नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने वर्ष 2017 के एक मामले में शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसमें पूछा गया है कि सेना (Indian Army) की गई गोलीबारी में मारे गए एक निर्दोष नागरिक के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजा क्यों नहीं दिया जाना चाहिए.
4 हफ्ते में देना होगा जवाब
आयोग ने चार सप्ताह में नोटिस का जवाब मांगा है. आयोग (Human Rights) की तरफ से जारी एक बयान में यह भी कहा गया है कि यदि रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defense) मृतक के परिवार को मुआवजे की राशि देता है तो इससे स्थानीय लोगों में सकारात्मक संदेश जाएगा और भारतीय सेना की विश्वसनीयता बढ़ेगी.
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क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश में 14-15 जून 2017 के बीच चांगलांग जिले के नान्तोक सर्कल में नक्सलियों के खिलाफ एक अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान सेना की 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज टुकड़ी ने बिना सूचना दिए गोलीबारी शुरू कर दी थी. इस दौरान एक निर्दोष नागरिक की मौत हो गई थी. मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा था कि 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज कर्मी एक निर्दोष नागरिक की मौत के जिम्मेदार हैं.
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