हैजा के टीके की खोज किसने और कब की थी ? ( Who discovered cholera vaccine and when? )
वर्तमान समय में हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जिनमें से काफी का वैज्ञानिकों ने इलाज ढूंढ लिया तथा कुछ का इलाज ढूंढने के लिए प्रयासरत है. इनमें से काफी बीमारियां ऐसी भी हैं, जो वर्तमान समय में तो हमें ज्यादा प्रभावित नहीं करती हैं. लेकिन जब ये पहली बार पहचान में आई तब इनका मानव जाति पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव पड़ा. इसी कारण लोगों के मन में बीमारियों के इतिहास से संबंधित कई तरह के सवाल पैदा होते हैं. इसी तरह का एक सवाल जो आमतौर पर लोगों के मन में आता है कि हैजा के टीके की खोज किसने और कब की थी ? अगर आपके मन में भी ऐसा ही सवाल है, तो इस पोस्ट में इसी सवाल का जवाब जानते हैं.
हैजा क्या होता है ?
किसी भी बीमारी के टीके की खोज के बारे में जानने से पहले हमारे लिए यह जानना आवश्यक है कि आखिर हम जिस बीमारी के टीके की बात कर रहे हैं, वह बीमारी क्या है. हैजा एक संक्रामक रोग होता है. इसकी वजह से हमें गंभीर दस्त की समस्या भी हो सकती है. इसकी वजह से जल का निर्जलीकरण भी हो सकता है. वैसे इससे पीड़ित 10 लोगों में से एक में ही यह गंभीर रूप लेता है. यह बीमारी होने के बाद से तथा इसके लक्षण दिखाई देने में आमतौर पर 2 से 3 दिन का समय लग सकता है. अगर इस बीमारी के लक्षणों की बात करें, तो इसकी वजह से अत्यधिक पतला मल , उल्टी आना , अत्यधिक प्यास लगना इत्यादी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
हैजा के टीके की खोज किसने और कब –
अगर हैजा के टीके की बात करें, तो वैसे तो आपको सर्च करने पर इसके लिए कई नाम मिल जाएगे. लेकिन Waldemar Haffkine ने 1892 ई. में कम गंभीर दुष्प्रभाव वाला टीका विकसित किया. इसके बाद में 1893 ई. से लेकर 1896 ईं. तक कलकत्ता के क्षेत्र में 40 हजार से अधिक लोगों पर इस टीके का परीक्षण किया गया. उनके द्वारा निर्मित इस टीके को चिकित्सा समुदाय द्वारा अपनाया गया. इसके साथ ही इसे पहला प्रभावी मानव हैजा का टीका होने का श्रेय दिया.
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हैजा होने के मुख्य कारणों की बात करें, तो दुषित भोजन या दुषित पानी पीने के वजह से हम इससे संक्रमित हो सकते हैं. इससे बचने के लिए हम कुछ उपाय भी अपना सकते हैं. जब भी हम हैजा से ग्रस्त इलाकों में जाते हैं, तो हमें टीकाकरण जरूर करवाना चाहिएं. जहां पर ठहरा हुआ गंदा पानी है, वहां पर नहीं रहना चाहिए. फल या सब्जियों को खाने से पहले अच्छी तरह से साफ पानी से धोना चाहिएं. पानी पीने से पहले उसको अच्छे से उबालकर पीने संभव हो तो वह बहुत अच्छा होता है. जब हम पानी को उबालते हैं, तो उसके अंदर के कीटाणु मर जाते हैं तथा पानी शुद्ध हो जाता है.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. News4social इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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