दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड निर्माण कार्य में तेजी के साथ अब सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसके तहत बिहटा प्रखंड के महादेव फुलवारी और श्रीरामपुर मौजा में जिला प्रशासन ने पटना डीएम डॉ. त्यागराजन एम. एस. के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की है। मंगलवार को सड़क विस्तार में आ रहे कई मकान, दुकान और मंदिरों पर बुलडोजर चला।
कार्रवाई को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पटना से भी अतिरिक्त बल मौके पर मौजूद रहा ताकि किसी भी विरोध-प्रदर्शन या अव्यवस्था से निपटा जा सके।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व इन इलाकों में मुआवजे को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। उनका कहना था कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा, वे अपना घर-दुकान नहीं तोड़ने देंगे। इसके बाद दानापुर एसडीएम दिव्या शक्ति ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और आश्वासन दिया कि जिनके पास वैध दस्तावेज हैं, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
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प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, महादेव फुलवारी और श्रीरामपुर मौजा में करीब 50 से अधिक मकान, दुकान और धार्मिक स्थलों को हटाया जाना है। हालांकि, अभी भी कई लोगों को दस्तावेज जमा करने के बावजूद मुआवजा नहीं मिल सका है, और वे भू-अर्जन कार्यालय पटना के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनके घर सरकारी जमीन पर वर्षों पहले बनाए गए थे। अब सड़क चौड़ीकरण के कारण इन घरों को भी हटाया जा रहा है, जिससे कई परिवार बेघर हो रहे हैं।
इस संबंध में बिहटा अंचलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि लोगों को पहले कई बार नोटिस दिया गया था। अब डीएम के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिनका निर्माण कार्य सरकारी जमीन पर है, उन्हें पूरी तरह से हटाया जा रहा है। वहीं जिन लोगों के पास वैध कागजात हैं, उनकी रिपोर्ट बनाकर भू-अर्जन कार्यालय को भेजी जा रही है और उन्हें मुआवजा भी दिया जा रहा है।
सितंबर 2026 तक शुरू हो जाएगा एलिवेटेड रोड
दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड की कुल लंबाई 25 किलोमीटर है, जिसमें करीब 14 किलोमीटर एलिवेटेड रोड और शेष 11 किलोमीटर सामान्य सड़क मार्ग शामिल है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 1400 करोड़ रुपये है।
बिहार सरकार ने इसका निर्माण कार्य सितंबर 2026 तक पूरा कर सड़क को जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा है। पटना डीएम स्वयं निर्माण कार्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं और समय-समय पर निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। इस सड़क के बन जाने से पटना से आरा, बक्सर और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। समय की बचत के साथ-साथ ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी।