चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल पर 5,000 करोड़ का सट्टा!: सूत्रों का दावा- D कंपनी का कनेक्शन, दुबई से हो रही सट्टेबाजी

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चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल पर 5,000 करोड़ का सट्टा!:  सूत्रों का दावा- D कंपनी का कनेक्शन, दुबई से हो रही सट्टेबाजी

चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल पर 5,000 करोड़ का सट्टा!: सूत्रों का दावा- D कंपनी का कनेक्शन, दुबई से हो रही सट्टेबाजी

नई दिल्ली9 मिनट पहले

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चैंपियंस ट्रॉफी पर सट्टेबाजी में अब तक कुल 5 गिरफ्तारियां हो चुकी है। पुलिस की जांच जारी है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल पर ₹5,000 करोड़ तक का सट्टा लगाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह सट्टेबाजी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के जरिए हो रही है। इसमें दाऊद इब्राहिम के D कंपनी के शामिल होने की भी आशंका जताई गई है।

बता दें कि भारत अंतरराष्ट्रीय बुकीज की फेवरेट टीम है। दुबई में हर बड़े मैच के दौरान दुनियाभर के बड़े सटोरिए इकट्ठा होते हैं। पुलिस ने इस टूर्नामेंट में पांच बड़े सटोरियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पूछताछ के बाद जांच दुबई तक पहुंच गई है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने परवीन कोचर और संजय कुमार नाम के दो बुकी गिरफ्तार किया।

दिल्ली पुलिस ने पकड़े बड़े सटोरिए, दुबई कनेक्शन का खुलासा दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान सट्टेबाजी करते हुए 5 बड़े बुकी गिरफ्तार किए हैं। ये सभी सेमीफाइनल मैचों पर सट्टा लगा रहे थे।

पहली गिरफ्तारी में परवीन कोचर और संजय कुमार नाम के दो बुकी की हुई। यह दोनों भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल पर सट्टा लगाते रंगे हाथों पकड़े गए। पुलिस ने इनके पास से लैपटॉप और फोन जब्त किए हैं।

दिल्ली में छापेमारी, 22 लाख कैश जब्त

वहीं दूसरी गिरफ्तारी दिल्ली से हुई। इसमें तीन आरोपी पकड़े गए– मनीष सहानी, योगेश कुकेजा और सूरज। ये सभी दुबई के बुकी गैंग से जुड़े हुए थे। इस गिरफ्तारी में पुलिस ने ₹22 लाख नकद जब्त किए।

  • मनीष सहानी इस गैंग का मुख्य ऑपरेटर था।
  • सभी ट्रांजैक्शन बैंक खातों और कैश के जरिए मैनेज करता था।
  • बिना किसी मिडिलमैन के, पूरी सट्टेबाजी खुद कंट्रोल करता था।

कैसे करते थे सट्टेबाजी?

  • परवीन कोचर ने Lucky.com नाम की एक सट्टेबाजी वेबसाइट से मास्टर ID खरीदी।
  • इस ID से कई छोटी ID बनाकर पंटरों को बेचीं।
  • हर ट्रांजैक्शन पर 3% कमीशन वसूलते थे।
  • ऑफलाइन सट्टेबाजी के लिए कॉल और नोटपैड में एंट्री का इस्तेमाल करते थे।
  • ₹35,000 किराए के घर से पिछले दो साल से सट्टे का धंधा चला रहा था।
  • हर मैच पर ₹40,000 तक की कमाई करता था।
  • पूछताछ में बताया कि पूरा नेटवर्क दुबई से कंट्रोल होता है।

अब तक पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के मुताबिक 5 लोगों ने भारत के बाहर ‘सट्टा’ ऐप डेवलप किया। फिर इसी ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जाती है। गिरफ्तार आरोपियों के मुताबिक, यह काम मन्नू मटका, अक्षय गहलोत, निशु, रिंकू, और अमन राजपूत ने कराया था।

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रायपुर में चैंपियंस ट्रॉफी में सट्टा लगाते तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी एक फार्म हाउस के पास ऑनलाइन सट्टा खिला रहे थे। पुलिस को इस बात की भनक लग गई। इसके बाद रेड मारकर आरोपियों की घेराबंदी करके इन्हें पकड़ लिया गया। यह पूरा मामला राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। पूरी खबर पढ़ें…

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