भ्रष्टाचार में PWD के 4 इंजीनियरों पर कार्रवाई: डिप्टी सीएम केशव मौर्य के चार वर्ष पुराने कार्यक्रम में फर्जी सप्लाई और भुगतान का मामला – Uttar Pradesh News

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भ्रष्टाचार में PWD के 4 इंजीनियरों पर कार्रवाई:  डिप्टी सीएम केशव मौर्य के चार वर्ष पुराने कार्यक्रम में फर्जी सप्लाई और भुगतान का मामला – Uttar Pradesh News

भ्रष्टाचार में PWD के 4 इंजीनियरों पर कार्रवाई: डिप्टी सीएम केशव मौर्य के चार वर्ष पुराने कार्यक्रम में फर्जी सप्लाई और भुगतान का मामला – Uttar Pradesh News

पीडब्ल्यूडी के 4 इंजीनियरों पर कार्रवाई।

पीडब्ल्यूडी में तैनात 4 इंजीनियरों पर भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई हुई है। ये कार्रवाई चार साल पुराने देवरिया के पथरदेवा में आयोजित कृषि मेले की व्यवस्थाओं में फर्जी बिल–भुगतान को लेकर हुई है। विभाग ने इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन

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पीडब्ल्यूडी के चारों इंजीनियरों ने कृषि विभाग के इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर दो घंटे के लिए शामिल हुए तत्कालीन पीडब्ल्यूडी एवं प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आगमन व्यवस्था के लिए 100 लाख का सिर्फ डीसीएल (डेली वेज कॉन्ट्रैक्ट लेबर) की मांग की थी। पीडब्ल्यूडी के चारों इंजीनियरों ने फर्जीवाड़ा कर 4.27 करोड़ के भुगतान की कोशिश की थी।

देवरिया पीडब्ल्यूडी में तैनात अधिकारियों का खेल।

ये है पूरा मामला

17 जून 2021 देवरिया जिले के पथरदेवा विकास खंड स्थित आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज में कृषि मेले का आयोजन किया गया था। ये मेला तीन दिवसीय था। मेले का आयोजन कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की ओर से आयोजित की गई थी। इस मेले में बतौर मुख्य अतिथि तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री एवं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य शामिल हुए थे।

कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव सिर्फ दो घंटे ही थे। डिप्टी सीएम के दौरे को लेकर पीडब्ल्यूडी ने स्विस काटेज, बैरिकेडिंग, मंच पंडाल सहित 34 तरह के खर्च दिखाए। दो घंटे की बजाय तीन दिन का कार्यक्रम दिखाया। सभी ऑर्डर पुरानी तारीखों में चढ़ा दिया। इसके एवज में चारों इंजीनियरों ने 4.27 करोड़ के भुगतान की कोशिश की थी। पर विभाग के ही एक बाबू की वजह से भांडा फूट गया।

इसी फर्जीवाड़े पर हुई कार्रवाई।

कार्यक्रम के 4 दिन पहले ही जारी कर दिया था ऑर्डर

डिप्टी सीएम के आगमन का कार्यक्रम 13 अक्टूबर 2021 को जारी हुआ। पर अधिकारियों ने कार्यक्रम जारी होने से 4 दिन पहले ही 9 सप्लाई ऑर्डर निकाल दिया। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने तीन दिन के इस कार्यक्रम के मुताबिक तीन पार्ट में ऑर्डर दिखाए, जो टैक्स जोड़कर 4.27 करोड़ रुपए बना था। फिर भुगतान के लिए इसकी डिमांड शासन को भेज दी थी। सर्किल के बाबू ने डिस्पैच रजिस्टर में सभी 34 आपूर्ति ऑर्डरों को अलग–अलग तारीखों में चढ़ा दिया था।

पीडब्ल्यूडी की ओर से जारी कार्रवाई का आदेश।

ठेकेदारों की शिकायत पर खुला मामला, फिर हुई कार्रवाई

इस फर्जीवाड़े की शिकायत कुछ ठेकेदारों ने विभाग के अधिकारियों से की। इसके बाद मामले की पोल खुली। पीडब्ल्यूडी ने इस मामले में तत्कालीन अधिशासी अभियंता अनिल कुमार जाटव, अधिशासी अभियंता कमल किशोर के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कमल किशोर पहले से ही निलंबित चल रहे हैं। कार्रवाई की सूचना महालेखाकार यूपी को भेजी गई है। इन दोनों इंजीनियरों के खिलाफ प्रकरण की जांच मुख्य अभियंता बस्ती को सौंपी गई है।

इसी तरह की कार्रवाई के आदेश प्रमुख अभियंता (विकास) अशोक कुमार द्विवेदी ने अवर अभियंता देवरिया रहे साहब हुसैन, और अभियंता अनूप सिंह के खिलाफ दिए हैं। दोनों अवर अभियंताओं के प्रकरण की जांच मुख्य अभियंता गोरखपुर को दी गई है। एक सप्ताह में जांच कर लखनऊ मुख्यालय को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

ये आदेश हुए जारी-

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यूपी में डिप्टी CM के दौरे के फर्जी बिल लगाए:PWD अफसरों ने 76 लाख की जगह 4.27 करोड़ मांगे

यूपी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के 5 घंटे के कार्यक्रम को 3 दिन का दिखा दिया। फिर 34 ऑर्डर अलग–अलग पुरानी तारीखों में चढ़वा दिए। ऐसा कर देवरिया पीडब्ल्यूडी के अफसर-कर्मचारियों ने 76 लाख की जगह 4.27 करोड़ के भुगतान कराने की कोशिश की। लेकिन विभाग के ही एक बाबू की वजह से सारा भांडा फूट गया।

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