जिले में 690 परिषदीय स्कूल बने स्मार्ट: वर्चुअल लैब से बच्चे कर रहे प्रयोग, 300 और स्कूलों में जल्द शुरू होगी स्मार्ट क्लास – Ayodhya News

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जिले में 690 परिषदीय स्कूल बने स्मार्ट:  वर्चुअल लैब से बच्चे कर रहे प्रयोग, 300 और स्कूलों में जल्द शुरू होगी स्मार्ट क्लास – Ayodhya News

जिले में 690 परिषदीय स्कूल बने स्मार्ट: वर्चुअल लैब से बच्चे कर रहे प्रयोग, 300 और स्कूलों में जल्द शुरू होगी स्मार्ट क्लास – Ayodhya News

अयोध्या12 मिनट पहले

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अयोध्या जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया युग शुरू हो चुका है। जिले के 1791 परिषदीय विद्यालयों में से 690 स्कूलों को स्मार्ट विद्यालय में परिवर्तित कर दिया गया है, जहां स्मार्ट क्लास के माध्यम से आधुनिक तकनीक से शिक्षा प्रदान की जा रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि जल्द ही 300और स्कूलों को स्मार्ट विद्यालय बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है,जिससे सरकारी स्कूलों का शैक्षणिक स्तर निजी स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहा है।

स्मार्ट विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा ने बच्चों के सीखने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। इन कक्षाओं में वर्चुअल लैब, फेट सिमुलेशन, और ओलैब वर्डवाल जैसे उन्नत एप्लीकेशन का उपयोग हो रहा है। प्रशिक्षक नागराजन के अनुसार,ये एप्लीकेशन बच्चों को प्रयोगात्मक और इंटरैक्टिव तरीके से सीखने का अवसर देते हैं, जिससे जटिल विषयों को समझना आसान हो गया है। बच्चे अब किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रायोगिक अनुभव भी प्राप्त कर रहे हैं, जो उनकी रुचि और समझ को बढ़ा रहा है।

स्मार्ट क्लास के प्रभावी संचालन के लिए जिले के 614शिक्षकों को लैपटॉप प्रदान किए गए हैं। साथ ही, सभी शिक्षकों को स्मार्ट क्लास संचालन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि शिक्षकों को स्मार्ट क्लास नियमित रूप से संचालित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को डिजिटल उपकरणों और एप्लीकेशन के उपयोग की तकनीकी जानकारी दी गई, ताकि वे बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ सकें।

मजदूर और किसान के बच्चों का बढ़ा आत्मविश्वास

स्मार्ट क्लास की शुरुआत ने परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले मजदूर और किसान परिवारों के बच्चों के लिए नए द्वार खोले हैं। ये बच्चे अब न केवल विज्ञान, गणित जैसे विषयों में दक्षता हासिल कर रहे हैं, बल्कि अंग्रेजी में भी धाराप्रवाह बोल रहे हैं।स्मार्ट क्लास की दृश्य-श्रव्य और इंटरैक्टिव शिक्षण पद्धति ने बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दावा किया कि स्मार्ट क्लास के कारण सरकारी स्कूलों का शैक्षणिक स्तर निजी स्कूलों को टक्कर दे रहा है,और कई मामलों में उन्हें पीछे छोड़ रहा है।

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