DU Admission: DU में दाखिले का इंतजार, कई स्टूडेंट्स ने दूसरे कॉलेज में लिया एडमिशन h3>
शालीमार बाग में रहने वालीं त्विशा अग्रवाल कहती हैं, एडमिशन प्रोसेस तीन फेज में है, जिसमें टाइम लगेगा। अभी बस CUET के रिजल्ट का इंतजार है। डीयू से बीएमएस करना चाहती हूं मगर एडमिशन होगा या नहीं, यह पक्का नहीं। मैंने सिम्बॉयसिस यूनिवर्सिटी, नोएडा में एडमिशन ले लिया है, 1.8 लाख फीस भरी है। अभी घर से ही जा रही हूं मगर आगे अगर हॉस्टल या पीजी ले सकती हूं। मगर मैं चाहती हूं कि डीयू में एडमिशन हो। एडमिशन मिलता है तो यहां कैंसल करना होगा और पैसों का नुकसान भी होगा।
रोहिणी में रहने वाले सिमरन जोशी कहती हैं, मुझे मालूम नहीं कि सीयूईटी का रिजल्ट कैसा आएगा। 6 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने अप्लाई किया है, तो कुछ नहीं कह सकते। मैं जियोग्राफी ऑनर्स करना चाहती हूं। सीट कहीं ना कहीं तो पक्की करनी होगी और मुझे फीस के लिहाज से भी देखना है इसलिए कुमाऊं यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले रही हूं ताकि साल बर्बाद ना करने पड़े। बिहार के सीतामणि से स्टूडेंट प्रतीक कुमार कहते हैं, डीयू से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स करना करना चाहता हूं। दिल्ली से ही पढ़ना चाहता हूं ताकि आगे यूपीएससी की तैयारी भी सके। मगर बिहार में ही बैकअप प्लान भी देख रहा हूं। कई सेंट्रल यूनिवर्सिटी भरी हैं मगर सीयूईटी की वजह से सभी में इंतजार करना पड़ेगा।
‘पैनिक ना हों स्टूडेंट्स’
डीयू की डीन एडमिशंस प्रो हनीत गांधी कहती हैं, एडमिशन प्रोसेस में कोई उलझन नहीं है, स्टूडेंट्स को पैनिक नहीं होना चाहिए। सीयूईटी अच्छा हुआ है तो एडमिशन का चांस भी अच्छा होगा। यह कटऑफ सिस्टम के मुकाबले स्टूडेंट्स के लिए आसान है। 10 अक्टूबर से हम एडमिशन करने लगेंगे इसलिए बच्चे धैर्य रखें, उन्हें नुकसान नहीं होगा। हम अगले हफ्ते से एडमिशन प्रोसेस को लेकर वेबिनार सीरीज शुरू कर रहे हैं, हर उलझन दूर कर दी जाएगी। सीयूईटी के तहत कई यूनिवर्सिटी/इंस्टिट्यूट हैं, उन्हें कहीं ना कहीं एडमिशन मिलेगा।
सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एडमिशन अगले महीने होंगे, वहीं प्राइवेट और स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई दो-तीन महीने आगे हैं और इनमें पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को डीयू में ट्रांसफर होने के बाद एक और नया सिलेबस पढ़ना पढ़ेगा। फीस फंसने की दिक्कत पर यूजीसी ने सभी संस्थाओं को कहा है कि अगर जो स्टूडेंट 31 अक्टूबर से पहले दाखिला कैंसिल करवाता है तो उसे पूरी फीस वापस दी जाए। 21 जनवरी से पहले करवाता है, तो हजार रुपये काटकर फीस वापस दी जाए। मगर पैरंट्स का कहना है कि प्राइवेट इंस्टिट्यूट फीस वापस करने में काफी दिक्कत करते हैं, ऐसे में यह प्रक्रिया लंबी होगी। साथ ही, हॉस्टल, पीजी, ट्रांसपोर्ट, किताबों जैसे कई चार्ज वापस नहीं मिलेगे।

