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ओवैसी ने कहा- प्रधानमंत्री और भाजपा देश से बड़े नहीं: ऑपरेशन सिंदूर के डेलिगेशन में भारत का पक्ष रखने गया; राजनीतिक लड़ाई विचारधारा पर चलेगी

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ओवैसी ने कहा- प्रधानमंत्री और भाजपा देश से बड़े नहीं:  ऑपरेशन सिंदूर के डेलिगेशन में भारत का पक्ष रखने गया; राजनीतिक लड़ाई विचारधारा पर चलेगी

ओवैसी ने कहा- प्रधानमंत्री और भाजपा देश से बड़े नहीं: ऑपरेशन सिंदूर के डेलिगेशन में भारत का पक्ष रखने गया; राजनीतिक लड़ाई विचारधारा पर चलेगी

नई दिल्ली49 मिनट पहले

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AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने ANI से बातचीत में ये बयान दिए हैं।

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बनाए गए डेलिगेशन में वे किसी राजनीतिक दल या नेता के लिए नहीं, केवल देश का पक्ष पेश करने गए थे।

ANI से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा देश से बड़े नहीं हैं। राजनीतिक लड़ाई हमेशा विचारधारा पर चलेगी, लेकिन देश का फायदा सबसे अहम है।

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उन्होंने कहा- पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में पाकिस्तान के ISI द्वारा प्रशिक्षित लोग आए और लोगों की हत्या की। ऐसे समय में हम हमेशा देश का पक्ष पेश करने के लिए तैयार रहते हैं।

ओवैसी की 3 बड़ी बातें…

1. मुस्लिमों की प्रजनन दर सबसे ज्यादा कम हुई

AIMIM चीफ ने कहा कि अमित शाह जो बयान दे रहे हैं, वह सच नहीं है, यह झूठ है। पहली जनगणना से लेकर 2011 तक मुस्लिम आबादी केवल 4.4% बढ़ी है। मोहन भागवत कहते हैं कि एक समुदाय की आबादी बहुत बढ़ रही है।

ओवैसी ने कहा- सरकारी आंकड़े बताते हैं कि मुस्लिमों की प्रजनन दर सबसे ज्यादा कम हुई है। अगर कोई घुसपैठ कर रहा है, तो आप मंत्री हैं, इसे क्यों नहीं रोक सकते? अगर आप हर बंगाली भाषी भारतीय मुस्लिम को बांग्लादेशी कह रहे हैं, तो यह गलत है।

2. अमेरिका के टैरिफ हमारी असफलता

AIMIM चीफ ने कहा कि अमेरिका के टैरिफ हमारी असफलता है। हमारी मोटर पार्ट्स की निर्यात कीमत 35,000 करोड़ रुपए की है, और इसका आधा रुक गया है। ये टैरिफ हमारी इंडस्ट्रीज को नुकसान पहुँचा रहे हैं, इसे कोई भी नकार नहीं सकता। उन्होंने कहा,

सरकार का काम है कि वह उद्योगों को राहत दे और उनके लिए कुछ कदम उठाए।

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3. भारत-अफगानिस्तान के नए संबंधों का स्वागत

ओवैसी ने कहा- मैं भारत-अफगानिस्तान के नए संबंधों का स्वागत करता हूँ। 2016 में संसद में खड़ा होकर कह चुका था कि तालिबान आएगा और उनके साथ बातचीत करनी चाहिए। उस समय मीडिया और बीजेपी के कई लोगों ने मुझे इसके लिए गाली दी। हमारे लिए चाबहार पोर्ट बहुत महत्वपूर्ण है, यहीं से हम अफगानिस्तान तक पहुँचेंगे। अब हम उस क्षेत्र पर चीन और पाकिस्तान का प्रभुत्व कैसे छोड़ सकते हैं?

अरब देशों के दौरे पर गए थे ओवैसी

भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद किए ऑपरेशन सिंदूर का मकसद बताने और पाकिस्तान का असल चेहरा दुनिया के सामने लाने के लिए, देश के 59 सांसदों को 33 देशों में भेजा था। जिसमें 59 सांसद 7 डेलिगेशन में बांटे थे। ओवैसी अरब देशों की यात्रा करने वाले डेलिगेशन में शामिल थे।

27 मईः ओवैसी ने PAK आर्मी चीफ को जोकर बताया था

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने 27 मई को कुवैत में पाकिस्तानी के आर्मी चीफ को स्टूपिड जोकर बताया था। उन्होंने कहा कि नकल करने के लिए दिमाग की जरूरत होती है। लेकिन पाकिस्तान के पास वो भी नहीं है। ओवैसी ने कहा,

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26 मई को पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ को एक फोटो दी। जिसमें दावा किया गया था कि यह भारत पर जीत की है, लेकिन ये 2019 की चीनी सेना की ड्रिल की थी। ये स्टूपिड जोकर भारत के साथ में प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं।

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AIMIM सांसद ने कहा है- पाकिस्तान को एक बार फिर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में लाया जाना चाहिए। पाकिस्तान को जो 2 अरब डॉलर का IMF लोन मिला है, वह उसका इस्तेमाल सेना और आतंकी संगठनों को समर्थन देने में कर सकता है।

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने 26 टूरिस्ट्स की हत्या की थी। 7 मई को भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाक में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सेना ने 100 आतंकियों को मार गिराया था। दोनों देशों के बीच 10 मई की शाम 5 बजे से सीजफायर पर सहमति बनी थी।

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