बठिंडा: ट्रैक्टर परेड (Tractor Parade) के दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में हुई हिंसा के मामले में फरार गैंगस्टर लक्खा सिधाना (Lakha Sidhana) मंगलवार को पंजाब में देखा गया. यहां उसने किसानों की एक रैली को खुलेआम संबोधित किया और दिल्ली पुलिस की मदद करने की स्थिति में पंजाब पुलिस (Punjab Police) को चेतावनी दी.
दरअसल, पंजाब की कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है. इसी का फायदा उठाकर गैंगस्टर से कार्यकर्ता बने सिधाना ने पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) के पैतृक गांव में इस जनसभा का आह्वान किया था. जिसके बाद बठिंडा के मेहराज गांव में राज्य पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया.
पुलिस ने क्यों नहीं किया गिरफ्तार
लेकिन सिधाना आया, भाषण दिया और चला गया. लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया. ऐसे में जब पुलिस से पूछा गया कि लक्खा को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया तो बठिंडा रेंज के आईजी जसकरन सिंह ने कहा कि उनका काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना था. उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक हम ऐसा नहीं कर सकते थे क्योंकि हमने कोई मामला दर्ज नहीं किया था.
‘पुलिस गिरफ्तार करने आए तो उनका घेराव करें’
सभा को संबोधित करते हुए सिधाना ने कहा, ‘इसका आयोजन केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन करने के लिए किया गया है. दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा का नाम लिए बिना सिधाना ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस के कर्मी किसी को भी गिरफ्तार करने पंजाब आते हैं तो गांवों में मुनादी करें, भीड़ जमा करें और उनका घेराव करें.. उसने केंद्र पर आरोप लगाया कि वह युवाओं को गिरफ्तार कर लोगों के दिमाग में ‘डर पैदा’ करना चाहती है और उसका लक्ष्य ऐसा करके उन्हें आंदोलन से दूर करने का है.’
ये भी पढ़ें: विश्व इतिहास में शीत युद्ध क्या था ?
दिल्ली बॉर्डर पर इकट्ठा होने की अपील
सिधाना ने आगे कहा कि अगर पंजाब पुलिस राज्य के युवाओं और किसानों की गिरफ्तारी में दिल्ली पुलिस का सहयोग करती है तो इसके लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह जिम्मेदार होंगे. किसानों को आने वाले दिनों में दिल्ली बॉर्डर पर कार्यक्रम करने और युवाओं को बड़ी संख्या में प्रदर्शन स्थलों पर इकट्ठा होना है. एकजुटता हमारी सबसे बड़ी ताकत है. इस संघर्ष को सिर्फ एकता से जीता जा सकता है. वहीं सिधाना ने दलितों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की. उसने कहा कि यह आंदोलन किसी धर्म या जाति का नहीं है. यह सबकी लड़ाई है.

