एआई सुपरकॉप आईपीएस अंशिका वर्मा का कमाल: जांबाज़ आईपीएस ने पुलिसिंग को दिया डिजिटल हथियार, यूपी पुलिस में टेक्नोलॉजी का नया दौर शुरू – Bareilly News h3>
बरेली में तीन दिन तक चला आला हजरत का उर्स और गंगा महारानी की शोभायात्रा इस बार सिर्फ रूहानी नहीं बल्कि हाईटेक भी रहा। इसकी वजह बनीं तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा। उन्होंने एक ऐसा स्मार्ट ऐप तैयार कराया है जिसने भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक कंट्रोल औ
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कैसे काम करता है अंशिका वर्मा का हाईटेक ऐप?
इस ऐप का नाम है डायनेमिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम (डीडीएमएस)। इसमें हर पुलिसकर्मी के लिए अलग लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाए गए हैं। बाहर से आई फोर्स और पीएसी को भी इसमें जोड़ा गया। ड्यूटी कार्ड अब कागज़ पर नहीं, बल्कि क्यूआर कोड बेस्ड हो गया है। किसी भी पुलिसकर्मी का नाम, लोकेशन और प्रभारी की पूरी डिटेल बस एक स्कैन पर सामने आ जाती है। यही नहीं, ऐप में नेविगेशन फीचर भी है, जिससे जवानों को अपने ड्यूटी प्वॉइंट तक पहुंचने के लिए रास्ता भटकना नहीं पड़ता। सबकुछ एक क्लिक पर साफ-साफ दिखता है।
डैशबोर्ड से फुल कंट्रोल, लाइव मॉनिटरिंग
डीडीएमएस में सबसे खास है इसका स्मार्ट डैशबोर्ड। एसपी साउथ अंशिका वर्मा समेत अधिकारी अपने फोन या कंप्यूटर से यह देख सकते हैं कि कौन-सा पुलिसकर्मी कहां तैनात है, भीड़ कहां बढ़ रही है, जुलूस किस रास्ते से गुजर रहा है और ट्रैफिक की क्या स्थिति है। किसी भी वक्त स्पेशल अलर्ट या आदेश जारी किया जा सकता है। मूविंग ड्यूटीज़ की लाइव ट्रैकिंग से अफसरों के हाथ में पूरा कंट्रोल रहता है।
भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक में सफलता
आला हजरत के उर्स में करीब 5 लाख जायरीन पहुंचे। आमतौर पर इतनी भीड़ में अफरा-तफरी का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर अलग थी। अंशिका वर्मा के ऐप से 1300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी चेक की गई। नतीजा- भीड़ नियंत्रण बेहतरीन रहा, ट्रैफिक जाम नहीं लगा और सुरक्षा व्यवस्था भी बिना किसी गड़बड़ी के पूरी हुई।
अंशिका वर्मा: यूपी पुलिस की नई पहचान
महिला एसओजी जैसी पहल कर चुकीं अंशिका वर्मा ने यह साबित कर दिया कि पुलिसिंग अब सिर्फ डंडे और गश्त तक सीमित नहीं है। टेक्नोलॉजी को अपनाकर उन्होंने दिखा दिया कि स्मार्ट पुलिसिंग ही भविष्य है। उनके इस इनोवेशन ने यूपी पुलिस की छवि को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है।
आगे भी होगा इस्तेमाल
बरेली पुलिस ने तय किया है कि अब धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में डीडीएमएस को और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। इससे न सिर्फ पुलिस का काम आसान होगा बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिलेगा।
आईपीएस अंशिका वर्मा ने यह साबित कर दिया है कि जब तकनीक और जज्बा मिलते हैं तो पुलिस सिर्फ वर्दी का नहीं, बल्कि दिमाग और डिजिटल हथियारों का भी सबसे मजबूत सहारा बन जाती है।
