कार की ठोकर से बच्चे की मौत

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कार की ठोकर से बच्चे की मौत

कार की ठोकर से बच्चे की मौत

दरभंगा के पांता गांव में सोमवार को कार की ठोकर से तीन वर्षीय हिमांशु कुमार की मौत हो गई। ग्रामीणों ने कार को घेर लिया और पुलिस के साथ हंगामा किया। पोस्टमार्टम कराने को लेकर परिजनों ने संघर्ष किया।…

दरभंगा। सोनकी थाने के पांता गांव में सोमवार की शाम कार की ठोकर से एक बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान पांता गांव निवासी अजय कुमार के तीन वर्षीय पुत्र हिमांशु कुमार के रूप में हुई है। बच्चे की मौत के बाद मंगलवार को वहां हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। ग्रामीणों ने कार को अपने कब्जे में ले लिया और मौके पर पहुंची स्थानीय थाने की पुलिस को घेर लिया। सदर एसडीपीओ अमित कुमार सहित कई थानों की पुलिस व दंगा नियंत्रण बल के जवानों के पहुंचने पर मामला कुछ हद तक शांत हुआ। लेकिन ग्रामीण केस करने व शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे। पुलिस कर्मियों की काफी मशक्कत के बाद परिजन राजी हुए। घटना का आवेदन देने व पोस्टमार्टम कराने को लेकर कई ग्रामीण घर से बच्चे के शव के साथ थाना पहुंचे।

वहां अचानक एक परिजन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कहते हुए डेड बॉडी को थाना से लेकर चले गए। फिर काफी मशक्कत के बाद पुलिस लोगों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच ले गई। घटना को लेकर सुबह से दोपहर ढाई बजे तक वहां ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। जिस कार से यह घटना हुई है, वह भाजपा नेता ब्रह्मानंद यादव की बताई जाती है।

बताया जाता है कि सोमवार की शाम पांता हनुमान मंदिर चौक पर कार ने बच्चे को ठोकर मार दी। ठोकर लगने से बच्चा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। परिजन एवं ग्रामीण बच्चे को निजी अस्पताल में ले गए। ग्रामीणों ने दुर्घटनाग्रस्त कार को घेर लिया। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष बसंत कुमार देर शाम वहां पहुंचे। उन्होंने कार को पुलिस के हवाले करने को कहा, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। रात में पुलिस लौट गई। देर रात इलाज के क्रम में बच्चे की मौत हो गई।

कार में 20 लाख रुपये होने की अफवाह

मंगलवार की सुबह ग्रामीणों में अफवाह फैल गई कि पुलिस कार में 20 लाख रुपये होने की बात कह रही है। गाड़ी से रुपए गायब करने को लेकर ग्रामीणों पर केस दर्ज किया जाएगा। यह अफवाह फैलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए। पुलिस के वहां पहुंचते ही आक्रोषित ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। ग्रामीण वरीय अधिकारी को बुलाने की मांग कर रहे थे। साथ ही पीड़ित परिवार को दुर्घटनाग्रस्त वाहन के मालिक से मुआवजा दिलवाने की बात कर रहे थे।

हंगामे की सूचना पर कई थानों की पुलिस पहुंची पांता गांव

बच्चे के शव के अस्पताल से गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पुलिस कर्मियों को घेरकर हंगामा करने लगे। स्थानीय थाने की पुलिस को घेरे जाने की सूचना पर सदर, बहादुरपुर, फेकला व पतोर थाने की पुलिस दंगा नियंत्रण बल के साथ वहां पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर हालात को सामान्य किया। इसके बाद सभी पुलिस कर्मियों व दर्जनों ग्रामीणों ने गांव से कुछ दूर एक दुकान में बैठक की। कुछ देर बाद सदर एसडीपीओ अमित कुमार वहां पहुंचे। उन्होंने परिजनों व ग्रामीणों को दोषी पर कार्रवाई के लिए आवेदन देने को कहा। पांच लोगों को थाना चलने को कहा। थाना पहुंचकर मृतक के चाचा विजय कुमार ने आवेदन दिया।

बच्चे की मौत से आक्रोशित लोगों ने पुलिस को कुछ देर तक रोककर रखा। हालांकि समझाने-बुझाने के बाद आक्रोशित लोग शांत हो गए। पुलिस को रोकने के लिए कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है।

-अमित कुमार, सदर एसडीपीओ

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