शारदा नदी में डूबे एक ही गांव के 4 बच्चे: मां ने कहा- तीन दिनों से खाना बना कर रखा है, अभी भी इंतजार – Lakhimpur-Kheri News

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शारदा नदी में डूबे एक ही गांव के 4 बच्चे:  मां ने कहा- तीन दिनों से खाना बना कर रखा है, अभी भी इंतजार – Lakhimpur-Kheri News

शारदा नदी में डूबे एक ही गांव के 4 बच्चे: मां ने कहा- तीन दिनों से खाना बना कर रखा है, अभी भी इंतजार – Lakhimpur-Kheri News

गोपाल गिरी | लखीमपुर-खीरी8 मिनट पहले

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लखीमपुर खीरी के एक गांव के चार बच्चों की नदीं में डूबकर मौत हो गई। यह सभी नदीं पर बन रहा पूल देखने गए थे। दो के शव शुक्रवार को मिल गए थे। दो के शव आज मिले है। शुक्रवार की दोपहर पास की शारदा नदी में नहाने गए थे। फिर वापस नहीं लौटे l नहाते समय बच्चे नदी की तेज धारा में फंस गए और डूब गए l परिजनों के अनुसार हसनपुर कटौली से 6 किशोर निर्माणाधीन पुल देखने निकले थे।

हसनपुर कटौली गांव के अविनाश (17) उर्फ ननकू पुत्र विनोद शुक्ला, उत्कर्ष उम्र 16 वर्ष पुत्र मनोज मिश्रा, 16 वर्षीय देवांश पुत्र दीपक दीक्षित, राहुल उम्र 17 वर्ष पुत्र गौतम शुक्ला, शिब्बू उम्र 17 वर्ष जिला बहराइच निवासी शांतनु उम्र 16 वर्ष जो मेहमानी में आया था l दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर शुक्रवार की दोपहर करीब 2 बजे घर से निकले।

पुल देखने के बाद चार दोस्त नहाने चले गए सभी 6 लोग शारदा नदी पर बन रहे पुल को देखने की बात कहकर घर से निकले थे। पुल देखने के बाद अविनाश, उत्कर्ष, देवांश और राहुल शारदा नदी में नहाने उतर गए। जबकि शिब्बू और शांतनु किनारे पर ही मौजूद रहे। नहाने के दौरान चारों किशोर गहरे पानी मे चले गए और डूबने लगे।

उस वक्त डर के मारे शिब्बू और शांतनु भाग गए। वहां पर मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते तब तक चारों तेज धार में बह गए। स्थानीय लोगों ने बच्चो को बचाने का प्रयास किया और घटना की सूचना परिजनों और प्रशाशन को दी।

घटना की सूचना मिलते ही परिजनों के साथ मौके पर सीओ धौरहरा एसडीएम धौरहरा सहित ईसानगर पुलिस पहुंच गई थी। स्थानीय गोताखोरों की मदद से दो बच्चों अविनाश और उत्कर्ष का शव बरामद कर लिया था। वहीं अन्य दोनों बच्चो की तलाश के लिए फ्लड पीएससी बुलाई गई थी।

दो की दूसरे दिन मिली लाशें लगभग पांच घंटे चले सर्च अभियान में कोई सफलता नहीं मिली l दूसरे दिन अभियान को शनिवार को खोज के दौरान फ्लड पीएससी को दोनों की खोज करने में शनिवार को सफलता हासिल हो सकी।

गांव में पसरा मातम पुलिस ने राहुल और देवांश के शव को कब्जे में लेकर पी एम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। वहीं एक ही गांव के चार बच्चों की मौत के बाद जहां परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है वहीं गांव में मातम छाया हुआ है।

तीन दिन बना रखा खाना अविनाश की मां उमादेवी ने रोते हुए बताया- बाग में आम खाने को बोलकर दोस्त ले गए l मैने मना भी किया कि पापा तो रोज आम लाते हैं, वो बोला अभी आ रहे खाना बनाकर रखो l 7 बजे के गए अभी तक नहीं आए। खाना बना ही रह गया।

जब हम उत्कर्ष की मां वीना देवी के घर पर पहुंचे तो वो बदहवास हालत में तख्त पर पड़ी थी। कुछ बोलने की स्थिति में ही नहीं थी। कुछ महिलाएं उनको चुप करा रही थीं और दिलासा दिला रही थीं l

राहुल की बहन रिंकी शुक्ल ने भी दोस्तो द्वारा आम खिलाने को लेकर बुलाकर ले जाने की बात बताई l बच्चे को याद करते हुए रोते हुए बोली कि तब से हमारा भैया लौटकर नहीं आया आज तीसरा दिन है l

दिव्यांश की मां सरोजनी ने बताया- दुकान पर बता कर गया था। कहते ही फफक फफक कर रो पड़ी और उसके आगे नहीं बोल सकी l

साथ गए दो दोस्तों ने बताई घटना मृतक दिव्यांश के चाचा ने बताया- जो दो लोग और साथ गए थे वो भाग गए। उन्होंने यहां आकर भी घटना के बारे में नहीं बताया। पास से गुजर रहे राहगीर ने देखा तब शोर मचाया और जानकारी हम लोगों को मिली। हम लोग पहुंचे तो दो शव बरामद हुए, एक दिव्यांश के गले में नाखून लगा है और कान में भी निशान है। बाकी शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए है, पता चलेगा कि क्या हुआ l

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