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गुड़हल का फूल शंकर भगवान को क्यों नहीं चढ़ता है और क्या है इसका औषधीय गुण?

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गुड़हल का फूल शंकर भगवान को क्यों नहीं चढ़ता है और क्या है इसका औषधीय गुण?

भगवान भोलेनाथ को खुश करने के लिए आप उन्हें भांग-धतूरा और कई तरह के फूल चढ़ाते होंगे। शास्त्रों में बताया गया है कि भगवान शिव को सफेद रंग का फूल अतिप्रिय है, लेकिन सफेद रंग के सभी फूल भगवान भोलेनाथ को पसंद नहीं हैं। अगर आप अनजाने में यह फूल भगवान भोलेनाथ को चढ़ा रहे हैं तो यह समझ लीजिए कि भगवान भोलेनाथ आप पर प्रसन्न होने की बजाए नाराज भी हो सकते हैं, क्योंकि शिव पुराण में एक खास फूल को भगवान शिव की पूजा के लिए वर्जित बताया गया है।

फूलों के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। प्रत्येक देवी या देवता को सुगंधित फूल पसंद होते हैं। क्या आप जानते हैं देवी-देवताओं पर चढ़ाए जाने वाले यही फूल आपकी किस्मत बदल सकते हैं। फूल न केवल भगवान को प्रसन्न करते हैं बल्कि ग्रहों की पीड़ा से भी मुक्ति दिलाते हैं। आइए जानते हैं कौन सा फूल चढ़ाने से क्या लाभ होता है।लेकिन गुड़हल के फूल का उपयोग करना वर्जित नहीं हैं।

गुड़हल के फूल का महत्व और प्रयोग विधि
उपासना का सबसे उत्तम फूल माना जाता है गुड़हल का फूल. इस फूल में दैवीय ही नहीं तमाम औषधिय गुण भी पाए जाते हैं. आइए जानते हैं गुड़हल के फूल के महत्व और उसकी प्रयोग विधि के बारे में जो आपकी तमाम समस्याओं का समाधान कर सकता है:

  • गुड़हल का फूल बहुत ऊर्जावान माना जाता है.
  • देवी और सूर्य देव की उपासना में इसका विशेष प्रयोग होता है.
  • नियमित रूप से देवी को गुड़हल अर्पित करने से शत्रु और विरोधियों से राहत मिलती है.
  • गुड़हल का फूल डालकर सूर्य को जल अर्पित करने से सूर्य की कृपा मिलती है.
  • हर तरह की शारीरिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है.

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