स्थानीय भाषा में संवाद करने से होती है सहूलियत : निरीक्षी जज h3>
लहेरियासराय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायमूर्ति अंजनी कुमार शरण ने कहा कि स्थानीय भाषा में संवाद करने से विवादों का निपटारा सरल होता है। लोक अदालत में 7709 मामलों का निपटारा कर 5.87 करोड़…
Newswrap हिन्दुस्तान, दरभंगाSat, 14 Sep 2024 07:10 PM
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लहेरियासराय। पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह दरभंगा न्याय मंडल के निरीक्षी न्यायाधीश अंजनी कुमार शरण ने कहा कि स्थानीय भाषा में संवाद करने से सहूलियत होती है। लोक अदालत लोगों की अदालत है। इसमें आपसी सहमति से विवादों का निपटारा किया जाता है। धन और समय की बर्बादी नहीं होती है। आपसी भाईचारा और सामंजस्य दीर्घ काल तक बरकरार रहता है। ये बातें उन्होंने शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में व्यवहार न्यायालय दरभंगा में आयोजित वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। समारोह का उद्घाटन जिला जज सह प्राधिकार के अध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी ने किया। जिला बार एसोसिएशन की ओर से महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र और अध्यक्ष रविशंकर प्रसाद ने मुख्य अतिथि समेत जिला जज, डीएम राजीव रौशन, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी तथा प्राधिकार के सचिव रंजन देव को पाग-चादर प्रदान कर सम्मानित किया।
अधिवक्ता श्याम बिहारी राय ‘सरस ने न्यायमूर्ति श्री शरण सहित सभी न्यायिक पदाधिकारियों का स्वागत मैथिली गान से किया। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सह निरीक्षी न्यायाधीश ने अपना संस्मरण सुनाते हुए कहा कि उन्होंने बाल्यकाल में 1972 से 1975 तक लहेरियासराय में रहकर अपने पिता के सानिध्य में स्थानीय स्कूल में पढ़ाई की थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला जज विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य है कि न्यायालय के वाहर विवादों का सुलह-समझौते से निपटारा करना। इसके माध्यम से निष्पक्ष और सरल न्याय प्रदान किया जाता है।
प्राधिकार के उपाध्यक्ष डीएम राजीव रौशन ने कहा कि आपसी विवाद से वर्तमान खराब होता है। इसे लेकर बच्चों का भविष्य भी प्रभावित होता है। इसलिए लोक अदालत में अपने विवादों का स्थाई निपटारा करें। एसएसपी ने कहा कि छोटे विवादों के स्थाई निदान के लिए ही लोक अदालत लगती है। मंच संचालन मुंसिफ मोहनी कुमारी ने किया। विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह न्यायाधीश रंजन देव ने बताया कि लोक अदालत में लेटीगेसन व प्री लेटीगेशन के कुल 7709 मामलों का निपटारा किया गया। इसमें पांच करोड़ 87 लाख 69 हजार 696 रुपये का पक्षकारों के साथ समझौता किया गया।
बेनीपुर व्यवहार न्यायालय में निपटाये गए 104 मामले
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बेनीपुर। व्यवहार न्यायालय बेनीपुर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में 104 मामलों का निपटारा कर 41 लाख 64 हजार 21 रुपये का समझौता किया गया। अध्यक्षता करते हुए अपर जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम माधवेन्द्र सिंह ने कहा कि विवादों को आपसी सुलह-समझौते से निपटाने के बहुत फायदे हैं। बेंच एक पर एडीजे श्री सिंह एवं अधिवक्ता सदस्य विनय कुमार झा ने तीन आपराधिक वादों सहित पीएनबी के 18 एवं ग्रामीण बैंक के 12 ऋण संबंधी मामलों को निपटाते हुए 10 लाख तीन हजार 20 रुपये का समझौता कराया। दूसरे बेंच पर एसीजेएम संगीता रानी एवं अधिवक्ता देव कुमार चौधरी ने आठ आपराधिक वादों सहित एसबीआई के 34, बैंक ऑफ इंडिया के तीन और सेंट्रल बैंक के आठ ऋण संबंधी मामलों का निपटारा करते हुए 31 लाख 52 हजार 413 रुपये का समझौता कराया। तीसरे बेंच पर मुंसिफ रोहित कुमार गुप्ता व अधिवक्ता दिवाकर झा ने पांच आपराधिक वाद, छह ग्राम कचहरी एवं सात दूरसंचार के मामलों का निपटारा करते हुए आठ हजार 588 रुपये का समझौता कराया।
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लहेरियासराय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायमूर्ति अंजनी कुमार शरण ने कहा कि स्थानीय भाषा में संवाद करने से विवादों का निपटारा सरल होता है। लोक अदालत में 7709 मामलों का निपटारा कर 5.87 करोड़…
लहेरियासराय। पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह दरभंगा न्याय मंडल के निरीक्षी न्यायाधीश अंजनी कुमार शरण ने कहा कि स्थानीय भाषा में संवाद करने से सहूलियत होती है। लोक अदालत लोगों की अदालत है। इसमें आपसी सहमति से विवादों का निपटारा किया जाता है। धन और समय की बर्बादी नहीं होती है। आपसी भाईचारा और सामंजस्य दीर्घ काल तक बरकरार रहता है। ये बातें उन्होंने शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में व्यवहार न्यायालय दरभंगा में आयोजित वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। समारोह का उद्घाटन जिला जज सह प्राधिकार के अध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी ने किया। जिला बार एसोसिएशन की ओर से महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र और अध्यक्ष रविशंकर प्रसाद ने मुख्य अतिथि समेत जिला जज, डीएम राजीव रौशन, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी तथा प्राधिकार के सचिव रंजन देव को पाग-चादर प्रदान कर सम्मानित किया।
अधिवक्ता श्याम बिहारी राय ‘सरस ने न्यायमूर्ति श्री शरण सहित सभी न्यायिक पदाधिकारियों का स्वागत मैथिली गान से किया। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सह निरीक्षी न्यायाधीश ने अपना संस्मरण सुनाते हुए कहा कि उन्होंने बाल्यकाल में 1972 से 1975 तक लहेरियासराय में रहकर अपने पिता के सानिध्य में स्थानीय स्कूल में पढ़ाई की थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला जज विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य है कि न्यायालय के वाहर विवादों का सुलह-समझौते से निपटारा करना। इसके माध्यम से निष्पक्ष और सरल न्याय प्रदान किया जाता है।
प्राधिकार के उपाध्यक्ष डीएम राजीव रौशन ने कहा कि आपसी विवाद से वर्तमान खराब होता है। इसे लेकर बच्चों का भविष्य भी प्रभावित होता है। इसलिए लोक अदालत में अपने विवादों का स्थाई निपटारा करें। एसएसपी ने कहा कि छोटे विवादों के स्थाई निदान के लिए ही लोक अदालत लगती है। मंच संचालन मुंसिफ मोहनी कुमारी ने किया। विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह न्यायाधीश रंजन देव ने बताया कि लोक अदालत में लेटीगेसन व प्री लेटीगेशन के कुल 7709 मामलों का निपटारा किया गया। इसमें पांच करोड़ 87 लाख 69 हजार 696 रुपये का पक्षकारों के साथ समझौता किया गया।
बेनीपुर व्यवहार न्यायालय में निपटाये गए 104 मामले
बेनीपुर। व्यवहार न्यायालय बेनीपुर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में 104 मामलों का निपटारा कर 41 लाख 64 हजार 21 रुपये का समझौता किया गया। अध्यक्षता करते हुए अपर जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम माधवेन्द्र सिंह ने कहा कि विवादों को आपसी सुलह-समझौते से निपटाने के बहुत फायदे हैं। बेंच एक पर एडीजे श्री सिंह एवं अधिवक्ता सदस्य विनय कुमार झा ने तीन आपराधिक वादों सहित पीएनबी के 18 एवं ग्रामीण बैंक के 12 ऋण संबंधी मामलों को निपटाते हुए 10 लाख तीन हजार 20 रुपये का समझौता कराया। दूसरे बेंच पर एसीजेएम संगीता रानी एवं अधिवक्ता देव कुमार चौधरी ने आठ आपराधिक वादों सहित एसबीआई के 34, बैंक ऑफ इंडिया के तीन और सेंट्रल बैंक के आठ ऋण संबंधी मामलों का निपटारा करते हुए 31 लाख 52 हजार 413 रुपये का समझौता कराया। तीसरे बेंच पर मुंसिफ रोहित कुमार गुप्ता व अधिवक्ता दिवाकर झा ने पांच आपराधिक वाद, छह ग्राम कचहरी एवं सात दूरसंचार के मामलों का निपटारा करते हुए आठ हजार 588 रुपये का समझौता कराया।

