प्रयागराज के महिलाओं समेत 90 लोग ईरान में फंसे: जियारत करने गए थे, पैसे खत्म, नेटवर्क न होने से बात भी नहीं हो पा रही, सलामती को दुआ – Prayagraj (Allahabad) News

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प्रयागराज के महिलाओं समेत 90 लोग ईरान में फंसे:  जियारत करने गए थे, पैसे खत्म, नेटवर्क न होने से बात भी नहीं हो पा रही, सलामती को दुआ – Prayagraj (Allahabad) News

प्रयागराज के महिलाओं समेत 90 लोग ईरान में फंसे: जियारत करने गए थे, पैसे खत्म, नेटवर्क न होने से बात भी नहीं हो पा रही, सलामती को दुआ – Prayagraj (Allahabad) News

प्रयागराज के 90 लोग ईरान में फंसे हुए हैं। उन लोगों से नेटवर्क सही से न मिलने के कारण बात भी नहीं कर पा रहे हैं। जिससे प्रयागराज में मौजूद परिवार के सदस्य परेशान हैं। उनको समझ नहीं आ रहा है कि वह क्या करें। ईरान के हालात खराब होने से घर वापसी की चाह

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रहने और खाने का इंतजाम करना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। ऐसे में लोग लगातार भारत सरकार से अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने रूस और यूक्रेन युद्ध के समय फंसे नागरिकों को वापस लाए थे वैसे ही हम लोगों को भी यहां से निकाला जाए।

प्रयागराज के 90 लोग ईरान में फंसे हुए हैं। इनमें बहुत की महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

19 मई को रवाना हुआ था दरियाबाद से 90 लोगों का जत्था दरियाबाद के रहने वाले एमएस खान ने बताया कि उनकी पत्नी,सास, चच्ची और कई रिश्तेदार एक साथ जत्थे के साथ जियारत करने के लिए 19 मई को दिल्ली से ईरान के लिए रवाना हुए थे।

ईरान के बाद सभी तेहरान गए थे। वहां से 14 जून को लौटना था। उसी बीच इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया। ऐसे में सभी लोग उस समय बीच रास्ते में फंस गए, जब वह एयरपोर्ट के लिए निकल चुके थे।

बीच रास्ते में फंसने के कारण वापस होटल लौटने की सोचा तो वहां से भी इनकार कर दिया गया। ऐसे में उनको बीच रास्ते में अलग-अलग ग्रुप में रहना पड़ रहा है।

परिवार के ही कई सदस्य इस प्रकार की मुसीबत झेल रहे हैं। इसके कारण प्रयागराज में मौजूद परिवार के लोगों की अधिक चिंता बढ़ गई है। सिया बाहुल्य इलाके से गए 90 लोगों के ग्रुप में सबसे अधिक महिलाएं हैं।

दरियाबाद निवासी एमएस खान ने बताया कि उनकी पत्नी,सास, चच्ची और कई रिश्तेदार एक साथ जत्थे के साथ जियारत करने के लिए 19 मई को ईरान गए थे।

खत्म हो गए पैसे, यहां से पहुंचा रहे धनराशि दरियाबाद के ही रहने वाले रौनक शफीपुरी बताते हैं कि उनकी 75 वर्षीय मौसी सुल्ताना बेगम भी ग्रुप के साथ गई हुई हैं। जिस दिन उन लोगों को लौटना था। उस दिन उन्होंने ने जमकर शापिंग की।

क्योंकि सभी को पता था कि लौटने के सारे इंतजाम हो चुके हैं। बस कुछ घंटों में फ्लाइट पकड़नी है। होटल से निकलने से पहले उन्होंने घर- परिवार के सदस्यों के लिए शापिंग कर ली, लेकिन उनको नहीं पता था कि कुछ घंटों का एयरपोर्ट का सफर कई दिनों की मुसीबत बन जाएगा।

ऐसे में पूरे रुपए खत्म होने के कारण उन लोगों के पास रहने और खाने तक के लिए कुछ नहीं बचा। जिन एजेंट के साथ वह ईरान की यात्रा पर गई थीं, वह भी किसी प्रकार बंदोबस्त करने में जुटे हैं, लेकिन घर वालों की चिंता लगातार बनी हुई है।

इरान में फंसे मोहम्मद इसरार की बेटी कुलसुम रिजवी का रो-रो कर इस समय बुरा हाल है।

बेटी का रोकर हो रहा बुरा हाल मोहम्मद इसरार की बेटी कुलसुम रिजवी का रो-रो कर इस समय बुरा हाल है। दैनिक NEWS4SOCIALसे बातचीत करते हुए कुलसुम ने बताया कि उनकी अम्मी और परिवार के लोग तेहरान में फंसे हुए हैं।

अम्मी से बात नहीं हो पा रही है। वह किस हाल में हैं यह भी सही तरीके से पता नहीं चल पा रहा है। घर में उनके पिता से लेकर उनके दादा तक परेशान हैं।

आतिफ का कहना है कि उनके परिवार के कई लोग ईरान में फंसे हैं। नेटवर्क की दिक्कत के कारण बात भी नहीं हो पा रही है।

हर कोई बस यही दुआ कर रहा है कि लोग सही सलामत चले आए। लेकिन जिस तरह के वहां पर हालात हैं, उसको लेकर मन में लगातार डर बना हुआ है।

भारत सरकार से लगातार गुजारिश है कि वह किसी प्रकार उनके परिवार को किसी प्रकार वहां की मुसीबत से बाहर निकालें। यह हाल दरियाबाद के सिया समुदाय के ज्यादातर परिवारों का है। जिनके घर की महिलाएं इस ट्रिप में शामिल हैं।

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