पीएमश्री योजना के तहत जिले के 99 स्कूलों का हुआ चयन
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हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव :
पीएमश्री योजना के तहत जिले के 99 स्कूलों का हुआ चयन
स्कूलों के किये गये ऑनलाइन आवेदन के आधार हुआ चयन
हर प्रखंड के दो-दो स्कूलों का अंतिम रूप से होगा चयन
संबंधित एचएम ने 15 मई तक पोर्टल पर किया था ऑनलाइन आवेदन
आधुनिक कम्प्यूटर लैब, साइंस लैब, गणित लैब व अन्य सुविधाओं से स्कूल होगा लैस
फोटो :
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सोसंदी स्कूल : रहुई प्रखंड का सोसंदी स्कूल, जिसका किया गया है चयन।
बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान संवाददाता।
जिले के 99 सरकारी स्कूलों को पीएमश्री योजना के तहत चयन किया गया है। पीएमश्री विद्यालयों में चयन के लिए निदेशालय ने नालंदा जिले के 405 विद्यालयों की सूची उपलब्ध करायी थी। संबंधित एचएम को 15 मई तक चैलेंज पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने का आदेश दिया था। जिलास्तरीय अनुश्रवण समिति द्वारा अनुशंसा कर सूची विभाग को भेजी गयी है। नोडल के रूप में समग्र शिक्षा डीपीओ को नामित किया गया था।
समग्र शिक्षा डीपीओ राजन कुमार गिरि ने बताया कि प्रत्येक प्रखंडों में दो-दो स्कूलों का अंतिम रूप से चयन करने की सरकार की योजना है। चयनित स्कूलों को आधुनिक कम्प्यूटर लैब, साइंस लैब, गणित लैब व व सुसज्जित पुस्तकालय से लैस होगा। बच्चों के कौशल विकास पर भी फोकस किया जाएगा।
नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार पीएमश्री विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा को समानता के साथ आनंदमय माहौल में शिक्षण कार्य कराया जाएगा। अन्य स्कूलों के लिए ये स्कूल आदर्श विद्यालय के रूप में विसकित होगा। रैन वाटर, हार्वेस्टिंग, सौर उर्जा, ठोस व द्रव्य अपशिष्ट, जैविक खेती, प्लास्टिक मुक्त व अन्य अवधारणाओं को विकसित किया जाएगा। इन स्कूलों को केन्द्रीय विद्यालयों की तर्ज पर विकसित करने की सोच बनायी गयी है। हालांकि, पहले चरण में हर प्रखंड के दो स्कूलों को शर्तों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। यह प्रयोग सफल रहा तो अन्य स्कूलों का विकास भी इस तर्ज पर किया जाएगा।
इन गांवों के मिडिल स्कूलों का हुआ चयन :
मोरातालब, जगदीशपुर-तियारी, कपसियावां, सब्बैत, हरनौत, तेलमर, भतहर, नगरनौसा, गोनावां, सोनसा-गोविंदपुर, इसुआ, मेयार, तुंगी, बेलछी, चकदीन, नूरसराय, अमनावां, चेरो, पावा, बढ़ौना, करायपसुराय, पचौरा, कोलावां, इंदौत, बसनियावां, कोनंद मध्य विद्यालय, योगीपुर, अस्थावां, मुढ़ारी, हवनपुरा, दोसुत, विक्रमपुर-मई, बादी-घोसी, सिरसिया बिगहा, आदमपुर, उतरा, बेरथू, नेपुरा, सलेमपुर, सोसंदी, धर्मपुर, इचहोस, लारनपुर, सदरपुर, मकरौता, अंदी, इस्लामपुर, नानंद, तुलसीबिगहा, तारापुर, माधोपुर, अतवल बिगहा, हुसैनी, चिकसौरा, बादी, तुलसीगढ़, बरारा, बंगपुर, महलपर उर्दू स्कूल, डीहा, बिंद, मीरनगर, शंकरडीह, नरारी।
इन गांवों के प्राइमरी स्कूलों का हुआ चयन:
प्यारेपुर एससी टोला, सोनावां, सरबहदी, गंगाबिगहा, पोरई, माधोपुर, बेलदरिया ईस्ट व बेस्ट, सिलाव के कदमतर, अकबरपुर, ताराबिगहा, चांदपुर, सरमेरा, लढ़ुहारी, बेलदारी, ब्रह्मोग, सेंदौरा, मुसहरी, ग्यासपुर, कुंड़वापर, मरांची, बढ़ौना, सरथुआ-खुर्द, कतलपुरा, बड़ीमठ, गांधीनगर, हुड़ारी।
यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
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पीएमश्री योजना के तहत जिले के 99 स्कूलों का हुआ चयन
स्कूलों के किये गये ऑनलाइन आवेदन के आधार हुआ चयन
हर प्रखंड के दो-दो स्कूलों का अंतिम रूप से होगा चयन
संबंधित एचएम ने 15 मई तक पोर्टल पर किया था ऑनलाइन आवेदन
आधुनिक कम्प्यूटर लैब, साइंस लैब, गणित लैब व अन्य सुविधाओं से स्कूल होगा लैस
फोटो :
सोसंदी स्कूल : रहुई प्रखंड का सोसंदी स्कूल, जिसका किया गया है चयन।
बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान संवाददाता।
जिले के 99 सरकारी स्कूलों को पीएमश्री योजना के तहत चयन किया गया है। पीएमश्री विद्यालयों में चयन के लिए निदेशालय ने नालंदा जिले के 405 विद्यालयों की सूची उपलब्ध करायी थी। संबंधित एचएम को 15 मई तक चैलेंज पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने का आदेश दिया था। जिलास्तरीय अनुश्रवण समिति द्वारा अनुशंसा कर सूची विभाग को भेजी गयी है। नोडल के रूप में समग्र शिक्षा डीपीओ को नामित किया गया था।
समग्र शिक्षा डीपीओ राजन कुमार गिरि ने बताया कि प्रत्येक प्रखंडों में दो-दो स्कूलों का अंतिम रूप से चयन करने की सरकार की योजना है। चयनित स्कूलों को आधुनिक कम्प्यूटर लैब, साइंस लैब, गणित लैब व व सुसज्जित पुस्तकालय से लैस होगा। बच्चों के कौशल विकास पर भी फोकस किया जाएगा।
नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार पीएमश्री विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा को समानता के साथ आनंदमय माहौल में शिक्षण कार्य कराया जाएगा। अन्य स्कूलों के लिए ये स्कूल आदर्श विद्यालय के रूप में विसकित होगा। रैन वाटर, हार्वेस्टिंग, सौर उर्जा, ठोस व द्रव्य अपशिष्ट, जैविक खेती, प्लास्टिक मुक्त व अन्य अवधारणाओं को विकसित किया जाएगा। इन स्कूलों को केन्द्रीय विद्यालयों की तर्ज पर विकसित करने की सोच बनायी गयी है। हालांकि, पहले चरण में हर प्रखंड के दो स्कूलों को शर्तों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। यह प्रयोग सफल रहा तो अन्य स्कूलों का विकास भी इस तर्ज पर किया जाएगा।
इन गांवों के मिडिल स्कूलों का हुआ चयन :
मोरातालब, जगदीशपुर-तियारी, कपसियावां, सब्बैत, हरनौत, तेलमर, भतहर, नगरनौसा, गोनावां, सोनसा-गोविंदपुर, इसुआ, मेयार, तुंगी, बेलछी, चकदीन, नूरसराय, अमनावां, चेरो, पावा, बढ़ौना, करायपसुराय, पचौरा, कोलावां, इंदौत, बसनियावां, कोनंद मध्य विद्यालय, योगीपुर, अस्थावां, मुढ़ारी, हवनपुरा, दोसुत, विक्रमपुर-मई, बादी-घोसी, सिरसिया बिगहा, आदमपुर, उतरा, बेरथू, नेपुरा, सलेमपुर, सोसंदी, धर्मपुर, इचहोस, लारनपुर, सदरपुर, मकरौता, अंदी, इस्लामपुर, नानंद, तुलसीबिगहा, तारापुर, माधोपुर, अतवल बिगहा, हुसैनी, चिकसौरा, बादी, तुलसीगढ़, बरारा, बंगपुर, महलपर उर्दू स्कूल, डीहा, बिंद, मीरनगर, शंकरडीह, नरारी।
इन गांवों के प्राइमरी स्कूलों का हुआ चयन:
प्यारेपुर एससी टोला, सोनावां, सरबहदी, गंगाबिगहा, पोरई, माधोपुर, बेलदरिया ईस्ट व बेस्ट, सिलाव के कदमतर, अकबरपुर, ताराबिगहा, चांदपुर, सरमेरा, लढ़ुहारी, बेलदारी, ब्रह्मोग, सेंदौरा, मुसहरी, ग्यासपुर, कुंड़वापर, मरांची, बढ़ौना, सरथुआ-खुर्द, कतलपुरा, बड़ीमठ, गांधीनगर, हुड़ारी।
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