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जबलपुर में हैदराबाद से लाए गए 10 घोड़े गायब: 19 घोड़ों को हो चुकी है मौत, पशुपालन कर रहा था इलाज – Jabalpur News

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जबलपुर में हैदराबाद से लाए गए 10 घोड़े गायब:  19 घोड़ों को हो चुकी है मौत, पशुपालन कर रहा था इलाज – Jabalpur News

जबलपुर में हैदराबाद से लाए गए 10 घोड़े गायब: 19 घोड़ों को हो चुकी है मौत, पशुपालन कर रहा था इलाज – Jabalpur News

हैदराबाद से जबलपुर लाए गए 57 घोड़ों को लेकर नया खुलासा हुआ है। इनमें से अब तक 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है। ऐसे में 38 घोड़े रैपुरा के अस्तबल में होने चाहिए थे, लेकिन गुरुवार को पशुपालन विभाग की गिनती में पता चला कि 10 घोड़े गायब हैं। ऐसे में घोड़े ला

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मई 2025 में रायपुर निवासी सचिन तिवारी ने ट्रकों के माध्यम से 57 घोड़ों को हैदराबाद से जबलपुर लाया और उन्हें पनागर के रैपुरा स्थित फार्म हाउस में रखा। धीरे-धीरे 19 घोड़ों की मौत हो गई। तत्कालीन कलेक्टर दीपक सक्सेना ने इस मामले की जांच कराई थी, लेकिन सही जानकारी नहीं मिल पाई कि घोड़े क्यों और किस उद्देश्य से हैदराबाद से लाए गए थे।

जिला प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग बीमार घोड़ों की देखरेख में जुटा है।

विभाग ने पत्र भेजकर मांगी जानकारी

पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. प्रफुल्ल मून ने बताया कि विभाग की टीम लगातार अस्तबल में घोड़ों का इलाज कर रही है। इस दौरान पता चला कि 10 घोड़े गायब हैं। अस्तबल संचालक सचिन तिवारी इस विषय में कोई जवाब देने को तैयार नहीं हैं। विभाग ने पत्र भेजकर जानकारी मांगी, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। अब आगे की कार्रवाई और राज्य सरकार को भी सूचित किया जा रहा है।

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हैदराबाद से लाए गए थे 57 घोड़ें।

41 फीमेल और 16 मेल घोड़े थे

जानकारी के मुताबिक, 1 घोड़ें में गैलेंडर नामक घातक बीमारी होने की पुष्टि हुई। पशुपालन विभाग के अनुसार यह बीमारी घोड़ों के लिए जानलेवा होती है। विभाग की टीम लगातार बीमार घोड़ों का इलाज कर रही थी और उन्हें अलग रखा गया था, लेकिन इसके बावजूद मौतें रुक नहीं पाई।

लाए गए घोड़ों में 18 थोर ब्रीड के थे, जिनमें 12 मेल और 6 फीमेल थे। वहीं, 39 मारवाड़ी नस्ल के घोड़े थे, जिनमें 4 मेल और 35 फीमेल शामिल थे। कुल मिलाकर 41 फीमेल और 16 मेल घोड़े थे। ये दोनों नस्लें उच्च गुणवत्ता की मानी जाती हैं और इनकी कीमत लाखों तक होती है। इन घोड़ों का अधिकतर उपयोग रेस में किया जाता है।

PETA का आरोप- सट्टे से जुड़ा मामला

PETA से जुड़ी पशु अधिकार कार्यकर्ता सिमरन ईशर ने आरोप लगाया है कि ये घोड़े हैदराबाद के Horse Power Super League (HPSL) चलाने वाले सुरेश पलादुगू और उसके सहयोगियों के हैं। उन्होंने बताया कि हैदराबाद रेसकोर्स में इन घोड़ों से रेस करवाई जाती थी और उस पर फिलीपींस में ऑनलाइन सट्टा खिलाया जाता था।

फिलीपींस सरकार को जब सट्टे की जानकारी मिली, तो उन्होंने भारत सरकार को सतर्क किया। इसके बाद तेलंगाना सरकार ने उस रेस को बंद करवा दिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए सुरेश पलादुगू ने 154 घोड़ों को देशभर में अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया, जिनमें से 57 घोड़े जबलपुर लाए गए।

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