हथकड़ी सहित कैसे भाग गया मर्डर, लूट और डकैती का आरोपी, दारोगा और 6 सिपाही निलंबित; पुलिसवालों पर FIR

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हथकड़ी सहित कैसे भाग गया मर्डर, लूट और डकैती का आरोपी, दारोगा और 6 सिपाही निलंबित; पुलिसवालों पर FIR

हथकड़ी सहित कैसे भाग गया मर्डर, लूट और डकैती का आरोपी, दारोगा और 6 सिपाही निलंबित; पुलिसवालों पर FIR

कुख्यात सोना लुटेरा सुबोध सिंह का दाहिना हाथ प्रिंस कुमार उर्फ अभिजीत कुमार सिपाहियों के सामने ही आसानी से हथकड़ी सहित फरार हो गया। यह वाक्या सोमवार की देर रात 12 बजे का है। इस मामले में डीआईजी सह एसएसपी राजीव मिश्रा ने आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इनमें दो दारोगा और छह सिपाही शामिल हैं। वहीं, दो सिपाहियों पर पीरबहोर थाने में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों सिपाहियों में रंजन पासवान और सुबोध पासवान शामिल हैं।

इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा एसपी लॉ एंड ऑर्डर संजय कुमार को दिया गया है। इधर, प्रिंस के भागने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उस पर सोना लूट, डकैती और हत्या सहित दो दर्जन से अधिक संगीन मामले बिहार के अलग-अलग थानों और दूसरे राज्यों में दर्ज हैं। प्रिंस के भागने के बाद पुलिस की जांच की आंच जेल प्रशासन के अधिकारियों तक भी पहुंच गई है। प्रिंस को अस्पताल भेजने को लेकर जेल प्रशासन के अफसरों व डॉक्टर की भूमिका की जांच होगी।

कुख्तात प्रिंस सहित दो रुक गए थे अस्पताल में

बेऊर जेल से सोमवार को छह बंदी इलाज कराने पीएमसीएच आए थे। इनकी सुरक्षा में आठ पुलिसकर्मी तैनात थे। छह में से चार बंदी इलाज कराने के बाद वापस जेल चले गये। उनके साथ छह पुलिसकर्मी थे। दूसरी तरफ प्रिंस और एक अन्य बंदी को लेकर सिपाही सुबोध पासवान और रंजन पासवान पीएमसीएच में घूम रहे थे। रात के साढ़े 11 बजे प्रिंस ने खाना खाने की बात कही तो दोनों सिपाही उसे लेकर भिखना पहाड़ी स्थित एक होटल में चले गये। उसी जगह से प्रिंस सिपाहियों को चकमा देकर फरार हो गया। जबकि उसके साथ मौजूद एक और बंदी वहीं था।

अस्पताल से भागने की पटकथा पहले ही लिख चुका था प्रिंस

अस्पताल से भागने की पटकथा प्रिंस पहले ही लिख चुका था। इलाज महज एक बहाना था। सूत्रों की मानें तो प्रिंस ने पहले से अस्पताल में अपने साथियों को बुला रखा था। साजिश के तहत वह अन्य चार बंदियों के साथ वापस बेऊर जेल नहीं लौटा। उसने सिपाहियों को अपने साथ मिला लिया और रात तक अस्पताल में ही घूमता रहा। इसके बाद खाना खाने के बहाने प्रिंस सिपाहियों को लेकर बाहर निकला। उसके गुर्गे भी साथ में मौजूद थे। मौका हाथ लगते ही प्रिंस हथकड़ी सहित फरार हो गया। उसके साथियों ने भी भागने में उसकी मदद की। सवाल यह है कि जब सभी जवान अन्य चार बंदियों को लेकर वापस जेल चले गए तो ये दोनों सिपाही प्रिंस सहित दो के साथ अस्पताल में ही क्यों ठहरे थे?

बार-बार पीएमसीएच आता था

प्रिंस बार-बार पीएमसीएच इलाज के बहाने आता था। पिछले दो माह में वह कई बार यहां आ चुका था। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि उसे पीएमसीएच भेजने में जेल प्रशासन ने सही प्रक्रिया का पालन किया है या नहीं। हालांकि बेऊर जेल प्रशासन ने भी अपनी ओर से प्रिंस के भागने और इस संबंध में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।

दोपहर तीन बजे सिपाहियों ने भाग जाने की दी खबर

प्रिंस के भाग जाने की खबर दोनों सिपाहियों ने दोपहर के तीन बजे पीरबहोर थाने की पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस अफसरों ने पूरे मामले की जांच शुरू की। तफ्तीश की सूई आगे बढ़ी तो दोनों सिपाहियों की मिलीभगत सामने आने लगी, जबकि बाकी के छह पुलिसकर्मियों का कमान भी इन्हीं सिपाहियों के साथ था, लेकिन सभी चार बंदियों को लेकर जेल चले गए और दोनों सिपाहियों और दो बंदी को पीएमसीएच में ही छोड़ दिया। इस कारण उन्हें भी सस्पेंड किया गया है।

यह बेहद गंभीर मामला है। एसपी लॉ एंड ऑर्डर इसकी जांच कर रहे हैं। फिलहाल दो दारोगा समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। दो सिपाही गिरफ्तार हैं, जिन पर केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में जेल के अधिकारियों की भूमिका की जांच भी पटना पुलिस करेगी। किन परिस्थतियों में कई बार इसे अस्पताल भेजा गया, इसकी भी जांच होगी। -राजीव मिश्रा, डीआईजी सह एसएसपी

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