ट्विटर पर ही छिड़ी Twitter के लिए जंग, एक खेमा ‘बैन’ के साथ तो दूसरा विरोध में खड़ा हुआ h3>
माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर Twitter को ही बैन करने की मांग उठाई जा रही है। जहां कई लोग इसके पक्ष में हैं तो कई इसका विरोध कर रहे हैं। इसके लिए दो हैश टैग #BanTwitterInIndia और #StandWithTwitterIndia का इस्तेमाल हो रहा है।
सोमवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ट्वीटर के ऑफिस में छापा मारा था। इसके पहले ट्विटर ने भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के एक ट्वीट को मैनिपुलेटेड मीडिया करार दिया था। यह ट्वीट पात्रा ने 18 मई को किया था। इसमें एक टूलकिट का हवाला दिया गया था। इसके जरिये उन्होंने कांग्रेस पर कई आरोप लगाए थे। पात्रा ने दावा किया था कि कांग्रेस टूलकिट के माध्यम से पीएम मोदी की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।
इसके बाद ट्विटर पर ही माइक्रोब्लॉगिंग साइट को बैन करने के पक्ष में और इसके विरोध में दो खेमे बन गए। यह ट्रेंड ऐसे समय चला है जब सोशल मीडिया कंपनियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए सरकार के नए दिशानिर्देशों को पूरा करना है। इसकी समयसीमा 25 मई को खत्म हो रही है। इस बीच एक फर्जी खबर उड़ी कि आज आधी रात से ट्विटर बंद हो जाएगा। इसे लेकर लोगों ने खूब मजा लिया।
नए नियमों की घोषणा फरवरी में की गई थी। इनके तहत सोशल मीडिया प्लेफॉर्म्स मसलन ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हॉट्सएप को अतिरिक्त जांच-परख को पूरा करना होगा। साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों को मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल संपर्क कर्मी और निवासी शिकायत निपटान अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी।
पहले दिन से करना है नियमों का पालन
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि नियमों के अस्तित्व में आने के बाद पहले दिन से शिकायत के समाधान के लिए अधिकारी की नियुक्ति सबसे महत्वपूर्ण जरूरत है। इन नियमों का अनुपालन नहीं करने पर सोशल मीडिया कंपनियां मध्यवर्ती का दर्जा गंवा देंगी। इसके तहत सोशल मीडिया कंपनियों को उनके द्वारा तीसरे पक्ष की सूचना और ब्योरे की ‘होस्टिंग’ के लिए दायित्व से छूट मिलती है।
फेसबुक ने कर ली है तैयारी
फेसबुक के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बयान में कहा, ‘हमारा मकसद आईटी नियमों के प्रावधानों का अनुपालन करना है। साथ ही हम उन मुद्दों पर सरकार से चर्चा जारी रखेंगे, जिनके लिए और बातचीत करने की जरूरत है। हम परिचालनगत प्रक्रियाओं के क्रियान्वयन के लिए काम कर रहे हैं।’
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प्रवक्ता ने कहा कि फेसबुक इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि लोग हमारे मंच के जरिये मुक्त और सुरक्षित तरीके से अपने विचार व्यक्त कर सकें। हालांकि, कंपनी ने इस बारे में और ब्योरा नहीं दिया।
क्या कहते हैं नए नियम?
सरकार ने 25 फरवरी को सोशल मीडिया कंपनियों के लिए कड़े नियमों की घोषणा की थी। इसके तहत कंपनियों को किसी भी कंटेंट पर प्राधिकरण की ओर से चिंता जताए जाने पर उसे 36 घंटे में हटाना होगा। साथ ही एक मजबूत शिकायत निपटान प्रणाली स्थापित करनी होगी। शिकायत निपटान अधिकारी देश में ही बैठेगा।
(भाषा के इनपुट के साथ)
इसके बाद ट्विटर पर ही माइक्रोब्लॉगिंग साइट को बैन करने के पक्ष में और इसके विरोध में दो खेमे बन गए। यह ट्रेंड ऐसे समय चला है जब सोशल मीडिया कंपनियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए सरकार के नए दिशानिर्देशों को पूरा करना है। इसकी समयसीमा 25 मई को खत्म हो रही है। इस बीच एक फर्जी खबर उड़ी कि आज आधी रात से ट्विटर बंद हो जाएगा। इसे लेकर लोगों ने खूब मजा लिया।
नए नियमों की घोषणा फरवरी में की गई थी। इनके तहत सोशल मीडिया प्लेफॉर्म्स मसलन ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हॉट्सएप को अतिरिक्त जांच-परख को पूरा करना होगा। साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों को मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल संपर्क कर्मी और निवासी शिकायत निपटान अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी।
पहले दिन से करना है नियमों का पालन
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि नियमों के अस्तित्व में आने के बाद पहले दिन से शिकायत के समाधान के लिए अधिकारी की नियुक्ति सबसे महत्वपूर्ण जरूरत है। इन नियमों का अनुपालन नहीं करने पर सोशल मीडिया कंपनियां मध्यवर्ती का दर्जा गंवा देंगी। इसके तहत सोशल मीडिया कंपनियों को उनके द्वारा तीसरे पक्ष की सूचना और ब्योरे की ‘होस्टिंग’ के लिए दायित्व से छूट मिलती है।
फेसबुक ने कर ली है तैयारी
फेसबुक के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बयान में कहा, ‘हमारा मकसद आईटी नियमों के प्रावधानों का अनुपालन करना है। साथ ही हम उन मुद्दों पर सरकार से चर्चा जारी रखेंगे, जिनके लिए और बातचीत करने की जरूरत है। हम परिचालनगत प्रक्रियाओं के क्रियान्वयन के लिए काम कर रहे हैं।’
प्रवक्ता ने कहा कि फेसबुक इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि लोग हमारे मंच के जरिये मुक्त और सुरक्षित तरीके से अपने विचार व्यक्त कर सकें। हालांकि, कंपनी ने इस बारे में और ब्योरा नहीं दिया।
क्या कहते हैं नए नियम?
सरकार ने 25 फरवरी को सोशल मीडिया कंपनियों के लिए कड़े नियमों की घोषणा की थी। इसके तहत कंपनियों को किसी भी कंटेंट पर प्राधिकरण की ओर से चिंता जताए जाने पर उसे 36 घंटे में हटाना होगा। साथ ही एक मजबूत शिकायत निपटान प्रणाली स्थापित करनी होगी। शिकायत निपटान अधिकारी देश में ही बैठेगा।
(भाषा के इनपुट के साथ)

