रांची: महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री और एनसीपी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा है कि केंद्र की सत्ता बीजेपी के हाथ में आने के बाद देश में सांप्रदायिक जहर बढ़ा है. दिल्ली की सीमा पर किसान आंदोलन (Farmer’s Protest) कर रहे हैं. प्रधानमंत्री को विदेश जाने की फुर्सत है, पश्चिम बंगाल (West Bengal) जाने की फुर्सत है, लेकिन उनके पास केवल 20 किलोमीटर दूर बैठे किसानों से मिलने की फुर्सत नहीं है.
पार्टी के मंच से साधा निशाना
रांची के हरमू ग्राउंड में पार्टी के कार्यक्रम में जनसभा संबोधित करते हुए पवार ने कई मसलों पर केंद्र की बीजेपी सरकार को घेरा. किसानों की बात आगे बढ़ाते हुए पवार ने कहा, ‘जब मैं मंत्री था तब हमने कृषि कमेटी से सुझाव मंगाए थे. तब जाकर बात आगे बढ़ी. लेकिन मोदी सरकार ने बिना राज्य की सरकारों से बात किए नए कानून लागू कर दिए. ये गंभीर चिंता का विषय बन गया है. सरकार में बैठे लोगों को किसानों से बात करके रास्ता निकलना होगा. हम यानी जो विपक्ष में बैठे हैं उन्हें भी सोचना होगा, हम अनदेखी नहीं कर सकते क्योंकि ये ज्वलंत मुद्दा हमारे सामने है.’
‘ममता को मदद की जरूरत’
शरद पवार ने कहा, ‘बंगाल में एक महिला जनता का समर्थन लेकर चुनाव में आगे बढ़ी है. पीएम हो या गृहमंत्री सब मिलकर विपक्ष के खिलाफ हुकूमत का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश में हैं. जिस तरह ममता पर पूरी ताकत से प्रहार हो रहा है, ऐसे में उन्हें सहायता देने की जरूरत है. बंगाल की जनता ममता बनर्जी के साथ खड़ी है.’
शरद पवार ने ये भी कहा कि केंद्र की सत्ता में मौजूद बीजेपी बंगाल में चुनाव जीतने के लिए कुछ लोगों को आगे करके रणनीति बना रही है. महाराष्ट्र में ओवैसी को आगे करके अल्पसंख्यक वोटों का बंटवारा किया बंगाल में भी यही सब हो रहा है.
(इनपुट- एएनआई से)
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