25 मई से 8 जून तक होगा नौतपा: शुरुआती 9 दिनों में तापमान 46 डिग्री पार जाएगा; हवाओं ने 1 डिग्री गिराया तापमान – Kanpur News

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25 मई से 8 जून तक होगा नौतपा:  शुरुआती 9 दिनों में तापमान 46 डिग्री पार जाएगा; हवाओं ने 1 डिग्री गिराया तापमान – Kanpur News

25 मई से 8 जून तक होगा नौतपा: शुरुआती 9 दिनों में तापमान 46 डिग्री पार जाएगा; हवाओं ने 1 डिग्री गिराया तापमान – Kanpur News

गर्मी ने लोगों को बेहद परेशान कर दिया है।

कानपुर के साथ प्रदेश में नौतपा की शुरुआत 25 मई से शुरू होगी। 8 जून तक दिन और रात बेहद गर्म होंगे। 15 दिन बेहद तेज गर्म वाले होंगे, लेकिन शुरुआती 9 दिन विशेष रूप से तपन वाले होंगे। इस दौरान पारा 46 डिग्री के पार भी जा सकता है।

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हवाओं ने गिराया अधिकतम तापमान आज के मौसम की बात करें तो हीटवेव और लू का कहर जारी रहेगा। हालांकि उत्तर से आ रही हवाओं ने लोगों को थोड़ी राहत दी है। रात में भी चली हवाओं ने गर्मी से राहत दी।

अधिकतम तापमान 1 डिग्री कम होकर 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए। वहीं न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री बढ़कर 27.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। 8.1 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।

उमस भरी गर्मी बढ़ेगी मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि हवा में नमी की मात्रा 73 फीसदी तक पहुंच गई है। इससे गर्मी के साथ उमस भी महसूस होगी। हालांकि नमी और बढ़ने से बादलों की आवाजाही भी बढ़ेगी। 22 से बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं। इससे लोगों को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिलेगी।

गर्मी से लोग सड़कों पर बेहद परेशान हो रहे हैं।

क्या होता है नौतपा, ये भी पढ़िये हर साल जेठ महीने में जब गर्मी अपने चरम पर होती है, तब एक खास समय आता है जिसे ‘नौतपा’ कहा जाता है। यह नौतपा 9 दिनों की वह अवधि होती है जब सूर्य की गर्मी सबसे ज्यादा महसूस होती है और तापमान कई जगहों पर रिकॉर्ड तोड़ सकता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल नौतपा 25 मई से शुरू होकर 8 जून तक चलेगा। हालांकि पूरे 15 दिन गर्मी तीव्र होती है, लेकिन शुरुआती 9 दिन विशेष रूप से अधिक तपन वाले होते हैं।

नौतपा के दौरान इतनी गर्मी क्यों होती है? नौतपा के समय सूर्य देव पृथ्वी के बहुत करीब आ जाते हैं, जिससे सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधे और तीव्र प्रभाव डालती हैं। जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होते हैं, तो इसका असर गर्मी पर पड़ता है।

ज्योतिष के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र शुक्र देव का होता है, जो सूर्य के शत्रु नक्षत्र के रूप में माना जाता है। यही कारण है कि जब सूर्य और शुक्र एक साथ आते हैं, तो गर्मी अधिक होती है।

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