प्यार में पंजाब से भागी लड़की, बोली- मैं बालिग हूं: पेरेंट्स बोले- वो 13 साल की, ब्रेनवॉश हुआ; उम्र पता करने खंडवा CWC करवा रही बोन मैरो टेस्ट – Khandwa News h3>
.
ये कहना है, पंजाब के लुधियाना से आए एक दंपती का। जिनकी बेटी सोशल मीडिया के प्रेम-जाल में फंस गई और घर से भाग गई। दंपती फिलहाल खंडवा की एक धर्मशाला में ठहरे हुए हैं। वे अपनी बेटी को घर ले जाने के लिए बाल कल्याण समिति के पास गए। वहीं बेटी पहले ही बाल कल्याण समिति से कह चुकी है कि वह बालिग है और माता-पिता के पास नहीं जाना चाहती। वो खुद का करियर बनाना चाहती है।
बेटी बालिग होना बता रही, परिजन बोले- वो 13 साल की
खंडवा बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के मुताबिक, 27 अगस्त को एक लड़की हमारे पास आई। उसने बताया कि, मैं पंजाब से आई हूं। रेलवे स्टेशन के बाहर रो रही थी, तभी एक ऑटो वाला यहां छोड़कर चले गया। मैं 27 जून 2025 को 18 साल की हो गई हूं। मेरे माता-पिता टॉर्चर करते है, इसलिए मैं उनके पास नहीं जाना चाहती। न ही उनसे मिलना चाहती हूं। फिलहाल, हमने बच्ची को वन स्टाप सेंटर भेज दिया है।
दो दिन बाद बच्ची के माता-पिता आए, उन्होंने कहा कि बेटी तो 27 मई को घर छोड़कर चली गई थी। कमेटी ने पुलिस रिपोर्ट मांगी तो कहने लगे कि बच्ची के साथ वाले हमें धमका रहे थे इस कारण रिपोर्ट नहीं लिखवाई। फिर बच्ची के संबंध में दस्तावेज मांगे तो न आधार कार्ड दिया, न मार्कशीट। एक जन्म प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी देकर बता रहे है कि उसकी उम्र 13 साल है। परिजन से सत्यापित दस्तावेज मांगे है ताकि उसकी असल उम्र पता चले। यदि वो नाबालिग होगी तो हम आगे की कार्रवाई करेंगे।
बेटी बाल कल्याण समिति से कह चुकी है कि वह बालिग है और माता-पिता के पास नहीं जाना चाहती।
असल उम्र पता करने बोन मेरो टेस्ट करवा रहे है
शर्मा के अनुसार, लड़की और परिजन अपने बयान में अलग-अलग उम्र बता रहे हैं। दोनों की ओर से कोई वैध दस्तावेज भी नहीं दिया गया। परिजन ने पहले एक दस्तावेज की फोटोकॉपी दी लेकिन आज तक कोई मूल दस्तावेज पेश नहीं किए। जिससे कि असमंजस की स्थिति बनी हुई हैं। इसलिए अब कमेटी ने लड़की की सही उम्र की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी खंडवा को आदेश दिए है कि बच्ची की आयु के संबंध में बोर्न मेरो टेस्ट कराया जाए। इस टेस्ट के बाद डॉक्टर्स की एक कमेटी उम्र के निर्धारण संबंधी सर्टिफिकेट देती हैं। जिस आधार पर हम लोग कार्रवाई करेंगे।
बिहार और पंजाब पुलिस को पत्र लिखकर कार्रवाई को कहा
बाल कल्याण समिति को परिजन ने बताया कि लड़की पहले बिहार के आरा जिले में उसकी नानी के पास रहती थी। दो महीने पहले वो वहां से भागकर खरगोन आ गई थी। तब हम उसे खरगोन बाल कल्याण समिति के माध्यम से पंजाब अपने घर ले गए। अब बेटी वहां से खंडवा आ गई। इसी आधार पर बच्ची की मूल पहचान और आवश्यक कार्रवाई के लिए कमेटी ने लुधियाना और आरा जिले के पुलिस अधीक्षक और वहां की बाल कल्याण समिति को पत्र लिखा है। ताकि वो इस संबंध में उनके स्तर से कार्रवाई करें। लड़की और उसके परिवार के बारे में सही जानकारी सामने आ सके।
कमेटी ने लुधियाना और आरा जिले के पुलिस अधीक्षक और वहां की बाल कल्याण समिति को पत्र लिखा है।
लड़की बोली- मैं करियर बनाना चाहती हूं
शुक्रवार के दिन लड़की बाल कल्याण समिति के पास पहुंची तो वह घबराई हुई थी। समिति सदस्यों ने उसे मदद की दिलासा दी। उसे भयमुक्त किया और फिर काउंसलिंग की तो उसने बताया कि वह 27 जून 2025 को बालिग हो गई है। फिर कहने लगी कि वह पेरेंट्स से परेशान है। नौंवी के बाद उसकी पढ़ाई छुड़वा दी गई है। वह आगे पढ़ना चाहती है, करियर बनाना चाहती है। इसलिए अब वह घर नहीं जाएगी। लड़की 27 जून से अब तक वन स्टाप सेंटर पर है।
मां बोली- बेटी का शोषण हो रहा, ब्रेनवॉश किया गया
पंजाब के लुधियाना से आए लड़की के पिता सिविल इंजीनियर थे, लेकिन लकवा लगने के बाद से वह एक कंपनी में अकाउंटेट है। मां भी एक फैक्ट्री में काम करने जाती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में मां ने बताया कि खंडवा पहुंची बड़ी बेटी के अलावा उनकी एक छोटी बेटी और हैं। दोनों पति-पत्नी काम पर जाते थे, बेटियां घर में अकेली थी इसलिए हमने बड़ी बेटी को मोबाइल दे रखा था। लेकिन वो सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती कर बैठी।
इसी दोस्ती में वह घर से दूसरी बार भागकर आई है। वो पिछले 3 महीने से खंडवा में थी, किसके साथ रहती थी यह पता नहीं चलने दिया गया। हमें धमकाया गया कि पुलिस के पास गई तो बेटी को मार डालेंगे। बेटी के साथ बहुत कुछ गलत किया जा रहा है। वह किसी के शोषण का शिकार हो गई है। उसका ऐसा ब्रेनवॉश किया गया कि उसे हमसे नफरत हो गई। 25 अगस्त को उसने फोन पर कहा था कि मैं आपके साथ जाऊंगी, मुझे लेने आ जाओ।
लड़की की मां से पूछा तो वह कहने लगी कि बच्ची को मैंने पैदा किया है, इससे बड़ा सबूत और क्या दूं।
खंडवा में कथित एनजीओ वर्कर ने धमकाया
परिजन के मुताबिक, वो 27 अगस्त को खंडवा आए और लड़की को फोन किया तो एक महिला ने कहा कि एसएन कॉलेज के पास एक होटल में रुक जाओ। उस होटल में रुके तो वहां एक शख्स एनजीओ वर्कर बनकर हमारे पास आया। लड़की की सुपुर्दगी देने का कहकर वह कुछ डाक्युमेंट के फोटो खींचकर ले गया। वो अपना मोबाइल नंबर देकर गया। उससे बात की तो फिर वो धमकाने लगा। उसके बारे में पता किया तो जानकारी मिली कि वो किसी धार्मिक संगठन से जुड़ा हुआ हैं। हमें कहता है कि अपने घर वापस चले जाओ वरना तुमको पाकिस्तान भेज दूंगा। उसकी फोटो और कॉल रिकॉर्डिंग हमारे पास हैं। हम लोग काफी डरे हुए हैं।
मां बोली- बच्ची को मैंने पैदा किया, और क्या सबूत दूं बाल कल्याण समिति को उम्र संबंधी दस्तावेज न देने के संबंध में NEWS4SOCIALने लड़की की मां से पूछा तो वह कहने लगी कि बच्ची को मैंने पैदा किया है, इससे बड़ा सबूत और क्या दूं। मेरी शादी ही 2008 में हुई थी। चार साल बाद जाकर 2012 में पहली संतान हुई। वो यही लड़की हैं, जिसकी उम्र अभी 13 साल है। उसने पांचवी के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वह कद-काठी से 16-17 साल की दिखती हैं। लेकिन पंजाब और खासकर हमारे परिवार में लड़कियों की हेल्थ ही ऐसी हैं।
मध्यप्रदेश की और खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे – Madhya Pradesh News
.
ये कहना है, पंजाब के लुधियाना से आए एक दंपती का। जिनकी बेटी सोशल मीडिया के प्रेम-जाल में फंस गई और घर से भाग गई। दंपती फिलहाल खंडवा की एक धर्मशाला में ठहरे हुए हैं। वे अपनी बेटी को घर ले जाने के लिए बाल कल्याण समिति के पास गए। वहीं बेटी पहले ही बाल कल्याण समिति से कह चुकी है कि वह बालिग है और माता-पिता के पास नहीं जाना चाहती। वो खुद का करियर बनाना चाहती है।
बेटी बालिग होना बता रही, परिजन बोले- वो 13 साल की
खंडवा बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के मुताबिक, 27 अगस्त को एक लड़की हमारे पास आई। उसने बताया कि, मैं पंजाब से आई हूं। रेलवे स्टेशन के बाहर रो रही थी, तभी एक ऑटो वाला यहां छोड़कर चले गया। मैं 27 जून 2025 को 18 साल की हो गई हूं। मेरे माता-पिता टॉर्चर करते है, इसलिए मैं उनके पास नहीं जाना चाहती। न ही उनसे मिलना चाहती हूं। फिलहाल, हमने बच्ची को वन स्टाप सेंटर भेज दिया है।
दो दिन बाद बच्ची के माता-पिता आए, उन्होंने कहा कि बेटी तो 27 मई को घर छोड़कर चली गई थी। कमेटी ने पुलिस रिपोर्ट मांगी तो कहने लगे कि बच्ची के साथ वाले हमें धमका रहे थे इस कारण रिपोर्ट नहीं लिखवाई। फिर बच्ची के संबंध में दस्तावेज मांगे तो न आधार कार्ड दिया, न मार्कशीट। एक जन्म प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी देकर बता रहे है कि उसकी उम्र 13 साल है। परिजन से सत्यापित दस्तावेज मांगे है ताकि उसकी असल उम्र पता चले। यदि वो नाबालिग होगी तो हम आगे की कार्रवाई करेंगे।
बेटी बाल कल्याण समिति से कह चुकी है कि वह बालिग है और माता-पिता के पास नहीं जाना चाहती।
असल उम्र पता करने बोन मेरो टेस्ट करवा रहे है
शर्मा के अनुसार, लड़की और परिजन अपने बयान में अलग-अलग उम्र बता रहे हैं। दोनों की ओर से कोई वैध दस्तावेज भी नहीं दिया गया। परिजन ने पहले एक दस्तावेज की फोटोकॉपी दी लेकिन आज तक कोई मूल दस्तावेज पेश नहीं किए। जिससे कि असमंजस की स्थिति बनी हुई हैं। इसलिए अब कमेटी ने लड़की की सही उम्र की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी खंडवा को आदेश दिए है कि बच्ची की आयु के संबंध में बोर्न मेरो टेस्ट कराया जाए। इस टेस्ट के बाद डॉक्टर्स की एक कमेटी उम्र के निर्धारण संबंधी सर्टिफिकेट देती हैं। जिस आधार पर हम लोग कार्रवाई करेंगे।
बिहार और पंजाब पुलिस को पत्र लिखकर कार्रवाई को कहा
बाल कल्याण समिति को परिजन ने बताया कि लड़की पहले बिहार के आरा जिले में उसकी नानी के पास रहती थी। दो महीने पहले वो वहां से भागकर खरगोन आ गई थी। तब हम उसे खरगोन बाल कल्याण समिति के माध्यम से पंजाब अपने घर ले गए। अब बेटी वहां से खंडवा आ गई। इसी आधार पर बच्ची की मूल पहचान और आवश्यक कार्रवाई के लिए कमेटी ने लुधियाना और आरा जिले के पुलिस अधीक्षक और वहां की बाल कल्याण समिति को पत्र लिखा है। ताकि वो इस संबंध में उनके स्तर से कार्रवाई करें। लड़की और उसके परिवार के बारे में सही जानकारी सामने आ सके।
कमेटी ने लुधियाना और आरा जिले के पुलिस अधीक्षक और वहां की बाल कल्याण समिति को पत्र लिखा है।
लड़की बोली- मैं करियर बनाना चाहती हूं
शुक्रवार के दिन लड़की बाल कल्याण समिति के पास पहुंची तो वह घबराई हुई थी। समिति सदस्यों ने उसे मदद की दिलासा दी। उसे भयमुक्त किया और फिर काउंसलिंग की तो उसने बताया कि वह 27 जून 2025 को बालिग हो गई है। फिर कहने लगी कि वह पेरेंट्स से परेशान है। नौंवी के बाद उसकी पढ़ाई छुड़वा दी गई है। वह आगे पढ़ना चाहती है, करियर बनाना चाहती है। इसलिए अब वह घर नहीं जाएगी। लड़की 27 जून से अब तक वन स्टाप सेंटर पर है।
मां बोली- बेटी का शोषण हो रहा, ब्रेनवॉश किया गया
पंजाब के लुधियाना से आए लड़की के पिता सिविल इंजीनियर थे, लेकिन लकवा लगने के बाद से वह एक कंपनी में अकाउंटेट है। मां भी एक फैक्ट्री में काम करने जाती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में मां ने बताया कि खंडवा पहुंची बड़ी बेटी के अलावा उनकी एक छोटी बेटी और हैं। दोनों पति-पत्नी काम पर जाते थे, बेटियां घर में अकेली थी इसलिए हमने बड़ी बेटी को मोबाइल दे रखा था। लेकिन वो सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती कर बैठी।
इसी दोस्ती में वह घर से दूसरी बार भागकर आई है। वो पिछले 3 महीने से खंडवा में थी, किसके साथ रहती थी यह पता नहीं चलने दिया गया। हमें धमकाया गया कि पुलिस के पास गई तो बेटी को मार डालेंगे। बेटी के साथ बहुत कुछ गलत किया जा रहा है। वह किसी के शोषण का शिकार हो गई है। उसका ऐसा ब्रेनवॉश किया गया कि उसे हमसे नफरत हो गई। 25 अगस्त को उसने फोन पर कहा था कि मैं आपके साथ जाऊंगी, मुझे लेने आ जाओ।
लड़की की मां से पूछा तो वह कहने लगी कि बच्ची को मैंने पैदा किया है, इससे बड़ा सबूत और क्या दूं।
खंडवा में कथित एनजीओ वर्कर ने धमकाया
परिजन के मुताबिक, वो 27 अगस्त को खंडवा आए और लड़की को फोन किया तो एक महिला ने कहा कि एसएन कॉलेज के पास एक होटल में रुक जाओ। उस होटल में रुके तो वहां एक शख्स एनजीओ वर्कर बनकर हमारे पास आया। लड़की की सुपुर्दगी देने का कहकर वह कुछ डाक्युमेंट के फोटो खींचकर ले गया। वो अपना मोबाइल नंबर देकर गया। उससे बात की तो फिर वो धमकाने लगा। उसके बारे में पता किया तो जानकारी मिली कि वो किसी धार्मिक संगठन से जुड़ा हुआ हैं। हमें कहता है कि अपने घर वापस चले जाओ वरना तुमको पाकिस्तान भेज दूंगा। उसकी फोटो और कॉल रिकॉर्डिंग हमारे पास हैं। हम लोग काफी डरे हुए हैं।
मां बोली- बच्ची को मैंने पैदा किया, और क्या सबूत दूं बाल कल्याण समिति को उम्र संबंधी दस्तावेज न देने के संबंध में NEWS4SOCIALने लड़की की मां से पूछा तो वह कहने लगी कि बच्ची को मैंने पैदा किया है, इससे बड़ा सबूत और क्या दूं। मेरी शादी ही 2008 में हुई थी। चार साल बाद जाकर 2012 में पहली संतान हुई। वो यही लड़की हैं, जिसकी उम्र अभी 13 साल है। उसने पांचवी के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वह कद-काठी से 16-17 साल की दिखती हैं। लेकिन पंजाब और खासकर हमारे परिवार में लड़कियों की हेल्थ ही ऐसी हैं।
