कथा के दूसरे दिन प्रयागराज के संगम की चर्चा: लखनऊ के डीएवी कॉलेज में चल रही श्रीमद्भागवत कथा – Lucknow News h3>
भगवत कथा के पहले दिन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने व्यासपीठ की पूजा की
श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने भक्तों को अमृतमयी कथा सुनाई। कथा के दौरान महाराज ने प्रयागराज के संगम की चर्चा करते हुए कहा कि लखनऊ में भी एक दिव्य संगम चल रहा है जो श्रीमद्भागवत का संगम है। इसमें गंगा, यमुना और सरस
.
व्यासपीठ की पूजा करते आयोजक अमरनाथ मिश्रा
उन्होंने कहा कि प्रयाग में कुछ विशेष तिथियां होती हैं, लेकिन यहां सात दिनों तक अमृत वर्षा होगी। महाराज जी ने ठाकुर जी की सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान की सेवा करना सरल है लेकिन इसे प्रेम और समर्पण के साथ करना चाहिए। कथा में मीराबाई के श्याम के प्रति अटूट प्रेम और भक्ति का उदाहरण देते हुए महाराज ने कहा कि सच्चा प्रेम वही है जो हर परिस्थिति में ईश्वर का साथ न छोड़े।
भागवत कथा के मुख्य बिंदु
पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने भागवत के 18,000 श्लोकों, 335 अध्यायों और 12 स्कंदों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भागवत केवल एक कथा नहीं बल्कि एक विद्या है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ती है। कथा के माध्यम से महाभारत के भीष्म पितामह और भगवान श्रीकृष्ण के प्रसंग का भी उल्लेख किया गया।
डॉ नीरज बोरा ने व्यासपीठ की पूजा की
महाराज ने कहा कि सुमिरन, सत्संग और सेवा तीनों भक्ति के प्रवाह हैं। उन्होंने बताया कि कथा सुनने और आत्मसात करने से व्यक्ति को विद्या और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
भावमय हुआ पंडाल
आज कथा के दौरान पंडाल राधा-नाम के संकीर्तन और जयकारों से गूंज उठा। भक्तगण मंत्रमुग्ध होकर महाराज जी की वाणी सुनते रहे और साथ-साथ भजन गुनगुनाते रहे। कथा का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि हजारों भक्त कथा शुरू होने से पहले ही पंडाल में पहुंच गए थे।
मुख्य अतिथि
आज की कथा में मुख्य रूप से विधायक नीरज बोरा, आयोजक अमरनाथ मिश्र, लोकेश अग्रवाल, नवीन गुप्ता, शिवम बंसल, आनंद रस्तोगी, राहुल गुप्ता, सुनील मिश्र, मनोज राय, कुश मिश्रा, अनुराग मिश्र और चारू मिश्रा सहित हजारों भक्त उपस्थित रहे।
