वोडाफोन आइडिया का शेयर 8% गिरा: सुप्रीम कोर्ट ने राहत याचिका खारिज की; ₹45,457 करोड़ के पेनल्टी-ब्याज को माफ करने की मांग की थी h3>
- Hindi News
- Business
- Vodafone Idea Shares Fell 10% supreme court vodafone idea agr dues waiver
नई दिल्ली15 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
30 मार्च को VI में सरकार ने हिस्सेदारी 22.6% से बढ़ाकर लगभग 49% की थी।
टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (VI) की एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) ड्यूज से जुड़ी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिका खारिज होने के बाद वोडाफोन आइडिया के शेयर में 8% की गिरावट रही। ये अभी 6.75 रुपए पर बंद हुआ।
दरअसल, VI ने ड्यूज से जुड़े 45,457 करोड़ रुपए से अधिक के पेनल्टी और ब्याज को माफ करने की मांग की थी। VI ने कोर्ट में कहा था कि सरकार की कंपनी में 49% हिस्सेदारी है। AGR फैसले की बाध्यताओं के चलते सरकार राहत देने में असमर्थ है, लेकिन वह एक पार्टनर की तरह काम करते हुए कंपनी को बचाने में मदद करे।
वोडाफोन ने कहा था कि कंपनी में 59 लाख से अधिक छोटे शेयरधारक हैं। मदद से कंपनी की फाइनेंशियल कंडीशन पर बड़ा असर हो सकता है।
Advertising
वोडाफोन आइडिया का शेयर एक साल में 50% गिरा
बीते एक महीने में कंपनी का शेयर करीब 16.11%, छह महीने में 4.37% और एक साल में 50% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 78.22 हजार करोड़ रुपए है।
AGR क्या है?
AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) टेलीकॉम कंपनियों की कमाई का वह हिस्सा है जिस पर सरकार लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (SUC) लगाती है।
तीन चैप्टर में समझिए AGR मामला क्या है?
चैपटर 1: केस की शुरुआत
- विवाद की शुरुआत तब हुई जब डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने कहा कि AGR में नॉन-टेलीकॉम राजस्व (जैसे ब्याज, डिविडेंड, संपत्ति की बिक्री) भी शामिल की जाएगीं। लेकिन कंपनियों का तर्क था कि AGR सिर्फ कोर टेलीकॉम रेवेन्यू होना चाहिए।
- इसी को लेकर 2005 में COAI (सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने TDSAT (टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट अपील ट्रिब्यूनल) में AGR की परिभाषा को चुनौती दी। यहीं से केस की शुरुआत हुई।
चैप्टर 2- कोर्ट का फैसला
- इसके बाद 2015 में TDSAT (टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट अपील ट्रिब्यूनल) ने फैसला दिया कि AGR में नॉन-टेलीकॉम राजस्व (कैपिटल रिसीट्स, रेंट, डिविडेंड आदि) शामिल नहीं होंगे। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
- अक्टूबर 2019 में सुप्रीम कोर्टने डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम के AGR फॉर्मूले को सही ठहराते हुए कहा कि टेलीकॉम कंपनियों को पिछले 14 साल के बकाया ADUES (लगभग ₹1.47 लाख करोड़) चुकाना होंगा।
- जनवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने AGR ड्यूज चुकाने के लिए 10 साल का समय दिया।
चैप्टर 3- कंपनियों पर असर
- AGR ड्यूज चुकाने में सबसे बड़ी प्रभावित कंपनियां वोडाफोन आइडिया (₹58,254 करोड़), भारती एयरटेल (₹43,980 करोड़), टाटा टेलीकॉम (₹16,798 करोड़) रहीं।
- 2021 से 2024 के बीच वोडाफोन आइडिया की वित्तीय मुश्किलें बढ़ती गईं। VI ने डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम को चेतावनी दी की बिना सरकारी मदद के वह FY26 के बाद काम नहीं कर पाएगी।
- इसके मार्च 2025 में सरकार ने वोडाफोन आइडिया के ₹36,950 करोड़ के स्पेक्ट्रम ड्यूज को इक्विटी में कन्वर्ट किया गया, जिससे सरकार को कंपनी में 49% हिस्सेदारी मिली।
- मई 2025: वोडाफोन आइडिया बकाया AGR ड्यूज को माफ करने की याचिका लगाई। लेकिन याचिका खारिज कर दी गई।
तीसरी तिमाही में वोडाफोन-आइडिया को ₹6,609 करोड़ का लॉस
वोडाफोन-आइडिया को वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 6,609 करोड़ रुपए घाटा (कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस) हुआ है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 6,986 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। सालाना आधार पर कंपनी का घाटा 5.40% कम हुआ है।
वोडाफोन-आइडिया का ARPU 173 रुपए रहा
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान वोडाफोन-आइडिया का ‘एवरेज रेवेन्यू पर यूजर’ (ARPU) 4.7% बढ़कर 173 रुपए रहा। पिछली तिमाही यानी जुलाई-सितंबर में यह 166 रुपए था। यह बदलाव टैरिफ बढ़ोतरी और यूजर्स द्वारा महंगे पैक खरीदने की वजह से हुआ है।
खबरें और भी हैं…
BUSINESS की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – BUSINESS
News
- Hindi News
- Business
- Vodafone Idea Shares Fell 10% supreme court vodafone idea agr dues waiver
नई दिल्ली15 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
30 मार्च को VI में सरकार ने हिस्सेदारी 22.6% से बढ़ाकर लगभग 49% की थी।
टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (VI) की एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) ड्यूज से जुड़ी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिका खारिज होने के बाद वोडाफोन आइडिया के शेयर में 8% की गिरावट रही। ये अभी 6.75 रुपए पर बंद हुआ।
दरअसल, VI ने ड्यूज से जुड़े 45,457 करोड़ रुपए से अधिक के पेनल्टी और ब्याज को माफ करने की मांग की थी। VI ने कोर्ट में कहा था कि सरकार की कंपनी में 49% हिस्सेदारी है। AGR फैसले की बाध्यताओं के चलते सरकार राहत देने में असमर्थ है, लेकिन वह एक पार्टनर की तरह काम करते हुए कंपनी को बचाने में मदद करे।
वोडाफोन ने कहा था कि कंपनी में 59 लाख से अधिक छोटे शेयरधारक हैं। मदद से कंपनी की फाइनेंशियल कंडीशन पर बड़ा असर हो सकता है।
वोडाफोन आइडिया का शेयर एक साल में 50% गिरा
बीते एक महीने में कंपनी का शेयर करीब 16.11%, छह महीने में 4.37% और एक साल में 50% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 78.22 हजार करोड़ रुपए है।
AGR क्या है?
AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) टेलीकॉम कंपनियों की कमाई का वह हिस्सा है जिस पर सरकार लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (SUC) लगाती है।
तीन चैप्टर में समझिए AGR मामला क्या है?
चैपटर 1: केस की शुरुआत
- विवाद की शुरुआत तब हुई जब डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने कहा कि AGR में नॉन-टेलीकॉम राजस्व (जैसे ब्याज, डिविडेंड, संपत्ति की बिक्री) भी शामिल की जाएगीं। लेकिन कंपनियों का तर्क था कि AGR सिर्फ कोर टेलीकॉम रेवेन्यू होना चाहिए।
- इसी को लेकर 2005 में COAI (सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने TDSAT (टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट अपील ट्रिब्यूनल) में AGR की परिभाषा को चुनौती दी। यहीं से केस की शुरुआत हुई।
चैप्टर 2- कोर्ट का फैसला
- इसके बाद 2015 में TDSAT (टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट अपील ट्रिब्यूनल) ने फैसला दिया कि AGR में नॉन-टेलीकॉम राजस्व (कैपिटल रिसीट्स, रेंट, डिविडेंड आदि) शामिल नहीं होंगे। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
- अक्टूबर 2019 में सुप्रीम कोर्टने डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम के AGR फॉर्मूले को सही ठहराते हुए कहा कि टेलीकॉम कंपनियों को पिछले 14 साल के बकाया ADUES (लगभग ₹1.47 लाख करोड़) चुकाना होंगा।
- जनवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने AGR ड्यूज चुकाने के लिए 10 साल का समय दिया।
चैप्टर 3- कंपनियों पर असर
- AGR ड्यूज चुकाने में सबसे बड़ी प्रभावित कंपनियां वोडाफोन आइडिया (₹58,254 करोड़), भारती एयरटेल (₹43,980 करोड़), टाटा टेलीकॉम (₹16,798 करोड़) रहीं।
- 2021 से 2024 के बीच वोडाफोन आइडिया की वित्तीय मुश्किलें बढ़ती गईं। VI ने डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम को चेतावनी दी की बिना सरकारी मदद के वह FY26 के बाद काम नहीं कर पाएगी।
- इसके मार्च 2025 में सरकार ने वोडाफोन आइडिया के ₹36,950 करोड़ के स्पेक्ट्रम ड्यूज को इक्विटी में कन्वर्ट किया गया, जिससे सरकार को कंपनी में 49% हिस्सेदारी मिली।
- मई 2025: वोडाफोन आइडिया बकाया AGR ड्यूज को माफ करने की याचिका लगाई। लेकिन याचिका खारिज कर दी गई।
तीसरी तिमाही में वोडाफोन-आइडिया को ₹6,609 करोड़ का लॉस
वोडाफोन-आइडिया को वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 6,609 करोड़ रुपए घाटा (कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस) हुआ है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 6,986 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। सालाना आधार पर कंपनी का घाटा 5.40% कम हुआ है।
वोडाफोन-आइडिया का ARPU 173 रुपए रहा
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान वोडाफोन-आइडिया का ‘एवरेज रेवेन्यू पर यूजर’ (ARPU) 4.7% बढ़कर 173 रुपए रहा। पिछली तिमाही यानी जुलाई-सितंबर में यह 166 रुपए था। यह बदलाव टैरिफ बढ़ोतरी और यूजर्स द्वारा महंगे पैक खरीदने की वजह से हुआ है।
News
