वीकेएसयू : स्नातक एडमिशन में 28 हजार विद्यार्थी दाखिले से रह गये वंचित h3>
-स्नातक सेमेस्टर वन में 90 हजार 300 विद्यार्थियों का हुआ दाखिला -एक लाख दस हजार सीटों के लिए आए थे एक लाख 19 हजार आवेदन आरा। निज प्रतिनिधि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में स्नातक सेमेस्टर वन के सत्र 2024-28 में एडमिशन की प्रक्रिया समाप्त कर दी गयी है। छह सितंबर को ही एडमिशन का पोर्टल बंद कर दिया गया। स्नातक में इस बार 90 हजार 300 विद्यार्थी ही एडमिशन करा पाए। बता दें कि एक लाख दस हजार सीटों पर दाखिले को ले एक लाख 19 हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इसमें 90 हजार तीन सौ विद्यार्थी ही दाखिला ले पाए। कुछ विद्यार्थी मनचाहे कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलने से दाखिला नहीं ले सके, जबकि कुछ का नाम मनचाहे कॉलेज में मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आया। इस तरह स्नातक में जहां 20 हजार सीटें रिक्त रह गयीं, तो करीब 28 हजार विद्यार्थी दाखिले से वंचित भी रह गये। मेरिट लिस्ट के बाद स्पॉट प्रक्रिया भी अपनाई गई स्नातक में एडमिशन को ले इस बार तीन मेरिट लिस्ट जारी की गयी। इसके बाद रिक्त सीटों के लिए स्पॉट प्रक्रिया भी अपनाई गयी। बावजूद सीटें रिक्त रहने पर कॉलेजों को अधिकृत भी किया गया। फिर भी 90 हजार विद्यार्थियों का ही एडमिशन हो पाया। हालांकि एडमिशन का आंकड़ा गत वर्ष से थोड़ा सा कम है। पिछले सत्र में 96 हजार एडमिशन हुआ था। नहीं मिले कई विषयों में नामांकन को छात्र इस बार कला, विज्ञान और कॉमर्स के विभिन्न विषयों की करीब 20 हजार सीटों पर दाखिले को विद्यार्थी ही नहीं मिले। विवि के संबद्ध कॉलेजों में ये सीटें रिक्त रह गयी हैं। साथ ही राजकीय डिग्री कॉलेजों में भी कुछ विषयों में सीटें खाली हैं। स्नातक एडमिशन में इस बार प्रमुख विषय सहित अंगीभूत कॉलेजों की सीटें भर गयी हैं। सिर्फ संबद्ध कॉलेजों में सीटें खाली हैं। संबद्ध कॉलेजों में कुछ ऐसे भी विषय हैं, जिनमें विद्यार्थियों ने दाखिले को आवेदन भी नहीं किया है। ऐसे विषयों में सीटों की संख्या 15 हजार से अधिक रही। कॉमर्स में सीटें रह गयी हैं रिक्त, नहीं मिले विद्यार्थी स्नातक में इस सत्र में अंगीभूत और संबद्ध डिग्री कॉलेजों में कॉमर्स की सीटें रिक्त रह गयी हैं। कॉमर्स में नामांकन को विद्यार्थी ही नहीं मिले। भोजपुर जिले के एसबी, एचडी जैन कॉलेज जैसे अंगीभूत कॉलेजों की सीटें तो भर गयी हैं, लेकिन शाहपुर स्थित श्री त्रिदंडी देव राजकीय डिग्री कॉलेज सहित कुछ अंगीभूत कॉलेजों की सीटें खाली रह गयी हैं। इसके अलावा भोजपुर के आठ संबद्ध कॉलेजों में भी कॉमर्स में सीटें रिक्त हैं। भोजपुर, रोहतास, बक्सर और कैमूर जिलों के कॉलेजों में कॉमर्स संकाय में सात हजार सीटें रिक्त रह गयी हैं। संबद्ध कॉलेजों में प्रमुख विषयों में भी सीटें रहीं खाली स्नातक एडमिशन के दौरान विवि के संबद्ध कॉलेजों में इतिहास, रसायन, भौतिकी,राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, भूगोल, अर्थशास्त्र सहित अन्य विषयों में भी सीट खाली रह गयी हैं। किसी कॉलेज में दहाई और किसी कॉलेज में सैकड़ों में सीटें खाली हैं। मालूम हो कि संबद्ध कॉलेजों में दाखिला लेने से विद्यार्थी कटते नजर आये। इधर, कुछ विद्यार्थियों ने स्पॉट में दूरदराज वाले संबद्ध कॉलेजों में नामांकन लेने से परहेज किया, जबकि छात्राओं ने संबद्ध कॉलेजों में शुल्क लगने के कारण एडमिशन नहीं लिया। इन विषयों में रुचि नहीं होने से सीटें रहीं रिक्त नामांकन के दौरान उर्दू, प्राकृत, पाली, भोजपुरी, प्राचीन इतिहास, म्यूजिक, ग्रामीण अर्थशास्त्र, एलएसडब्लू, बांग्ला और मानव विज्ञान आदि विषयों में नामांकन को ले विद्यार्थी ही नहीं मिल पाये। क्या कहते हैं अधिकारी नियमित क्लास संचालित कर सिलेबस पूरा करने का निर्देश कॉलेजों को दिया गया है। आंतरिक परीक्षा के बाद इस वर्ष के अंत में सेमेस्टर वन की परीक्षा भी समय पर ली जायेगी। बताया कि बार-बार तिथि बढ़ाये जाने के बाद भी विद्यार्थी नहीं मिले। इस कारण एडमिशन बंद कर दिया गया। बताया कि इस सत्र में भी रिकॉर्ड एडमिशन हुआ है। डॉ केके सिंह, छात्र कल्याण अध्यक्ष वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा
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-स्नातक सेमेस्टर वन में 90 हजार 300 विद्यार्थियों का हुआ दाखिला -एक लाख दस हजार सीटों के लिए आए थे एक लाख 19 हजार आवेदन आरा। निज प्रतिनिधि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में स्नातक सेमेस्टर वन के सत्र 2024-28 में एडमिशन की प्रक्रिया समाप्त कर दी गयी है। छह सितंबर को ही एडमिशन का पोर्टल बंद कर दिया गया। स्नातक में इस बार 90 हजार 300 विद्यार्थी ही एडमिशन करा पाए। बता दें कि एक लाख दस हजार सीटों पर दाखिले को ले एक लाख 19 हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इसमें 90 हजार तीन सौ विद्यार्थी ही दाखिला ले पाए। कुछ विद्यार्थी मनचाहे कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलने से दाखिला नहीं ले सके, जबकि कुछ का नाम मनचाहे कॉलेज में मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आया। इस तरह स्नातक में जहां 20 हजार सीटें रिक्त रह गयीं, तो करीब 28 हजार विद्यार्थी दाखिले से वंचित भी रह गये। मेरिट लिस्ट के बाद स्पॉट प्रक्रिया भी अपनाई गई स्नातक में एडमिशन को ले इस बार तीन मेरिट लिस्ट जारी की गयी। इसके बाद रिक्त सीटों के लिए स्पॉट प्रक्रिया भी अपनाई गयी। बावजूद सीटें रिक्त रहने पर कॉलेजों को अधिकृत भी किया गया। फिर भी 90 हजार विद्यार्थियों का ही एडमिशन हो पाया। हालांकि एडमिशन का आंकड़ा गत वर्ष से थोड़ा सा कम है। पिछले सत्र में 96 हजार एडमिशन हुआ था। नहीं मिले कई विषयों में नामांकन को छात्र इस बार कला, विज्ञान और कॉमर्स के विभिन्न विषयों की करीब 20 हजार सीटों पर दाखिले को विद्यार्थी ही नहीं मिले। विवि के संबद्ध कॉलेजों में ये सीटें रिक्त रह गयी हैं। साथ ही राजकीय डिग्री कॉलेजों में भी कुछ विषयों में सीटें खाली हैं। स्नातक एडमिशन में इस बार प्रमुख विषय सहित अंगीभूत कॉलेजों की सीटें भर गयी हैं। सिर्फ संबद्ध कॉलेजों में सीटें खाली हैं। संबद्ध कॉलेजों में कुछ ऐसे भी विषय हैं, जिनमें विद्यार्थियों ने दाखिले को आवेदन भी नहीं किया है। ऐसे विषयों में सीटों की संख्या 15 हजार से अधिक रही। कॉमर्स में सीटें रह गयी हैं रिक्त, नहीं मिले विद्यार्थी स्नातक में इस सत्र में अंगीभूत और संबद्ध डिग्री कॉलेजों में कॉमर्स की सीटें रिक्त रह गयी हैं। कॉमर्स में नामांकन को विद्यार्थी ही नहीं मिले। भोजपुर जिले के एसबी, एचडी जैन कॉलेज जैसे अंगीभूत कॉलेजों की सीटें तो भर गयी हैं, लेकिन शाहपुर स्थित श्री त्रिदंडी देव राजकीय डिग्री कॉलेज सहित कुछ अंगीभूत कॉलेजों की सीटें खाली रह गयी हैं। इसके अलावा भोजपुर के आठ संबद्ध कॉलेजों में भी कॉमर्स में सीटें रिक्त हैं। भोजपुर, रोहतास, बक्सर और कैमूर जिलों के कॉलेजों में कॉमर्स संकाय में सात हजार सीटें रिक्त रह गयी हैं। संबद्ध कॉलेजों में प्रमुख विषयों में भी सीटें रहीं खाली स्नातक एडमिशन के दौरान विवि के संबद्ध कॉलेजों में इतिहास, रसायन, भौतिकी,राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, भूगोल, अर्थशास्त्र सहित अन्य विषयों में भी सीट खाली रह गयी हैं। किसी कॉलेज में दहाई और किसी कॉलेज में सैकड़ों में सीटें खाली हैं। मालूम हो कि संबद्ध कॉलेजों में दाखिला लेने से विद्यार्थी कटते नजर आये। इधर, कुछ विद्यार्थियों ने स्पॉट में दूरदराज वाले संबद्ध कॉलेजों में नामांकन लेने से परहेज किया, जबकि छात्राओं ने संबद्ध कॉलेजों में शुल्क लगने के कारण एडमिशन नहीं लिया। इन विषयों में रुचि नहीं होने से सीटें रहीं रिक्त नामांकन के दौरान उर्दू, प्राकृत, पाली, भोजपुरी, प्राचीन इतिहास, म्यूजिक, ग्रामीण अर्थशास्त्र, एलएसडब्लू, बांग्ला और मानव विज्ञान आदि विषयों में नामांकन को ले विद्यार्थी ही नहीं मिल पाये। क्या कहते हैं अधिकारी नियमित क्लास संचालित कर सिलेबस पूरा करने का निर्देश कॉलेजों को दिया गया है। आंतरिक परीक्षा के बाद इस वर्ष के अंत में सेमेस्टर वन की परीक्षा भी समय पर ली जायेगी। बताया कि बार-बार तिथि बढ़ाये जाने के बाद भी विद्यार्थी नहीं मिले। इस कारण एडमिशन बंद कर दिया गया। बताया कि इस सत्र में भी रिकॉर्ड एडमिशन हुआ है। डॉ केके सिंह, छात्र कल्याण अध्यक्ष वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा

