शुभम ने कहा- पीढ़ी में पहली सरकारी नौकरी मिली: किसान की बेटी सिपाही; मेरठ से देवरिया तक के यूथ ने सुनाई यूपी पुलिस में आने की कहानी – Lucknow News h3>
राजधानी लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड रविवार को इतिहास बन गया। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक साथ 60,244 आरक्षियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। बड़ी संख्या में ऐसे युवाओं को नियुक्ति पत्र मिला, जिनके परिवार में कभी कोई सरकारी नौकरी नहीं थी।
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नियुक्त पत्र पाकर उनकी आंखें भर आईं। इनमें किसान, श्रमिक, पशुपालक, छोटे व्यापारी, मजदूर परिवारों के युवा रहे हैं। सबने एक ही बात कही, “अब सरकारी नौकरी के लिए खेत नहीं बिकते, रिश्वत नहीं देनी पड़ती, मेहनत का ईमानदारी से फल मिलता है।”
दैनिक NEWS4SOCIALने नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं से बातचीत की, जिनके संघर्ष की कहानी लोगों के लिए आइडल है। पढ़िए रिपोर्ट…
उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ में एक साथ 60,244 आरक्षियों को नियुक्त पत्र सौंपा।
मेरठ के शुभम पाल की कहानी- डेयरी छोड़ी, वर्दी पाई
शुभम पाल, निवासी शताब्दी नगर, मेरठ ने बताया कि वह आर्मी में जाना चाहता था, लेकिन परिवार की जरूरतों और पिता की सलाह पर डेयरी का काम संभाला। इसी बीच 60,244 कॉन्स्टेबल भर्ती आई। पहली बार देखा कि भर्ती निष्पक्ष हो रही है, कोई सिफारिश नहीं, कोई घूस नहीं।
बुलंदशहर के गुलशन राघव- CISF वाले भाई ने रास्ता दिखाया
गुलशन राघव के बड़े भाई CISF में सब इंस्पेक्टर हैं। उन्हीं के गाइडेंस पर उन्होंने पुलिस भर्ती की तैयारी की। गुलशन ने कहा- “मुझे आज भी विश्वास नहीं हो रहा कि मेरा सिलेक्शन हो गया।” गुलशन ने बताया कि इससे पहले भी रेलवे और BSF की परीक्षाएं दी थीं, लेकिन सिलेक्शन नहीं हुआ था।
फिरोजाबाद की रोशनी किसान की बेटी बनी आरक्षी
हरदासपुर गांव की रोशनी अपने पूरे परिवार में पहली सरकारी कर्मचारी बनी हैं।“दादा-चाचा सभी खेती करते हैं, पर अब बेटी पुलिस में है।”उन्होंने कहा कि “मैंने फॉर्म भरा, परीक्षा दी और चयन हो गया-किसी को एक पैसा नहीं देना पड़ा।” मां मीरा देवी और पिता अमीर सिंह की आंखों में खुशी के आंसू हैं। बेटी की कामयाबी ने पूरे गांव में गर्व भर दिया।
पहले कहा जाता था खेत बिक जाते हैं, अब ऐसा नहीं है
बांदा के मरका गांव की प्रीति यादव भी तीन भाइयों की अकेली बहन हैं। उन्होंने कहा कि पापा प्राइवेट नौकरी करते हैं, मां गृहिणी हैं। घर की जिम्मेदारियों के बीच तैयारी करना कठिन था, लेकिन उन्होंने डटकर तैयारी की और चयनित हुईं।
“अब भेदभाव नहीं, सिर्फ मेहनत का मोल”
दलित समुदाय से आने वाले आशीष गौतम के माता-पिता मजदूरी करते हैं। उन्होंने कहा कि सीएम योगी की बातों पर भरोसा किया कि भ्रष्टाचार नहीं होगा। और वही सच निकला।
गांव-गांव में जश्न, कई परिवारों में पहली बार सरकारी नौकरी
बुलंदशहर से गुलशन कहते हैं – “मेरे गांव में 22 बच्चों का मेरिट में नाम आया, 6 को नियुक्ति पत्र मिला।” गांवों में खुशी का माहौल है। कोई पहली बार वर्दी पहन रहा है, कोई पिता की आंखों में गर्व के आंसू देख रहा है।
जानिए पूरी भर्ती प्रक्रिया
पुलिस भर्ती प्रक्रिया की विज्ञप्ति अक्टूबर 2023 में निकली थी। इसके लिए पहले फरवरी में परीक्षा हुई, लेकिन पेपर लीक होने के कारण परीक्षा दोबारा करानी पड़ी। इसके बाद लिखित परीक्षा 23, 24, 25, 30 और 31 अगस्त को कुल 10 पालियों में आयोजित की गई थी।
48 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इस परीक्षा में 150 सवाल पूछे गए थे। हर सवाल के 2 नंबर तय थे, यानी कुल 300 नंबरों की परीक्षा हुई थी। माइनस मार्किंग भी थी—हर गलत सवाल पर 0.25 नंबर काटे गए।
सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए लिखित परीक्षा के बाद 1,74,316 अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया था। 10 से 27 फरवरी 2025 के बीच फिजिकल टेस्ट कराया गया।
इसके बाद नॉर्मलाइज्ड स्कोर और आरक्षण नियमों के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की गई। तीन महीने पहले, यानी 13 मार्च को फाइनल रिजल्ट घोषित किया गया था। 12,048 महिलाओं और 48,196 पुरुषों ने परीक्षा पास की थी। सबसे अधिक आगरा से 2,349 और सबसे कम श्रावस्ती से 25 अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की थी।
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