सेहतमंद रखने वाले सेब को बना रहे जहरीला: ताजा दिखाने को ऊपर से लगा रहे मोम; खतरनाक बीमारियों का बढ़ा खतरा – Gorakhpur News h3>
सेहतमंद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सेब को भी अब जहरीला बनाया जा रहा है। उसपर हानिकारक मोम लगा रहे हैं।
रोज सुबह एक सेब का सेवन करना सेहतमंद बने रहने का मंत्र माना जाता है। डॉक्टर भी इसकी सलाह देते हैं। लेकिन इस सेहतमंद फल को भी मिलावटखोर मुनाफे के चक्कर में जहरीला बना रहे हैं। खराब सेब को भी ऊपर से पूरी तरह ताजा और चमकीला दिखाने के लिए उसपर मोम (वैक्स
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खराब सेब पर मात्रा कुछ ज्यादा होती है तो ठीक सेब पर कम मात्रा में लगाते हैं। छिलका उतारे बिना लंबे समय तक इसका सेवन करने पर खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा।
एफएसएसआई की ओर से वी वैक्स या लैक वैक्स का इस्तेमाल करने की अनुमति है। यह खाने वाली मोम होती है लेकिन सस्ते और सुलभता के चक्कर में अब अधिकतर पैराफीन मोम या मिनरल ऑयल से निकलने वाले मोम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सेब पर मोम के साथ ही पेट्रोलियम जेली भी लगाया जा रहा है।
बाजार में उपलब्ध अधिकतर सेब पर ऐसी स्थिति नजर आती है। आमतौर पर फाइबर के लिए सेब को छिलके के साथ खाना फायदेमंद माना जाता है। इसलिए लोग छिलके के साथ ही इसे खाना पसंद करते हैं। लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से छिलका उतारकर की खाना उचित होगा। क्योंकि पेट में छिलके साथ मोम या पेट्रोलियम जेली गया तो वह पचेगा नहीं। इससे पेट से जुड़े गंभीर रोग हो सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी ने घर पर जांचा तो हैरान रह गए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के एक अधिकारी ने रविवार की शाम अंबेडकर चौक के पास से दो किलो सेब खरीदा था। सोमवार की सुबह खाने के लिए उन्होंने सेब धुला तो छिलके पर चिकनाहट दिखी। उन्हें मोम लगा होने का संदेह हुआ।
खाद्य सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी ने सेब खरीदा तो उन्हें भी मोम कोटेड सेब मिला था। घर पर जब उन्होंने इसे आग पर गर्म किया तो मोम पिघलकर सामने आ गई।
रसोई में चूल्हा जलाकर उन्होंने सेब को गर्म किया तो छिलके पर चिपचिपा पदार्थ फैल गया। जांच में पता चला इसपर मोम लगा था जो आगे के संपर्क में आने से पिघल गया। जब सेब काटा गया तो अधिकतर हिस्सा सड़ा मिला। खरीदे गए अन्य सेब की जांच की तो यह बात सामने आयी कि जो सेब पुराने हो गए थे, उनपर ही मोम लगाया गया था। कई सेब पर पेट्रोलियम जेली मिली।
विभाग करेगा जांच खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से इस मामले में जांच की जाएगी। मोम लगा सेब सभी व्यापारी मंगा रहे हैं या कुछ लोग, इसके लिए औचक जांच की जाएगी। यह जांच आने वाले समय में कभी भी शुरू हो सकती है। मोम मिश्रित सेब जांच में पाए गए तो ऐसे व्यापारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
शरीर को ऐसे पहुंचेगा नुकसान
– सेब के साथ मोम का सेवन करने से पाचन तंत्र में समस्या, उल्टी, दस्त या पेट दर्द हो सकता है। – लंबे समय तक सेवन करने से यकृत (लिवर) और किडनी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। – संवेदनशील व्यक्तियों में एलर्जी, गले में जलन या श्वसन संबंधी परेशानी भी हो सकती है।
सेब घर लाएं तो यह करें
गर्म पानी विधि: सेब को कुछ सेकंड के लिए हल्के गर्म (लगभग 50–60 डिग्री सेंटीग्रेड) पानी में डुबोएं। वैक्स की परत हल्की सफेद या धुंधली दिखेगी। इसके बाद सेब को ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें।
नींबू रस और बेकिंग सोडा विधि: एक कटोरे पानी में एक-एक चम्मच नींबू रस एवं बेकिंग सोडा मिलाकर उसमें सेब को कुछ मिनट डुबोकर ब्रश से साफ करें और फिर स्वच्छ पानी से धो लें। छीलना: यदि संदेह हो कि फल पर अधिक वैक्स है तो छिलका उतारकर ही सेवन करें।
खरीदते समय सतर्कता: अत्यधिक चमकदार सेब या जिन पर सतह चिकनी और अस्वाभाविक रूप से चमकदार दिखे, उन्हें न खरीदें।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि प्राय: देखा जाता है कि सस्ते व सुलभ के चक्कर में विक्रेता हानिकारक मोम की कोटिंग कर रहा है। विभाग ऐसे लोगों पर कार्रवाई करेगा।
जानिए क्या कहते हैं अधिकारी सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डा. सुधीर कुमार सिंह कहते हैं कि सेब खरीदते समय सावधानी बरतें। उसकी चमक पर ध्यान जरूर दें। जरूरत से अधिक चमकीला नजर आने पर सेब को न खरीदें। इस पर मोम या पेट्रोलियम जेली लगा हो सकता है। यदि सेब खरीदना जरूरी है तो उसका छिलका उतारकर ही उसका सेवन करें।



