सीतापुर में मकान की दीवार गिरने से मां-बेटी की मौत: महोली में आवास योजना से वंचित परिवार की त्रासदी, दो बच्चियां घायल – Maholi News

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सीतापुर में मकान की दीवार गिरने से मां-बेटी की मौत:  महोली में आवास योजना से वंचित परिवार की त्रासदी, दो बच्चियां घायल – Maholi News

सीतापुर में मकान की दीवार गिरने से मां-बेटी की मौत: महोली में आवास योजना से वंचित परिवार की त्रासदी, दो बच्चियां घायल – Maholi News

संजीव गुप्ता | महोली (सीतापुर), सीतापुर23 मिनट पहले

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कई दिनों की बारिश के बाद कच्चे मकान की दीवार ढह गई। दीवार के मलबे में दबने से मां और उनकी बेटी की मौत हो गई।

सीतापुर के महोली विकास क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। मंगलवार सुबह एक कच्चे मकान की दीवार ढहने से दो लोगों की मौत हो गई। इस घटना में मलबे में दबने से मां-बेटी मृत पाए गए। दो बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। फिलहाल उनका इलाज जारी हैं।

परिजनों ने बताया कि हादसा रात करीब 2 बजे हुआ। जब परिवार के सभी सदस्य सो रहें थे। मृतक महिला अपनी तीन बेटियों के साथ घर की कोठरी में सो रही थी। देर रात अचानक कोठरी की दीवार गिर गई। जिसमें मां और एक बेटी मलबे में दब गई। हादसे में दोनों की मौत हो गई।

हादसे में दो अन्य बच्चियां बुरी तरह घायल हुई हैं। मृतकों की पहचान उर्मिला (35) और उनकी बेटी दिव्या (7) के रूप में हुई है। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

अब पढ़िए पूरा मामला…

मृतक महिला उर्मिला देवी और बेटी दिव्या। (फाइल फोटो)

घटना क्षेत्र के नरनी गांव की बताई जा रही है। जहां मकान की कच्ची दीवार गिरने के बाद मां और बेटी की मौत की खबर सामने आई। मृतक महिला संदीप पाण्डेय की पत्नी है। संदीप मजदूरी करते हैं। हादसा तब हुआ जब संदीप अपने बेटे अनुराग (15) के साथ घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रहे थे। उनकी पत्नी उर्मिला बेटियों सौम्या (12), प्रिया (9) और दिव्या (7) के साथ कच्ची कोठरी में थीं। अचानक कोठरी की दीवार भरभराकर गिर गई।

चीख-पुकार सुनकर संदीप और अनुराग अंदर भागे। दरवाजा बंद होने के कारण वे पीछे की तरफ गए। पड़ोसियों की मदद से मलबे को हटाया गया। उर्मिला और दिव्या को बेहोशी की हालत में महोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

इस हादसे के बाद से घर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। दोनों बेटियों बेसुध हैं। पति की स्थिति ठीक नहीं है। वे बार-बार सभी को घर से जाने के लिए कह रहें हैं। घर में परिजनों की भीड़ है और शोक का माहौल है।

परिवार इसी कच्चे मकान में रहता है। आज सुबह मकान की दीवार ढहने के बाद दो लोग मलबे में दब गए। तीन बच्चियां भी हादसे में घायल हो गईं।

नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। उन्होंने पाया कि परिवार प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए पात्र था, लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार, उर्मिला पिछले 15 दिनों से घर के बाहर खाना बना रही थीं क्योंकि दोनों कोठरियां जर्जर थीं। बारिश के कारण वे मजबूरी में कोठरी में सोने गए थे। अगर प्रधान प्रतिनिधि और ब्लॉक प्रशासन संवेदनशील होते तो शायद जनहानि न होती।

प्रधान प्रतिनिधि कौशल किशोर त्रिवेदी ने कहा कि पूर्व के प्रधानों ने भी इन्हें आवास योजना का लाभ नहीं दिया था। सूची में उनका नाम शामिल है। आवास क्यों नहीं मिला, यह ब्लॉक प्रशासन ही बता सकता है। ग्राम पंचायत अधिकारी नीरज राणा ने कहा कि संदीप पांडेय का नाम आवास सूची में शामिल है लेकिन अभी लाभ नहीं मिल सका। कारण पूछने पर वह चुप्पी साध गये।

पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। राजस्व विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।

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