जानें कैंसर से जुड़ी अहम जानकारी.

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दुनिया भर में कैंसर के वजह से लाखों लोगो को अपनी जान ग्वानी पड़ती है। कैंसर की बीमारी इतनी घातक होती है की कुछ केसेस में तो एडवांस्ड स्टेज तक आने से पहले इस बात का पता ही नहीं चलता की व्यक्ति कैंसर से ग्रसित है। आपको बता दे की हमारे शरीर में कोशिकाओं (सेल्स) का लगातार विभाजन होता रहता है और यह एक सामान्य-प्रक्रिया है। लेकिन जब शरीर के किसी खास अंग की कोशिकाओं पर शरीर के कंट्रोल से बहार हो जाता है तो वे असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं तो उसे कैंसर कहते हैं। जैसे-जैसे कैंसर ग्रस्त कोशिकाएं बढ़ती हैं, वे ट्यूमर (गांठ) के रूप में उभरती है।

आपकी अधिक जानकारी के लिए आपको बता दे हर ट्यूमर कैंसर नहीं होता है। बिनाइन ट्यूमर नॉन-कैंसरस होते हैं जबकि मेलिग्नेंट ट्यूमर को कैंसरस के तोर पर माना जाता है। बिनाइन ट्यूमर से जान को कोई खतरा नहीं होता और यह फैलता भी नहीं है। यह जिस अंग में होता है, वहीं रहता है और वहीं से इसे सर्जरी के जरिए हटा दिया जाता है। दूसरी तरफ मेलिग्नेंट ट्यूमर अपने आसपास के अंगों पर भी हमला कर कर देते हैं और उन्हें भी अपनी चपेट में धीरे -धीरे में ले लेते हैं।

साथ ही आपको यह भी बताना चाहेंगे की चीन के शोधकर्ताओं के मुताबिक PanSeer नाम का ब्लड टेस्ट 95 प्रतिशत लोगों में कैंसर का पता लगा सकता है, जिनमें पहले कभी इसके लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं. शोधकर्ता के अनुसार ब्लड टेस्ट पर आधारित डीएनएन मिथाइलेशन के जरिए पारंपरिक निदान के चार साल पहले ही पांच प्रकार के कैंसर को डिटेक्ट करने में सक्षम है। कैंसर का इलाज जतनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी करवाना चाहिए। अगर समय रहते इस बीमारी की गंभीरता को नहीं समझा गया तो इससे जान जाने का खतरा बना रहता है और कैंसर के अधिकतर मामलों में जान गई है।

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