राजस्थान के 45 हजार गांवों में MSP के लिए गांव-बंद: दूध-सब्जी की सप्लाई रोकी, मुलाना गांव में 125 से अधिक दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं – Jaipur News h3>
राजस्थान में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग को लेकर गांव बंद आंदोलन ने व्यापक स्वरूप ले लिया।
राजस्थान में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग को लेकर बुधवार को किसान महापंचायत के नेतृत्व में चलाए गए गांव बंद आंदोलन ने व्यापक स्वरूप ले लिया। राज्य के 45,537 गांवों में किसानों ने अपने उत्पादों की आपूर्ति रोक दी। आंदोलन के दौरान किसानों ने फल, स
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टोंक जिले के 1,120 गांव, नागौर की मेड़ता तहसील के 106 गांव और जयपुर जिले की मोजमाबाद तहसील के 110 गांवों में आंदोलन का विशेष प्रभाव देखा गया। जैसलमेर जिले की फतेहगढ़ पंचायत समिति के मुलाना गांव में 125 से अधिक दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं।
मुलाना गांव में 125 से अधिक दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं।
गांवों में चौपालें चर्चा का केंद्र बनीं, जहां ‘खेत को पानी-फसल को दाम’ के नारे लगे। मजदूरों ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए काम पर नहीं जाने का निर्णय लिया। आंदोलन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यह अहिंसा, शांति और सत्य के मार्ग पर चला, जिससे न केवल टकराव की स्थिति नहीं बनी, बल्कि जन समर्थन में वृद्धि हुई।
आंदोलन में कई संगठनों और जनप्रतिनिधियों का समर्थन प्राप्त हुआ।
किसान महापंचायत के आह्वान पर हुए इस आंदोलन में कई संगठनों और जनप्रतिनिधियों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिनमें प्रमुख राजस्थान सरपंच संघ के अध्यक्ष रहे डीडवाना निवासी भंवर लाल जानू, सरपंच संघ दूदू के अध्यक्ष विष्णु सिंह भडाना, भारतीय किसान संघ मानवता के राष्ट्रीय अध्यक्ष मेड़ता तहसील के निवासी सुशील रियाड, भारतीय किसान यूनियन (टिकेत) के सीकर जिला अध्यक्ष रामचंद्र सुंडा, राजस्थान किसान संघर्ष समिति के संरक्षक जालौर के निवासी विक्रम सिंह पुनासा, सचिव गीमर सिंह, राष्ट्रीय किसान संघ के राष्ट्रीय सचिव कोटा निवासी जगदीश शर्मा, बीकानेर निवासी महावीर पुरोहित, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल पूनिया, किसान संघर्ष समिति के भरतपुर जिले के निवासी इंदर सिंह जाट, डीग जिले के निवासी मोहन गुर्जर, किसान संघर्ष समिति बिहारीपुर के अध्यक्ष पप्पू नेहरा, भारत किसान यूनियन के अध्यक्ष ओमप्रकाश बेनीवाल, पूर्व सांसद 99 वर्षीय पंडित रामकिशन, जिला श्रीगंगानगर की तहसील अनूपगढ़ का व्यापार मंडल है।
गांव बंद आन्दोलन का बड़ा असर रहा टोंक में, टोंक जिले की कृषि उपज मंडी टोंक, मालपुरा, दूनी ,देवली, उनियारा और निवाई से निवाई कृषि उपज मंडी में मात्र 6 गेटपास कटे जबकि इस मंडी में प्रतिदिन हजारों किसान गेटपास कटवाते थे। जिंस बेचने नहीं पहुंचे।
