नागालैंड और जम्मू कश्मीर के हथियार 10 साल से बैन: ADG कुंदन कृष्णन बोले- ज्यादा सिक्योरिटी कंपनियों के पास ऐसे हथियार, 3 महीने के भीतर कार्रवाई होगी – Patna News h3>
ADG कुंदन कृष्णन ने कहा है कि नागालैंड और जम्मू कश्मीर से लाए गए अवैध हथियारों को रखने वालों पर कार्रवाई होगी। पिछले 10 साल से इस तरह के हथियार बिहार में प्रतिबंधित है। ज्यादातर सिक्योरिटी कंपनियों के पास ऐसे हथियार होने की सूचना मिली है। सभी पर जांच
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रद्द किए जाएंगे लाइसेंस
STF ने पूरे बिहार में आर्म्स शॉप वाली दुकानों की समीक्षा भी की है। इसमें से 30 दुकानें ऐसी हैं, जिस पर सिर्फ बोर्ड लगे हैं। वो नहीं खुलती हैं, उनकी अनुज्ञप्ति रद्द कराई जाएगी। इसके अलावा जो बुजुर्ग हो चुके हैं, हथियार भी ठीक ढंग से नहीं उठा पा रहे हैं। उनके लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। सभी हथियारों को नेशनल आर्म्स लाइसेंस के पोर्टल “नडाल” पर रजिस्टर्ड करना अनिवार्य होगा। अगले तीन महीने में सख्ती से इसका पालन कराया जाएगा।
कंट्री मेड हथियार को रोकने की कोशिश
ADG कुंदन कृष्णन ने बताया कि पिछले शुक्रवार को मुख्य सचिव के साथ जिले के SP और DM की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई थी। हत्या और फायर आर्म्स असलहा के इस्तेमाल पर रोकथाम के लिए काफी स्टडी किया गया। कंट्री मेड हथियार को रोकने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल स्थिति यह है कि 315 की एक गोली दुकान से लेने पर करीब 175 रुपए से लेकर 200 बिकती है। 10 की पैकेट रहती है।
कोई इस पैकेट को 1700 तो कोई 2000 में बेचता है। लेकिन, ब्लैक मार्केट में इसकी रेट 400 रुपए है। सप्लाई आफ एनिमेशन रोकने का प्रयास करेंगे। इसके तहत अभियान चलाकर दोषी पाए जाने वाले बहुत सारे लाइसेंस धारी लोगों के हथियार के लाइसेंस भी कैंसिल होंगे। बहुत सारी दुकानों की भी लाइसेंस रद्द होगी। इसकी रूपरेखा यही होगी।
अब मिलेगी सिर्फ 25 गोली
बिहार में तकरीबन 80 हजार कुछ लाइसेंस धारक हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सबके फिटनेस चेक किए जाएंगे। कुंदन कृष्णन ने बताया कि लाइसेंस पर अभी तक 200 गोलियां दी जाती थीं। एक बार में 50 से 100 गोली खरीद सकते थे। यूपी के तर्ज पर हमलोग भी गोली की बिक्री पर रोक लगाने के प्रयास में हैं। गोली के दाम भी बढ़ाए जाएंगे। 1000 रुपए की गोली होगी तो कोई हर्ष फायर भी नहीं करेगा। दिखाने के लिए हथियार नहीं दिए गए हैं।
आत्म सुरक्षा के लिए सबको लाइसेंस मिले हैं। इसको लेकर घूमने के लिए भी नहीं है। आर्म्स एक्ट रुल 2000 के तहत गोली की संख्या कम की जाएगी। हमलोगों की कोशिश होगी कि किसी भी लाइसेंस पर एक साल में 50 गोली इश्यू हो। वो भी एक बार में 25 ही इश्यू हो पाए और 80 प्रतिशत खोखा जमा करने के बाद 25 गोली मिले। ताकि इसकी सप्लाई रोकी जा सके।
