन दीवान की चाय पर चर्चा, बोले- 2027 के चुनाव में दावेदारी करेंगे – Ludhiana News

0
लुधियाना कांग्रेस में फिर बढ़ी गुटबाजी:  आशु के हलके में पवन दीवान की चाय पर चर्चा, बोले- 2027 के चुनाव में दावेदारी करेंगे – Ludhiana News

लुधियाना कांग्रेस में फिर बढ़ी गुटबाजी: आशु के हलके में पवन दीवान की चाय पर चर्चा, बोले- 2027 के चुनाव में दावेदारी करेंगे – Ludhiana News

हलका पश्चमी से 2027 में टिकट के दावेदार पवन दीवान पुराने कांग्रेसी नेताओं से मुलाकात करते हुए।

लुधियाना में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर तेज हो गई है। सांसद मनीष तिवारी के करीबी और पूर्व जिला प्रधान पवन दीवान हलका पश्चमी में दोबारा सक्रिय हो गए हैं। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर नेता दिल्ली दरबार में गोटियां फिट करने में लग

.

2022 के विधानसभा चुनाव के बाद दीवान ने लंबे समय तक हलके और शहर की राजनीति से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन कांग्रेस प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के सांसद बनने के बाद से वह लगातार राजनीतिक गतिविधियों में दिखाई दे रहे हैं।

आशु के हलके में पवन दीवान की चाय पर चर्चा

दीवान भारत भूषण आशु के हलके में लगातार कांग्रेसियों से मीटिंगें कर रहे हैं। दीवान ने अपने फेसबुक पेज पर भी कांग्रेस के पुराने नेताओं के साथ चाय पर चर्चा की तस्वीरें साझा की हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश प्रधान वड़िंग की थापी के बाद पवन दीवान हलके में एक्टिव हुए हैं।

Advertising

बता दें कि सांसद राजा वड़िंग और पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु का उप-चुनाव में भी छत्तीस का आंकड़ा रहा है। पवन दीवान की गतविधियों ने हलका पश्चमी की राजनीति को फिर से सरगर्म कर दिया है।

पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु हलका पश्चमी में अपने वर्करों और लोगों से मिलते हुए।

पवन दीवान की तीन बड़ी बातें….

  • पार्टी में बने माहौल के कारण दूर रहे: दैनिक NEWS4SOCIALएप से बातचीत करते हुए पवन दीवान ने कहा कि कुछ समय वह इसलिए हलके और शहर से डिसकनेक्ट हो गए थे, क्योंकि पार्टी में माहौल ही कुछ ऐसा बना हुआ था। लेकिन अब जिला प्रधान संजय तलवाड़ और प्रदेश राजा वड़िंग की देख-रेख में पार्टी को एकजुट किया जा रहा है।
  • 2027 चुनाव में दावेदारी करेंगे: 2027 के चुनाव में पार्टी हाईकमान के समक्ष में भी अपनी दावेदारी पेश करुंगा। हलका पश्चमी की जनता से बहुत प्यार मिल रहा है। लोग कांग्रेस का राज फिर से चाह रहे हैं।
  • कांग्रेस को एकजुट करने की जरूरत: पवन दीवान से सवाल किया गया कि वह भारत भूषण आशु को खुद के लिए कितना चैलेंज मानते हैं। जवाब में दीवान ने कहा कि आशु उनके पुराने यूथ कांग्रेस समय के साथी हैं। उन्होंने इकट्ठे काम किया है। पार्टी का फैसला सर्वप्रिय है। पार्टी जिसे भी टिकट देगी वह उसी का साथ देंगे। आज जरूरत है कांग्रेस को एकजुट करने की।

भारत भूषण आशु भी पकड़ मजबूत करने में जुटे

आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा से करीब 10 हजार वोट से उप-चुनाव हारने के बाद अब भारत भूषण आशु भी ग्राउंड पर मजबूत पकड़ करने में जुटे हैं। आशु लगातार लोगों के बीच जा रहे हैं। किसी ना किसी बर्थ-डे पार्टी, सामाजिक कार्यक्रम या संस्कार सभी जगह आशु पहुंच रहे हैं। हलका पश्चमी से आशु की सीट काटने पार्टी के लिए भी आसान नहीं है।

आशु राहुल गांधी के करीबी हैं। आम आदमी पार्टी के कार्यकाल दौरान आशु पर विजिलेंस रेड भी हुई और ई.डी ने भी रेड की। लेकिन आशु बिना किसी दबाव के आरोपों का सामने करते रहे और कांग्रेस में बने रहे।

दिल्ली दरबार में गोटियां फिट कर रहे दावेदार

विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। लेकिन टिकट चाहने वालों ने अभी से दिल्ली दरबार में अपनी गोटियां फिट करनी शुरू कर दी। लुधियाना के कांग्रेसियों ने गांधी परिवार के सबसे वफादार नेताओं और अमेठी से सांसद किशोरी लाल के इर्द-गिर्द घूमना शुरू कर दिया।

किशोरी लाल लुधियाना के पार्षद से लेकर सांसद तक की टिकट फाइनल करवाने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। उनके बारे में यह भी चर्चा है कि वे कई नेताओं को लंबे समय तक टिकट दिलाते रहे हैं। लुधियाना में जो लोग विधानसभा चुनाव लड़ने की सोच रहे हैं, लगभग सभी किशोरी लाल के जरिए गांधी परिवार तक पहुंच बनाने के जुगाड़ में जुटे हुए हैं।

पंजाब की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Punjab News

Advertising