एमपी में एक जैसे सरकारी पदों के लिए एक परीक्षा: कैंडिडेट्स चुनेंगे पद का विकल्प, MPPSC 5 तो कर्मचारी चयन मंडल लेगा 4 एग्जाम – Madhya Pradesh News

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एमपी में एक जैसे सरकारी पदों के लिए एक परीक्षा:  कैंडिडेट्स चुनेंगे पद का विकल्प, MPPSC 5 तो कर्मचारी चयन मंडल लेगा 4 एग्जाम – Madhya Pradesh News

एमपी में एक जैसे सरकारी पदों के लिए एक परीक्षा: कैंडिडेट्स चुनेंगे पद का विकल्प, MPPSC 5 तो कर्मचारी चयन मंडल लेगा 4 एग्जाम – Madhya Pradesh News

मध्यप्रदेश में भी संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर अब एक जैसे सरकारी पदों पर भर्तियों के लिए केवल एक ही परीक्षा होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसके मुताबिक, कैंडिडेट्स जिस पद के लिए परीक्षा दे रहे हैं उसके लिए आवे

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बता दें कि राज्य में सरकारी पदों पर भर्ती के लिए मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) और कर्मचारी चयन मंडल परीक्षाएं (ईएसबी) आयोजित करता है। एमपीपीएससी साल में करीब 20-22 परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करता है तो कर्मचारी चयन मंडल करीब 30 परीक्षाएं आयोजित करवाता है। परीक्षा का नया सिस्टम लागू होने के बाद एमपीपीएससी 5 तो कर्मचारी चयन मंडल 4 परीक्षाएं लेगा।

एक जैसे पदों के लिए एक परीक्षा लेने से क्या फायदा होगा? मेरिट और वेटिंग लिस्ट कैसे तैयार की जाएगी? सिलसिलेवार जानिए, मंडे स्टोरी में…

एग्जाम के नए पैटर्न की जरूरत क्यों? मध्यप्रदेश में इस समय सरकारी विभागों के भर्ती नियम अलग-अलग हैं। शिक्षा विभाग का टीचरों की भर्ती के लिए अलग नियम है तो वन और नगर एवं ग्राम निवेश विभागों के भर्ती नियम भी अलग हैं। इसके आधार पर ही एमपीपीएससी और ईएसबी भर्ती के लिए अलग-अलग विज्ञापन जारी करते हैं।

परीक्षा कराने वाली एजेंसी मेरिट और वेटिंग लिस्ट बनाकर संबंधित विभाग को दे देती है। इसके आधार पर आगे की प्रोसेस की जाती है। मध्यप्रदेश सरकार अगले ढाई साल में ढाई लाख सरकारी पदों पर भर्ती करने वाली है। इस प्रक्रिया को तय समय सीमा में पूरा करना है। अलग-अलग भर्ती परीक्षाएं आयोजित होंगी तो ढाई लाख पदों पर भर्ती में समय लगेगा।

किस कैडर में कितने खाली पद होंगे और भर्ती कैसे होगी? इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने फॉर्मूला भी तय किया है। इसे नीचे दी गई स्लाइड से समझ सकते हैं।

नए पैटर्न से फायदा? अभ्यर्थियों को हर बार अलग-अलग विभागीय भर्तियों के लिए न तो फीस देनी पड़ेगी, न ही अलग-अलग परीक्षाओं में बैठना होगा। एक बार परीक्षा देने के बाद सफल अभ्यार्थियों का नाम मेरिट और वेटिंग लिस्ट में होगा। उन्हें योग्यता के आधार पर पद दिया जाएगा, यदि कोई पद नहीं लेता तो वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थी को मौका मिलेगा।

इससे सीटें खाली नहीं रहेंगी और चयन की प्रक्रिया तेज होगी। इसे इस उदाहरण से समझ सकते हैं। अखिलेश पिछले तीन साल से स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस और सब इंजीनियर के लिए तैयारी कर रहे हैं। अखिलेश बताते हैं कि साल में दो बार एग्जाम का शेड्यूल आ जाता है, जिससे अच्छी रणनीति नहीं बन पाती।

3 पॉइंट्स में समझिए, कैसे आयोजित होगा एग्जाम

1. नौ कैटेगरी के लिए साल में एक एग्जाम पिछले पांच साल में एमपीपीएससी ने 22 और ईएसबी ने 30 अलग-अलग तरह की भर्ती परीक्षाएं ली हैं। नए पैटर्न के तहत 9 केटेगरी के लिए साल में एक-एक परीक्षा होगी। इसमें एमपीपीएससी की पांच और ईएसबी की 4 परीक्षा कराने का प्रस्ताव है। यानी कई विभागों के लिए एक कैटेगरी में भर्ती के लिए अब संयुक्त परीक्षा होंगी। इन परीक्षाओं का वार्षिक केलेंडर भी तय किया जाएगा।

2. रैंक और प्रेफरेंस के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा सारे विभागों में पोस्ट का एक नाम होगा और फिक्स पे स्केल पर भर्ती होगी। बाबूओं का भी एक नया कैडर बनाने पर विचार हो रहा है। रैंक और प्रेफरेंस के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा। उसी हिसाब से अलग अलग विभागों में नियुक्तियां दी जाएंगी। मेरिट के साथ वेटिंग लिस्ट भी एक बार बनाई जाएगी और उसमें ही पद उपलब्ध होने पर चयनित अभ्यर्थी को मौका मिलता रहेगा।

3. कैंडिडेट को मिलेगा चॉइस फिलिंग का मौका सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अभ्यर्थियों से आवेदन के समय विकल्प मांगे जाएंगे। अलग-अलग विभागों की एक जैसी भर्ती के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा होगी, लेकिन पेपर एक जैसा तैयार किया जाएगा। कैंडिडेट्स को आवेदन करते वक्त चॉइस फिलिंग करनी पड़ेगी कि वे किस पद के लिए आवेदन कर रहे हैं?

उसी के हिसाब से मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। मेरिट के हिसाब से यदि अभ्यर्थी का चयन दो पदों के लिए हो गया, तो उसे कॉल लेटर दोनों मे से किसी एक पद का भेजा जाएगा। वह एक पद का चयन करता है तो दूसरा पद वेटिंग लिस्ट में सबसे ऊपर वाले अभ्यर्थी को मिल जाएगा।

ड्राइवर-फोर्थ ग्रेड पदों पर भर्ती के लिए भी एक नियम विभागों के भर्ती नियम भी अब एक जैसे होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ही इन्हें बनाकर अधिसूचित करने के लिए देगा। यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है ताकि एकरूपता रहे। इसमें समान प्रकृति के पदों के लिए एक जैसे नियम हो जाएंगे। दरअसल, एग्रीमेंट के आधार पर अपॉइन्टेड वाहन चालकों को सीधी भर्ती से लेना जरूरी नहीं है।

जिन विभागों के पास खुद के वाहन हैं, वे भी ड्राइवर आउटसोर्स के जरिए भर्ती करने पर विचार करेंगे। विशिष्ट विभागों में जहां वाहन चालकों के खाली पदों पर सीधी भर्ती बेहद जरूरी है, वे वित्त विभाग को तथ्यों के साथ प्रस्ताव देकर स्वीकृति लेकर ही भर्ती कर सकेंगे। जहां चतुर्थ श्रेणी के खाली पदों पर सीधी भर्ती करना बेहद जरूरी है, वे वित्त विभाग से मंजूरी लेकर भर्ती कर सकेंगे।

परीक्षा और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी नई व्यवस्था में भर्ती से जुड़ी हर प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आवेदन, परीक्षा नियम, परिणाम, मेरिट लिस्ट सब कुछ सार्वजनिक रहेगा। सभी विभागों के भर्ती नियम एक जैसे बनाए जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग इन्हें अधिसूचित करेगा, जिससे एकरूपता बनी रहेगी और एजेंसियों को विज्ञापन निकालने में आसानी होगी। इसके अलावा परीक्षा का पूरा ब्योरा ऑनलाइन रहेगा।

अभी एमपीपीएससी के माध्यम से होने वाली परीक्षा से जुड़े कई रिकार्ड सार्वजनिक नहीं किए जाते हैं। जिसके कारण अभ्यर्थी परीक्षा में धांधली का आरोप लगाकर कोर्ट चले जाते हैं। ऐसे में परीक्षा परिणाम या चयन सूची पर रोक लग जाती है। इससे आगे की प्रक्रिया रुक जाती है। ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सभी जानकारियां ऑनलाइन की जाएंगी ताकि किसी को सूचना के अभाव में कोई भ्रम या संदेह न रहे।

50 रुपए बढ़ सकती है फीस कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा फीस 20 फीसदी तक बढ़ाए जाने का प्रस्ताव भी तैयार किया है। वर्तमान में आरक्षित अभ्यर्थियों को 250 रुपए और सामान्य वर्ग के छात्रों को 500 रुपए फीस देनी होती है। यदि फीस बढ़ोतरी की जाती है तो सामान्य वर्ग के छात्रों को 550 रुपए और आरक्षित वर्ग के छात्रों को 275 रुपए परीक्षा फीस देनी होगी।

बता दें कि अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक ही अभ्यर्थी को साल में सिर्फ एक बार फीस देनी पड़ी थी। इसके बाद अलग-अलग परीक्षा के लिए अलग-अलग फीस ली जाती है।

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MP में प्राइमरी टीचर के 13,089 पदों पर भर्ती

मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक के 10,150 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अलावा जनजातीय विभाग के 2,939 पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी। आवेदन प्रक्रिया 18 जुलाई 2025 से 1 अगस्त 2025 तक चलेगी। पढ़ें पूरी खबर…

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