IMA कानपुर की नंदनी रस्तोगी को मिला बेस्ट प्रेसिडेंट अवार्ड: ​​​​​​​IMACGP का नेशनल अवार्ड भी रहा लोकर ब्रांच के नाम – Kanpur News

3
IMA कानपुर की नंदनी रस्तोगी को मिला बेस्ट प्रेसिडेंट अवार्ड:  ​​​​​​​IMACGP का नेशनल अवार्ड भी रहा लोकर ब्रांच के नाम – Kanpur News

IMA कानपुर की नंदनी रस्तोगी को मिला बेस्ट प्रेसिडेंट अवार्ड: ​​​​​​​IMACGP का नेशनल अवार्ड भी रहा लोकर ब्रांच के नाम – Kanpur News

पत्रकार वार्ता में जानकारी देती अध्यक्ष डॉ. नंदनी रस्तोगी।

आईएमए कानपुर शाखा की अध्यक्ष डॉ. नंदनी रस्तोगी को बेस्ट IMA प्रेसिडेंट ऑफ ए लोकल ब्रांच का नेशनल अवार्ड प्रदान किया है। ये अवार्ड उनको 2023-24 के कार्यों को देखते हुए दिया गया। ये जानकारी शुक्रवार को परेड स्थिति आईएमए भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के

.

विभिन्न प्रकार के हुए कार्यक्रम

उन्होंने बताया कि विगत वर्ष 2023-24 में IMA कानपुर द्वारा विभिन्न क्षेत्र में किए गए कार्य मुख्यतया जन जागरण कार्यक्रम, मेडिकल कैंपस, निशुल्क मेडिकल कैंप, डॉक्टर के लिए नवीनतम वैज्ञानिक संगोष्ठियां, सीपीआर workshop, खेल कूद और डॉक्टर के स्वास्थ्य के प्रति इनडोर और आउटडोर स्पोर्ट्स का आयोजन एवं कल्चरल कार्यक्रम आदि एक्टिविटी कराई गई हैं। आईएमए भवन और उसके ऑडिटोरियम को कंप्लीट भी कराया है।

हेड क्वार्टर ने दिया अवार्ड

आईएमए कानपुर की वर्तमान अध्यक्ष डॉ. नंदिनी रस्तोगी को देश के आईएमए हेडक्वार्टर ने देश भर में 1800 ब्रांचों और करीब 4.5 लाख सदस्यों में डॉ. नंदिनी रस्तोगी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए ये अवार्ड प्रदान किया है।

दूसरा पुरस्कार IMA कानपुर के सबसे बड़े साइंटिफिक प्रोग्राम यानि वैज्ञानिक संगोष्ठी IMACGP 2024 के लिए प्रदान किया गया। आईएमए सीजीपी एक मल्टीस्पेशलिटी वैज्ञानिक कार्यक्रम है, जिसमें अलग-अलग विषयों के अलग-अलग मेडिकल विषयों के सर्वश्रेष्ठ वक्ता देश भर से आकर कानपुर के डॉक्टर का ज्ञान वर्धन करते हैं।

ये अवार्ड डॉ. विकास शुक्ला और सहायक सेक्रेटरी डॉ. विकास मिश्रा को प्रदान किया गया है। तीसरा पुरस्कार डॉ. एके सिंहा सेवा अवॉर्ड कानपुर IMA के सदस्य एवं प्राणउदय संस्था के डॉ. सुनील गुप्ता को सीपीआर ट्रेनिंग वर्कशॉप के लिए प्रदान किया गया।

500 से अधिक वर्कशॉप की

डॉ. सुनील गुप्ता और डॉ. प्रदीप टंडन ने अब तक संस्था और IMA के साथ मिलकर 500 से ज्यादा सीपीआर वर्कशॉप का आयोजन किया। विभिन्न स्थानों पर जैसे की शहर के अलग-अलग क्षेत्र में अस्पताल में थानों में आदि इससे जनमानस में सडन कार्डिक अरेस्ट होने पर कैसे आदमी को मेडिकल उपचार मिलने तक जीवित रखा जाए इसकी ट्रेनिंग दी जाती है।

उत्तर प्रदेश की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Uttar Pradesh News