नीट में धांधली के तार पटना के एक हॉस्टल से जुड़े, एसआईटी की जांच जारी

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नीट में धांधली के तार पटना के एक हॉस्टल से जुड़े, एसआईटी की जांच जारी

नीट में धांधली के तार पटना के एक हॉस्टल से जुड़े, एसआईटी की जांच जारी

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नीट में हुई धांधली के तार पटना के एक हॉस्टल से जुड़ रहे हैं। पटना पुलिस की टीम ने खेमनीचक स्थित जिस हॉस्टल में छापेमारी की थी, वहां एक बाइक खड़ी दिखी। उस बाइक पर पीरबहोर थाना इलाके में स्थित उसी हॉस्टल का नाम लिखा था, जिसमें रहने वाले कुछ छात्रों का संबंध भी नीट में हुई धांधली से है। फरार चल रहे संजीव और रौकी का नाता उसी हॉस्टल से रहा है।

पुलिस ने जब रामकृष्णानगर के खेमनीचक स्थित हॉस्टल के सामने लगी बाइक के बारे में गिरफ्तार नीतीश और अमित आनंद से पूछा तो उन्होंने बताया कि बाइक उनके ही एक साथी की है। जब पुलिस खेमनीचक स्थित हॉस्टल के सामने गई तो बाइक नहीं मिली। आरोपित के साथी उसे ले गये थे। उस हॉस्टल के लड़कों का नाम पहले भी कई धांधली में आ चुका है। 17 मोबाइल नंबरों की हो रही पड़ताल एसआईटी 17 मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है। सभी नंबरों के तार फरार माफिया संजीव सिंह और उसके गुर्गे रौकी से जुड़े हैं। इनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। इनका लोकेशन नीट के दौरान कहां था यह भी जांच की जा रही है।

यूपी पुलिस की परीक्षा में भी धांधली कर चुका है संजीव:

नीट में धांधली करने वाला गिरोह यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में भी गड़बड़ी कर चुका है। संजीव के बेटे के साथ रहने वाला शुभम मंडल इसी मामले में उत्तरप्रदेश की मेरठ जेल में बंद है। उत्तरप्रदेश एसटीएफ की मेरठ इकाई ने बीते मार्च के महीने में डॉ. शुभम मंडल को दानापुर के आदर्श कॉलोनी स्थित मंडल हाउस से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह प्रश्नपत्र लीक करने के लिए पांच और आठ फरवरी को फ्लाइट से गुजरात के अहमदाबाद गया था। पुलिस टीम ने इसी गड़बड़ी में नोएडा के रहने वाले रवि अत्री, राजीव नयन, प्रयागराज निवासी अंकित मिश्रा और हरियाणा के रहने वाले दिल्ली पुलिस के हवलदार विक्रम पहल को दबोचा था। इन तीनों की गिरफ्तारी के बाद शुभम का नाम सामने आया था।

संजीव कुमार के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले:

पटना पुलिस की विशेष टीम मंगलवार को नूरसराय उद्यान महाविद्यालय पहुंची। वहां के तकनीकी सहायक संजीव कुमार से संबंधित कागजात खंगाले। प्रभारी प्राचार्य के साथ ही एकाउंटेंट से संजीव कुमार से संबंधित दस्तावेज मांगे। सर्विस बुक की छाया प्रति के साथ ही संपत्ति का लेखा-जोखा विवरणी मांगी। ईओयू के कुछ पदाधिकारी भी साथ थे। टीम को कोई खास जानकारी नहीं मिली। लेकिन, सर्विस बुक की छायाप्रति व ग्रेड-पे की जानकारी मिली। बताया गया कि संजीव कुमार 4200 वाले ग्रेड-पे पर कॉलेज में तैनात हैं। उन्हें एक लाख के अंदर वेतन मिल रहा होगा। टीम में ईओयू के इंस्पेक्टर विनय कृष्ण और राजीव कुमार भी शामिल रहे। मामले में शास्त्रीनगर थाने में मामला दर्ज है। 

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