पायलट के चेहरे पर लड़ा चुनाव, पर्ची गहलोत की निकली: खर्रा ने डोटासरा पर तंज कसते कहा- भू कारोबारियों का स्वार्थ जुड़ा, सीकर मास्टर प्लान 2041 को मिली मंजूरी – Sikar News h3>
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- यह सही है कि 2023 में अंतिम तिमाही में सीकर का मास्टर प्लान तैयार हो गया था। लेकिन उसमें सबसे बड़ी दुविधा थी कि वर्तमान में जितने भी मार्गाधिकार थे, उन सभी मार्गधिकारों को उसमें संकुचित करने का काम किया गया था। य
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इस संबंध में मैंने विधानसभा में भी स्पष्ट रूप से कहा था। क्योकिं, 2023 के जो मास्टर प्लान थे वह संशोधित किए गए थे। वह मास्टर प्लान व्यापक जनहित के नहीं थे, व्यक्तिगत लाभ के थे। हमने इसके लिए विधिक राय ली और विधिक राय लेने के बाद सारे संशोधनों को समाप्त कर दिया गया। वर्तमान के मास्टर प्लान में एक संशोधन जरूर किया गया है बाकी सभी मार्ग यथावत रखे गए हैं। अब आमजन से संशोधन के लिए सुझाव मांगे गए हैं। जो संशोधन आएंगे उसके आधार पर ही मार्गों की चौड़ाई बढ़ाने का काम किया जाएगा। लेकिन सुझाव व्यक्तिगत नहीं होने चाहिए।
झाबर सिंह खर्रा ने यह बात पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के सीकर के मास्टर प्लान पर किए गए ट्वीट का जवाब देते हुए कही।
डोटासरा ने सीकर का मास्टर प्लान जारी करने को लेकर सोशल मीडिया ‘X’ पर पोस्ट कर लिखा था…
मंत्री जी… सीकर की जनता जानना चाहती है कि, जब सीकर का मास्टर प्लान अक्टूबर 2023 में बनकर और सरकार से ड्राफ्ट प्रकाशन के लिए तैयार था तो फिर प्रकाशन में 18 माह की देरी क्यों हुई ?
सिर्फ माहौल मत बनाइए… आप वही मास्टर प्लान का ड्राफ्ट प्रकाशित कर रहे हैं, जो कांग्रेस सरकार के समय बनकर तैयार हुआ। कहीं ऐसा न हो कि अब आप आपत्तियां सुनकर इसे लागू करने में फिर डेढ़ साल और लगा दें।
सीकर के मास्टर प्लान का प्रारूप।
डोटासरा पर तंज कसते हुए खर्रा ने कहा- मैं भू कारोबार से जुड़ा हुआ नहीं हूं स्पष्ट कर देता हूं। मेरा सिर्फ खेती, पशुपालन और समाज सेवा के अलावा कोई काम नहीं है। जो लोग भू कारोबार से जुड़े हुए हैं, उनका स्वार्थ इस नए ड्राफ्ट प्रकाशन से आहत हो रहा है तो मेरे पास उसका कोई इलाज नहीं है। हमने व्यक्तिगत जनहित के अलावा व्यापक जनहित को ज्यादा महत्व नहीं दिया।
डोटासरा के पर्ची सरकार वाले बयान पर बोलते हुए खर्रा ने कहा- 1998 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने परसराम मदेरणा के चेहरे को आगे कर लड़ा गया था। लेकिन मुख्यमंत्री कौन बना था। उस समय पर्ची किसकी आई। 2008 का चुनाव सीपी जोशी के चेहरे पर लड़ा गया था। दुर्भाग्य से वह कैंडिडेट हार गया। उनकी बिना सहमति के पर्ची फिर से आ गई। 2018 का चुनाव पायलट के चेहरे पर लड़ा गया, लेकिन दिल्ली से पर्ची किसी दूसरे की आ गई थी। डोटासरा जी अब खुद की पार्टी की बात हम पर लाकर कह रहे हैं। इनकी पार्टी पर्ची से ही काम चल रही है।
झाबर सिंह खर्रा सीकर नगर परिषद सभागार में सीकर के मास्टर प्लान 2041 को स्वीकृति जारी करने आए थे। इस दौरान उन्होंने मास्टर प्लान की प्रारूप पुस्तक का विमोचन भी किया। इस मौके पर नक्शों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन हुआ, जहां आमजन 24 जुलाई तक मास्टर प्लान के प्रारूप देखकर अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं।
नगर परिषद में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद यूडीएच मंत्री झाबर सिंह, धोद विधायक गोरधन वर्मा व सीकर जिला कलक्टर मुकुल शर्मा।
आपत्तियों के लिए विशेष टीम नियुक्त
मास्टर प्लान को लेकर आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए नगर नियोजन विभाग ने पहली बार जयपुर से अलग सीकर में विशेष टीम तैनात की है। इस टीम में सहायक नगर नियोजक अजय शर्मा और अन्वेषक ग्रेड प्रथम रवि मीणा शामिल हैं। यह कदम पारदर्शिता और स्थानीय स्तर पर शिकायत निवारण को आसान बनाने के लिए उठाया गया है।
50 गांव-ढाणियां शहरी सीमा में शामिल
14 साल बाद सीकर शहर का दायरा बढ़ने जा रहा है। मास्टर प्लान 2041 के तहत शहर के आसपास के 50 गांव और ढाणियां नगरीय सीमा में शामिल होंगी। इससे इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ तेजी से विकास की उम्मीद है। मास्टर प्लान में आवासीय, औद्योगिक, संस्थानिक और सुविधा क्षेत्रों के जोन भी निर्धारित किए जाएंगे, जिससे सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
रियल एस्टेट और आमजन को मिलेगी राहत
मास्टर प्लान के लागू होने से सीकर के रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलने की संभावना है। यूआईटी से अनुमोदित आवासीय कॉलोनियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे आम लोगों की अपने आशियाने की उम्मीद पूरी होगी। साथ ही, पट्टों का वितरण भी तेज होगा, जो लंबे समय से अटका हुआ था।
आपत्तियों के लिए विशेष टीम नियुक्त की गई है।
मंत्री बोले- सीकर का बनेगा नया विकास खाका
विमोचन समारोह में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- मास्टर प्लान 2041 सीकर के विकास का नया खाका तैयार करेगा। यह शिक्षा नगरी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करेगा और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाएगा। जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी में आमजन के सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, ताकि मास्टर प्लान को और बेहतर किया जा सके।
आमजन के लिए प्रदर्शनी 24 जुलाई तक
नगर परिषद सभागार में आयोजित प्रदर्शनी में लोग मास्टर प्लान के नक्शे और प्रारूप देख सकते हैं। 24 जुलाई तक आपत्तियां दर्ज करवाने का मौका है, जिसके बाद अंतिम मास्टर प्लान को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह कदम सीकर को राजस्थान के प्रमुख शहरों में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
यह गांव होंगे सीकर नगरीय क्षेत्र में शामिल
सीकर मास्टर प्लान 2041 में सीकर शहर के नजदीकी 50 गांव-ढाणियों को सीकर नगरीय सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसमें सबलपुरा, भैरूपुरा, कुड़ली, शिवसिंहपुरा, हरदयालपुरा, नानी, चंदपुरा, बजाज नगर, खीचड़ों का बास, गोकुलपुरा, ढासा की ढाणी, रामू का बास, पालवास, रामपुरा, पुरां की ढाणी, घोराणा, चारण का बास, आसपुरा, भढाडर, झीगर छोटी, शास्त्री नगर, बाजौर, दुजोद, हर्ष, देवगढ़, हीरामल नगर, ढाका की ढाणी, जगमालपुरा, भादवासी, कटराथल, दादली, समर्थपुरा, राधाकिशनपुरा, दुला की ढाणी, ढाणी नाथावतान, ढाणी सालिम सिंह, देवीपुरा, कंवरपुरा, संतोषपुरा, बालाजी भैरूजी नगर, नला का बालाजी, देवलानाड़ा, बलरामपुरा, चैलासी, किरडोली, झीगर बड़ी, मलकेड़ा व पीपल्यानगर आदि शामिल है।
